SAIL ISP Election Results: बीएमएस को 66.49% वोट, इंटक, CITU, HMS, एटक औंधे मुंह गिरे, जीत के 4 कारण हिमांशु बल की ज़ुबानी
बीएमएस के केंद्रीय नेता व राउरकेला इस्पात कारखाना कर्मचारी संघ के पदाधिकारी हिमांशु शेखर बल पिछले 8 दिनों से बर्नपुर में हैं। चुनावी रणनीति बनाने से लेकर रिजल्ट तक अहम किरदार निभाए। सूचनाजी न्यूज, बर्नपुर। सेल इस्को स्टील प्लांट बर्नपुर की पहली मान्यता प्राप्त यूनियन का दर्जा भारतीय मजदूर संघ से स
- बीएमएस के केंद्रीय नेता व राउरकेला इस्पात कारखाना कर्मचारी संघ के पदाधिकारी हिमांशु शेखर बल पिछले 8 दिनों से बर्नपुर में हैं। चुनावी रणनीति बनाने से लेकर रिजल्ट तक अहम किरदार निभाए।
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जीत का कारण हिमांशु बल की जुबानी…
मतदान का अधिकार बीएमएस ने दिलाया: कर्मचारियों को यह बात समझ में आ चुकी थी कि आइएसपी में सिर्फ बीएमएस ही परिवर्तन करा सकती है। इंटक आदि यूनियनों के वर्चस्व को समाप्त करने के लिए चुनाव कराने की मांग बीएमएस ने की। सुप्रीम कोर्ट तक लड़े और मतदान का अधिकार लेकर रहे। जबकि चुनाव को कैंसिल कराने के लिए कुछ यूनियनें सुप्रीम कोर्ट तक गई थीं। कर्मचारियों ने ऐसी यूनियनों को सबक सीखा दिया है।
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सिर्फ कर्मचारियों का नेतृत्व स्वीकार: बीएमएस, आइएसपी कर्मचारियों के बीच युवा और कर्मचारी का नेतृत्व में लेकर गई थी। रिटायर्ड नेताओं को आइएसपी के कर्मचारियों ने भी नकार दिया है। युवा कर्मचारियों ने अपने वोट से रिटायर्ड नेताओं का बहिष्कार किया है।
आवास की बदहाली: इस्को स्टील प्लांट के कर्मचारी बदहाल आवासों में रहते हैं। टाउनशिप की स्थिति अच्छी नहीं है। भयंकर बदहाली है। इस बात का गुस्सा कर्मचारियों ने अपने वोट से इंटक आदि यूनियनों पर उतार दिया है।
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मैनेजमेंट का अत्याचार: आइएसपी के कर्मचारी बहुत परेशान हैं। प्रबंधन बात-बात में धमकी देता है। कर्मचारियों को डरा देता है। सस्पेंड और ट्रांसफर की धमकी दी जाती है। बाकी यूनियनें प्रबंधन का समर्थन करती हैं। यह बात कर्मचारी समझ चुके थे। इसलिए कर्मचारियों के बीच में बीएमएस को लेकर सकारात्मक माहौल बना।
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