वित्तीय वर्ष 2018-19 के लिए SAIL अधिकारियों के इंक्रीमेंटल पीआरपी (Incremental PRP) के लंबित भुगतान का मुद्दा भी उठाया।
- आरआईएनएल प्रबंधन द्वारा कर्मचारियों के वेतन को दैनिक उत्पादन से जोड़ दिया गया है। ये मुद्दा भी उठा।
- एनसीओए ने डीपीई सचिव से सीपीएसई के अधिकारियों के लिए चतुर्थ वेतन संशोधन समिति (पीआरसी) के शीघ्र गठन की मांग।
सूचनाजी न्यूज, भिलाई। एनसीओए (NCOA) के अध्यक्ष एमएस अडसुल, कार्यकारी अध्यक्ष नरेंद्र बंछोर, चेयरमैन वीकेतोमर तथा सेफी (SEFI) के उपाध्यक्ष नरेंद्र सिंह ने लोक उद्यम विभाग (DPE) के सचिव के. मोसेस चलई से भेंट की। सचिव से सीपीएसई के अधिकारियों के लिए चतुर्थ वेतन संशोधन समिति (पीआरसी) के शीघ्र गठन हेतु अनुरोध किया।
वर्तमान में सभी केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम अत्यंत प्रतिस्पर्धी एवं गतिशील वातावरण में कार्य कर रहे हैं, जहाँ उन्हें घरेलू एवं वैश्विक निजी क्षेत्र की कंपनियों से कड़ी प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ रहा है। साथ ही, ये उद्यम राष्ट्र निर्माण, अधोसंरचना विकास, ऊर्जा सुरक्षा, डिजिटल विस्तार तथा अन्य रणनीतिक क्षेत्रों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
सचिव से निम्नलिखित विषयों पर विस्तृत चर्चा की
1. चौथे वेतन पुनरीक्षण समिति (4th PRC) का गठन
प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि 1 जनवरी 2027 से प्रभावी होने वाली चौथी वेतन पुनरीक्षण समिति (4th PRC) का गठन अभी तक नहीं किया गया है। एनसीओए ने सचिव से अनुरोध किया कि समिति के गठन की प्रक्रिया शीघ्र प्रारंभ की जाए। विदित हो कि तृतीय वेतन संशोधन समिति का गठन 9 जून 2016 को किया गया था तथा केंद्र सरकार के अनुमोदन के पश्चात सार्वजनिक उद्यम विभाग (डीपीई) द्वारा 3 अगस्त 2017 को वेतन संशोधन आदेश जारी किए गए, जो 01.01.2017 से प्रभावी हुए।
प्रतिनिधिमंडल ने जोर देकर कहा कि वेतन पुनरीक्षण समितियों का समय पर गठन एवं क्रियान्वयन सीपीएसई (CPSE) के अधिकारियों के वेतन, भत्तों तथा अन्य सेवा लाभों के संशोधन के माध्यम से उनका मनोबल बढ़ाने के लिए अत्यंत आवश्यक है। इससे संगठनों की कार्यकुशलता एवं उत्पादकता में भी वृद्धि होती है।
यह भी रेखांकित किया गया कि केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम (CPSEs) सरकार की नीतियों के प्रभावी क्रियान्वयन, देश के सामाजिक-आर्थिक विकास, रणनीतिक प्रगति तथा राष्ट्रीय सुरक्षा में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इस संदर्भ में इस्पात, दूरसंचार, रक्षा एवं तेल क्षेत्रों के उदाहरण भी प्रस्तुत किए गए।
सचिव ने एनसीओए द्वारा उठाई गई चिंताओं की सराहना की, राष्ट्र निर्माण में सीपीएसई की महत्वपूर्ण भूमिका को स्वीकार किया तथा चौथी पीआरसी के गठन के संबंध में सकारात्मक आश्वासन दिया।
2. वहनीयता (Affordability) शर्त को समाप्त करने की मांग
एनसीओए ने वेतन पुनरीक्षण नीति से Affordability Clause (वहनीयता शर्त) को हटाने की जोरदार मांग करते हुए इसके समर्थन में विस्तृत तर्क प्रस्तुत किए।
सचिव ने आश्वासन दिया कि चौथी पीआरसी के कार्यादेश (Terms of Reference) तैयार करते समय डीपीई सकारात्मक एवं संतुलित दृष्टिकोण अपनाएगा। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि एनसीओए को चौथी पीआरसी के समक्ष अपने विचार प्रस्तुत करने का अवसर दिया जाएगा।
3. आईडीए (IDA) संशोधन आदेश
प्रतिनिधिमंडल ने आईडीए संशोधन आदेश जारी करने की प्रक्रिया को सामान्य एवं सुव्यवस्थित बनाने के लिए सचिव के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया।
एनसीओए ने विशेष रूप से फरवरी 2026 के आदेशों के बाद किए गए सुधारात्मक कदमों की सराहना की, जिनके तहत प्रशासनिक मंत्रालयों को वित्तीय प्रभावों का आकलन करने के बाद आईडीए संशोधन का लाभ प्रदान करने का अधिकार दिया गया।
4. आरआईएनएल एवं सेल से संबंधित मुद्दे
एनसीओए ने आरआईएनएल में उत्पन्न उस स्थिति पर विस्तृत ज्ञापन प्रस्तुत किया, जिसमें प्रबंधन द्वारा कर्मचारियों के वेतन को दैनिक उत्पादन से जोड़ दिया गया है। प्रतिनिधिमंडल ने स्पष्ट किया कि इस प्रकार की व्यवस्था न तो डीपीई के किसी दिशा-निर्देश द्वारा समर्थित है और न ही किसी वर्तमान सरकारी नीति के अनुरूप है।
इसके अतिरिक्त, प्रतिनिधिमंडल ने वित्तीय वर्ष 2018-19 के लिए सेल (SAIL) के अधिकारियों को देय इंक्रीमेंटल पीआरपी (Incremental PRP) के लंबित भुगतान का मुद्दा भी उठाया। सचिव ने दोनों विषयों को गंभीरता से अपनी डायरी में दर्ज किया तथा आश्वासन दिया कि इनकी समुचित जांच एवं विचार किया जाएगा।
5. बीएसएनएल/एमटीएनएल से संबंधित मुद्दे
प्रतिनिधिमंडल ने बीएसएनएल एवं एमटीएनएल से जुड़े विभिन्न लंबित मामलों पर भी चर्चा की तथा उनके शीघ्र समाधान हेतु डीपीई से आवश्यक हस्तक्षेप करने का अनुरोध किया।
डीपीई सचिव ने प्रतिनिधिमंडल द्वारा उठाए गए सभी मुद्दों को धैर्यपूर्वक सुना, एनसीओए द्वारा दिए गए रचनात्मक सुझावों की सराहना की तथा प्रत्येक विषय पर सकारात्मक प्रतिक्रिया व्यक्त की। एनसीओए, डीपीई सचिव का हार्दिक आभार व्यक्त करता है कि उन्होंने प्रतिनिधिमंडल को समय दिया, केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के अधिकारियों की चिंताओं को गंभीरता एवं धैर्यपूर्वक सुना तथा उठाए गए सभी मुद्दों पर सकारात्मक विचार का आश्वासन प्रदान किया।

