वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का राजस्व ₹1.09 लाख करोड़ से अधिक रहा, जो पिछले वर्ष की तुलना में करीब 8 प्रतिशत अधिक है।
- सेल रिटेल और MSME सेक्टर के साथ भी अपनी भागीदारी को और मजबूत करने की दिशा में काम करेगा।
- वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का राजस्व ₹1.09 लाख करोड़ से अधिक रहा, जो पिछले वर्ष की तुलना में करीब 8 प्रतिशत अधिक है।
सूचनाजी न्यूज, नई दिल्ली। स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (SAIL) ने वित्त वर्ष 2025-26 में उत्पादन, वैल्यू-एडेड स्टील, वित्तीय प्रदर्शन और राष्ट्र निर्माण से जुड़े महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट्स में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। सेल की 54वीं वार्षिक आमसभा (AGM) में चेयरमैन एवं मैनेजिंग डायरेक्टर डॉ. एके पंडा ने कंपनी के प्रदर्शन और भविष्य की रणनीति की जानकारी शेयरधारकों के सामने रखी।
नई दिल्ली के CSOI में आयोजित AGM हाइब्रिड मोड में हुई। डॉ. पांडा ने कहा कि वैश्विक स्तर पर स्टील उद्योग में भू-राजनीतिक परिस्थितियों और बाजार में उतार-चढ़ाव के बावजूद सेल ने मजबूती और अनुकूलन क्षमता का प्रदर्शन किया है।
SAIL के लिए वित्त वर्ष 2025-26 की सबसे अहम उपलब्धियों में 10.7 मिलियन टन वैल्यू-एडेड स्टील का उत्पादन शामिल है। यह कंपनी के कुल बिक्री योग्य स्टील का करीब 56 प्रतिशत रहा। पिछले वित्त वर्ष की तुलना में वैल्यू-एडेड स्टील के उत्पादन में 7 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।
ये खबर भी पढ़ें: IISCO Steel Plant Union Election Results 2026: वोटों की गिनती शुरू, शुरुआती रुझान…
कंपनी ने वर्ष के दौरान 28 नए उत्पाद भी विकसित किए। इन उत्पादों का इस्तेमाल इंफ्रास्ट्रक्चर, ऑटोमोबाइल, ऊर्जा और मैन्युफैक्चरिंग जैसे क्षेत्रों में किया जा रहा है। इससे बदलती राष्ट्रीय और औद्योगिक जरूरतों के अनुरूप सेल की उत्पाद क्षमता और मजबूत हुई है। वर्चुअल मीटिंग से डायरेक्टर पर्सनल केके सिंह, डायरेक्टर माइनिंग मनीष राज गुप्ता, डीआइसी राउरकेला आलोक वर्मा, डीआइसी दुर्गापुर एवं इस्को स्टील प्लांट बर्नपुर सुरजीत मिश्र, डायरेक्टर कामर्शियल टीएन नटराजन, कंपनी सेक्रेटरी एमडी डालाकृष्णन आदि जुड़े रहे।
वंदे भारत के पहियों की पहली खेप, नौसेना के 5 जहाजों में सेल का स्टील
राष्ट्र निर्माण से जुड़ी उपलब्धियों में सेल ने वित्त वर्ष 2025-26 में स्वदेशी रूप से विकसित वंदे भारत ट्रेन के पहियों की पहली खेप भेजी। इसके अलावा भारतीय नौसेना के पांच जहाजों में भी सेल का स्टील इस्तेमाल हुआ। इनमें INS Arnala, INS Udaygiri, INS Himgiri, INS Androth और INS Anjadeep शामिल हैं, जिन्हें वर्ष के दौरान कमीशन किया गया। सेल ने कहा कि कंपनी विकसित भारत@2047 के लक्ष्य और राष्ट्रीय इस्पात नीति के अनुरूप देश के विकास में अपनी भूमिका को और मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है।
पहली बार ₹1.09 लाख करोड़ से ज्यादा राजस्व
वित्तीय प्रदर्शन में भी सेल ने नया स्तर हासिल किया। वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का राजस्व ₹1.09 लाख करोड़ से अधिक रहा, जो पिछले वर्ष की तुलना में करीब 8 प्रतिशत अधिक है। कंपनी ने विवेकपूर्ण फंड मैनेजमेंट के जरिए अपने उधार में ₹5,000 करोड़ से अधिक की कमी की। बिक्री की मात्रा बढ़ने, इन्वेंट्री कम होने और उधारी घटने का असर कंपनी की लाभप्रदता पर भी पड़ा।
सेल के मुताबिक वित्त वर्ष में PBT में 44 प्रतिशत और PAT में 50.5 प्रतिशत सुधार हुआ। बोर्ड ने ₹2.35 प्रति इक्विटी शेयर अंतिम लाभांश की सिफारिश भी की है।
ये खबर भी पढ़ें: बैंक हड़ताल: 28 से 30 सितंबर तक स्ट्राइक, SBI ने पहले निपटा लेने को कहा जरूरी काम
भिलाई में 20 MW का फ्लोटिंग सोलर प्लांट
सेल ने अपने ग्रीन एनर्जी अभियान को भी आगे बढ़ाया है। IISCO Steel Plant में स्थापित पहले 4 MW फ्लोटिंग सोलर प्लांट से 5.61 मिलियन यूनिट ग्रीन पावर का उत्पादन हुआ। अब भिलाई स्टील प्लांट में 20 MW फ्लोटिंग सोलर प्लांट लगाया जा रहा है। इसके अलावा सेल के विभिन्न संयंत्रों में कुल 278.5 MW के सोलर प्रोजेक्ट्स पर भी विचार किया जा रहा है।
ये खबर भी पढ़ें: दुर्गापुर स्टील प्लांट में मिली लाश, प्रबंधन बोला-हमारा कार्मिक नहीं…
2030-31 तक 35 MTPA क्षमता का लक्ष्य
आने वाले वर्षों के लिए सेल ने क्रूड स्टील उत्पादन क्षमता को बढ़ाकर करीब 35 मिलियन टन प्रति वर्ष (MTPA) तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है। यह लक्ष्य वित्त वर्ष 2030-31 तक हासिल करने की योजना है।
इसके लिए ग्रीन कैपेसिटी निर्माण, कम कार्बन वाली तकनीकों को अपनाने, डिजिटल तकनीक के विस्तार, ग्राहक जुड़ाव बढ़ाने और वैल्यू-एडेड एवं स्पेशल स्टील की हिस्सेदारी बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा। सेल रिटेल और MSME सेक्टर के साथ भी अपनी भागीदारी को और मजबूत करने की दिशा में काम करेगा।
