भारतीय मजदूर संघ (BMS) से संबद्ध खदान मजदूर संघ ने प्रबंधन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। नंदिनी प्रबंधन को ज्ञापन सौंपा।
सूचनाजी न्यूज, भिलाई। स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (SAIL) के भिलाई इस्पात संयंत्र अंतर्गत नंदिनी लाइम स्टोन माइंस में कर्मचारियों और ठेका श्रमिकों के बीच बढ़ते असंतोष के बीच भारतीय मजदूर संघ (BMS) से संबद्ध खदान मजदूर संघ ने प्रबंधन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। संघ ने नंदिनी माइंस प्रबंधन को ज्ञापन सौंपकर SAIL में प्रस्तावित 40 प्रतिशत ठेका श्रमिकों की कटौती पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है।
संघ के केंद्रीय महामंत्री उमेश कुमार मिश्रा के नेतृत्व में पदाधिकारियों एवं करीब 50 ठेका श्रमिकों ने आंदोलनात्मक कार्यक्रम में भाग लिया। कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा।
40 प्रतिशत कटौती से नाराज कर्मचारी
खदान मजदूर संघ द्वारा पहली रैली निकाली गई। इसके बाद ज्ञापन सौंपा गया। यूनियन नेताओं ने कहा- SAIL में बड़ी संख्या में ठेका श्रमिकों की 40 प्रतिशत कटौती की योजना से मजदूरों और उनके परिवारों में भारी नाराजगी है। संघ का कहना है कि यह फैसला हजारों श्रमिकों के भविष्य को प्रभावित करेगा और इससे कार्यस्थलों पर असंतोष का माहौल बनेगा। ज्ञापन में प्रबंधन से मांग की गई है कि श्रमिकों की कटौती संबंधी निर्णय पर तत्काल रोक लगाई जाए तथा श्रमिक संगठनों से चर्चा के बाद ही कोई फैसला लिया जाए।
ये है BMS की प्रमुख मांग
ठेका श्रमिकों की 40 प्रतिशत कटौती पर तत्काल रोक।
39 माह के एरियर एवं लंबित वेतन समझौते का शीघ्र भुगतान।
इंसेंटिव स्कीम का पुनरीक्षण।
SAIL की सभी यूनिटों में साप्ताहिक अवकाश को समान रूप से 15 सीएल एवं 30 ईएल के अनुरूप लागू करना।
कर्मचारियों को हॉस्पिटल अटेंडेंट की सुविधा उपलब्ध कराना।
नंदिनी क्षेत्र में कर्मचारियों के 650 स्क्वायर फीट के मकान लाइसेंस के आधार पर आवंटन।
नंदिनी अस्पताल में नियमित डॉक्टर, अटेंडेंट, मॉनिटर, ईसीजी मशीन एवं आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराना।
कार्यालय एवं विभिन्न विभागों में शुद्ध पेयजल की व्यवस्था।
टाउनशिप की सड़कों, नालियों एवं बुनियादी सुविधाओं का सुधार।
वर्षों से कार्यरत सफाई कर्मियों और ठेका श्रमिकों का नियमितीकरण।
प्रबंधन को चेतावनी
नेताओं का कहना है कि नंदिनी माइंस के कर्मचारियों की समस्याएं लंबे समय से लंबित हैं। श्रमिकों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा, आवास, पेयजल और रोजगार सुरक्षा जैसी मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। ऐसे में ठेका श्रमिकों की संख्या घटाने का फैसला स्थिति को और गंभीर बना सकता है।
बीएमएस नेताओं ने कहा कि श्रमिक हितों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी और जरूरत पड़ने पर आंदोलन को भिलाई इस्पात संयंत्र के अन्य क्षेत्रों तक विस्तारित किया जाएगा। इस प्रदर्शन में उमेश कुमार मिश्रा, सर्वेंदु शुक्ला, अशोक शर्मा, एन. रवि, हिम्मत सिंह रंधावा आदि उपस्थित रहे।

