- क्रान्तिकारी इस्पात मजदूर संघ (HMS) के प्रधान कार्यालय में सेल/बोकारो इस्पात संयंत्र के मजदूरों मांगों के समर्थन में दहाड़े महामंत्री राजेंद्र सिंह।
सूचनाजी न्यूज, बोकारो। सेल (SAIL) कर्मचारियों की नाराजगी है कि वेज एग्रीमेंट आधा अधूरा ही है। 39 माह का बकाया एरियर भुगतान नहीं किया जा रहा है। नाइट शिफ्ट एलाउंट आदि पर फैसला नहीं हो रहा है। इसी गुस्से की झलक बोकारो स्टील प्लांट (Bokaro Steel Plant) में देखने को मिलेगी। एनजेसीएस (NJCS) मीटिंग जल्द बुलाने और कर्मचारियों को उनका हक देने की मांग की जा रही है।
क्रान्तिकारी इस्पात मजदूर संघ (HMS) के प्रधान कार्यालय में सेल/बोकारो इस्पात संयंत्र के मजदूरों मांगों के समर्थन में यूनियन द्वारा 9 अगस्त को अधिशासी निदेशक (संकार्य) कार्यालय पर विराट प्रदर्शन के मद्देनजर एक प्रेस कांफ्रेंस की गई। एचएमएस के महामंत्री सह-सदस्य एनजेसीएस राजेंद्र सिंह ने कहा कि लगभग पांच वर्ष के लम्बे इंतजार के बाद सेल के मजदूरों के वेज रिवीजन का MOU हुआ, उसके बाद इतने दिन बीत जाने के बाद भी अभी तक वेज रिवीजन को पूर्ण रूप से अमली जामा नहीं पहनाया जा सका है,जो बेहद निन्दनीय है।
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राजेंद्र सिंह ने कहा कि और ऐसा सेल के इतिहास में पहली बार हुआ है। आज भी मजदूर 39 माह के एरियर से वंचित हैं। रात्री पाली भत्ता का मामला लटका हुआ है। इतना ही नहीं उत्पादन लक्ष्य बढ़ाकर इंसेंटिव रिवार्ड में भी कटौती की जा रही है। वहीं, दूसरी ओर ठेका मजदूरों का शोषण किसी से छुपा नहीं है। एक तो भवन निर्माण का मिनिमम वेज उससे भी 90% मजदूर वंचित हैं।
ठेकेदार और अधिकारी मिलकर ठेका मजदूरों को मिलने वाले पैसे का बंदरबाट कर रहें है। ठेका मजदूरों के लिए सेल वेज लागू करना होगा। साथ ही ग्रेच्युटी, ग्रुप इंश्योरेंस, रात्री पाली भत्ता समेत आवास, कैन्टीन, वाशिंग, साइकिल भत्ता हर हाल में देना ही पड़ेगा। मजदूरों का आक्रोश अब सीमा पार कर चुका है। अंत में राजेंद्र सिंह ने संयंत्र के सभी मजदूरों का आह्वान करते हुए कहा कि अगस्त क्रान्ति के पावन अवसर पर सभी मजदूर अपने हक, अधिकार पर आवाज बुलंद करने तथा भ्रष्टाचारियों को प्लांट से खदेड़ने के लिए एकताबद्ध होकर अधिक से अधिक संख्या में 9 तारीख को एक बजे ED(W) कार्यालय पर पहुंच कर विराट प्रदर्शन में शामिल हों, ताकि बोकारो हीं नहीं दिल्ली भी मजदूरों के हुंकार से थर्रा उठे।