वर्क्स एरिया के सीजीएम, एचओडी और फाइनेंस अफसरों संग चंद मिनट की सिर्फ भेंट-मुलाकात। रावघाट पर घंटों चली बात।
- सीएमडी अशोक पंडा का भिलाई आने का खुला राज।
- सेल के गेम चेंजर रावघाट पर होती रही बात।
- सीएमडी शुरुआत और अंतिम तारीख को पकड़ लिए हैं।
- पूरी टीम को जुटा दिए हैं। सेल और ठेका एजेंसी के अधिकारी मिलकर काम करेंगे।
सूचनाजी न्यूज, भिलाई। स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड-सेल के नए सीएमडी डॉक्टर अशोक कुमार पंडा के भिलाई स्टील प्लांट आने की मंशा साफ हो चुकी है। रायपुर एयरपोर्ट से भिलाई पहुंचते ही गणेश मंदिर गए। पूजा-पाठ किए। इसके बाद मीटिंग का दौर शुरू हुआ।
भेंट-मुलाकात सबसे कर रहे थे, लेकिन लक्ष्य आयरन ओर माइंस रावघाट पर था। वर्क्स एरिया के सीजीएम, एचओडी प्रेजेंटेशन आदि लेकर तैयार थे। सीएमडी ने मीटिंग शुरू की। तनाव भरे माहौल को पल भर में खुशनुमा बना दिया। सबका हालचाल लेने के बाद प्रोडक्शन बढ़ाने और सेफ्टी पर ध्यान देने का मंत्र देकर कुछ मिनट के भीतर ही मीटिंग खत्म कर दी गई। इसके बाद फाइनेंस डिपार्टमेंट पहुंचे, जहां वह बतौर ईडी कार्य कर चुके थे। अधिकारियों से भेंट-मुलाकात की। कुछ टिप्स दिए। यहां भी सबने राहत की सांस ली।
कुछ समय के लिए राजहरा, नंदिनी माइंस के अधिकारियों के साथ विचार-विमर्श किया गया। काफी देर इंतजार के बाद सीएमडी अपने मकसद पर आए। रावघाट के अधिकारियों और खनन का ठेका लेने वाली एजेंसी कलिंगा कमर्शियल कारपोरेशन लिमिटेड के अधिकारियों के साथ मीटिंग का दौर शुरू हुआ, जो शाम करीब साढ़े 6 बजे तक चलता रहा।
सेल के लिए गेम चेंजर है रावघाट
सीएमडी का साफ संदेश है कि पूरे सेल को पांच हजार करोड़ से ज्यादा का प्रॉफिट रावघाट खदान करा सकती है। सीएमडी की कुर्सी संभालने के बाद पहले संबोधन में रावघाट को सेल के लिए गेम चेंजर बताए थे। इसलिए इसका खनन शुरू करने के लिए तय की गई डेडलाइन, जॉब आदि पर फोकस किए।
सेल बीएसपी और खनन कंपनी के अधिकारियों को मिलकर तेजी से काम करने का आदेश दिए, ताकि 2028 से रावघाट का प्रोडक्शन शुरू हो सके। इससे पहले अंतरिम खनन पर भी मंथन किया गया है।
अगली बार चलेंगे रावघाट…
कुछ अधिकारियों ने सीएमडी से कहा-सर, रावघाट चलें क्या? जवाब आया, अगली बार चलेंगे…। अभी बहुत सारे काम करने हैं। रावघाट के अधिकारियों के साथ मीटिंग में सीएमडी ने कहा-जो भी तारीख आप लोग बता रहे हैं, उस तारीख पर क्या-क्या काम हुआ, इसकी समीक्षा अगली मीटिंग में मैं करूंगा।
7 एमटी, 11एमटी और 14 एमटी प्रोडक्शन का लक्ष्य
ठेका कंपनी 3 साल में रावघाट में कंस्ट्रक्शन आदि का कार्य करेगी। 2028 से पहले काम पूरा करना है। इसके बाद कामर्शियल प्रोडक्शन शुरू होगा। इसी बीच अंतरिम माइनिंग की भी तैयारी है। 7 एमटी, 11एमटी और 14 एमटी प्रोडक्शन का लक्ष्य है। अंतरिम माइनिंग से रेवेन्यू जेनरेट होता रहेगा।
रावघाट को 7 पैकेट में बांटा गया
पहला क्रॉसिंग, स्क्रीनिंग, दूसरा डाउन हिल कन्वेयर सिस्टम, तीसरा स्टॉकिंग एंड रैपिड लोडिंग सिस्टम, चौथा वाटर अरेंजमेंट, पांचवां पॉवर इलेक्ट्रिक सिटी, छठा आटोमेशन और सातवां गतिशक्ति रेल लिंक, रावघाट रेल लाइन को साइडिंग लाइन से कनेक्ट करना है। इस पैकेज में किसको काम दिया गया है। उनके काम कितने दिनों में पूरे होंगे आदि का भी रिव्यू होता रहेगा।
सीएमडी शुरुआत और अंतिम तारीख को पकड़ लिए हैं। पूरी टीम को जुटा दिए हैं। सेल और ठेका एजेंसी के अधिकारी मिलकर काम करेंगे।

