राउरकेला स्टील प्लांट में सेवानिवृत्त कर्मचारियों के जीवनसाथियों के लिए 'रोशनी-सक्षम साथी' कार्यशाला आयोजित।
- ‘रोशनी-सक्षम साथी’ का मकसद सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारियों के परिवारों को समय रहते आवश्यक मार्गदर्शन और सहयोग मिल सके।
सूचनाजी न्यूज, राउरकेला। स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (सेल) के राउरकेला स्टील प्लांट (आरएसपी) में जुलाई से सितंबर 2026 के बीच सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारियों के जीवनसाथियों के लिए ‘रोशनी-सक्षम साथी’ नामक काउंसलिंग कार्यशाला का आयोजन 4 जुलाई को सिविक सेंटर में किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य कर्मचारियों और उनके परिवारों को सेवानिवृत्ति के बाद के जीवन के लिए मानसिक, सामाजिक और आर्थिक रूप से तैयार करना था।
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि आशा एस. कार्था, मुख्य महाप्रबंधक (यूटिलिटीज एवं पर्यावरण) थीं, जबकि कल्याण समाजदार, महाप्रबंधक प्रभारी (एएमआरएम एवं स्पेशल सेल) विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
मुख्य अतिथि आशा एस. कार्था ने अपने संबोधन में कहा कि सेवानिवृत्ति जीवन का एक नया अध्याय है। ऐसे समय में परिवार, विशेषकर जीवनसाथी की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होती है। उन्होंने जीवनसाथियों से अपील की कि वे कर्मचारियों को इस बदलाव के दौर में सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने में सहयोग दें, ताकि उनका नया जीवन सहज और सुखद बन सके।
कार्यशाला में विभिन्न विषयों पर विशेषज्ञों ने उपयोगी जानकारी साझा की। एजीएम (सीपी-2) बाबुला नाहक ने ‘सेवानिवृत्ति के बाद नए जीवन की ओर सहज मानसिक बदलाव’ विषय पर सत्र लिया। डीजीएम (वित्त एवं लेखा) के.के. वर्मा ने आर्थिक सुरक्षा और वित्तीय योजना के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से जानकारी दी। वहीं डीजीएम (उद्यानिकी) टी.बी. टोप्पो ने सेवानिवृत्ति के बाद सक्रिय और सार्थक जीवन जीने के उपाय बताए।
इसके अलावा अतिरिक्त मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. एस. कुमार ने बेहतर स्वास्थ्य, मानसिक संतुलन और समग्र जीवनशैली अपनाने के महत्व पर प्रकाश डालते हुए स्वस्थ एवं अर्थपूर्ण जीवन के लिए आवश्यक सुझाव दिए।
कार्यक्रम का स्वागत उद्बोधन सहायक प्रबंधक (एचआर) एस.पी. माझी ने किया तथा अंत में धन्यवाद ज्ञापन भी प्रस्तुत किया। कार्यशाला का समन्वयन उप प्रबंधक (एचआर) एस.के. नायक ने एजीएम (एचआर) अविनाश के मार्गदर्शन तथा एचआर-ईआर एंड सी टीम के सहयोग से किया।
राउरकेला स्टील प्लांट प्रबंधन ने बताया कि ‘रोशनी-सक्षम साथी’ कार्यशाला का आयोजन नियमित अंतराल पर किया जाता है, ताकि सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारियों के परिवारों को समय रहते आवश्यक मार्गदर्शन और सहयोग मिल सके।

