SAIL NEWS: SESBF से NPS में पैसा ट्रांसफर करना ट्रस्ट डीड और नियमों का उल्लंघन, CITU बोला-आयकर विभाग वापस ले लेगा ये दर्जा

SAIL NEWS Transferring Funds From SESBF to NPS Violates Trust Deed and Rules CITU Says Income Tax Department will Revoke this Status
  • कर्मचारियों को स्वैच्छिक आधार पर SESBF के मासिक अंशदान को NPS में स्थानांतरित करने का विकल्प देने के प्रस्ताव को भी नियमों का उल्लंघन बताते हुए आगे न बढ़ाने की मांग की गई थी।

सूचनाजी न्यूज, नई दिल्ली। Steel Authority of India Limited (SAIL) के कर्मचारियों के सुपरएनुएशन फंड SESBF (SAIL Employees Superannuation Benefit Fund) से NPS (National Pension System) में परिवर्तन के प्रस्ताव को लेकर विवाद गहरा गया है।

SESBF के प्रबंध न्यासी पी. पन्नीर सेल्वम सहित अन्य न्यासियों ने अध्यक्ष, SESBF को पत्र लिखकर 2 फरवरी 2026 को कोलकाता में प्रस्तावित 50वीं न्यासी बैठक में “SESBF से NPS में परिवर्तन” के एजेंडा पर आगे न बढ़ने का आग्रह किया है।

पत्र में कहा गया है कि इस विषय पर आपत्तियां पहले ही दर्ज कराई जा चुकी हैं। 15 जुलाई 2024 और 3 सितंबर 2025 को आयोजित प्रबंध न्यासी मंडल की 84वीं एवं 85वीं बैठकों तथा 48वीं और 49वीं न्यासी बैठकों में भी इस पर चर्चा हो चुकी है। इसके बावजूद वही प्रस्ताव पुनः 2 फरवरी 2026 की बैठक में शामिल किया गया है।

ट्रस्ट डीड और नियमों का हवाला
न्यासियों ने स्पष्ट किया है कि SESBF ट्रस्ट डीड एवं नियमों के तहत कोष (Corpus) को आंशिक या पूर्ण रूप से किसी अन्य कोष या व्यक्तिगत खाते, विकल्प या सामूहिक निर्णय के आधार पर स्थानांतरित करने की अनुमति नहीं है।
ट्रस्ट नियमों के अनुसार SESBF को आयकर अधिनियम, 1961 की चौथी अनुसूची के भाग ‘B’ के अंतर्गत “Approved Superannuation Fund” का दर्जा प्राप्त है।

पत्र में चेतावनी दी गई है कि यदि नियमों का उल्लंघन होता है, तो आयकर विभाग द्वारा “Approved Superannuation Fund” का दर्जा वापस लिया जा सकता है, जिससे कानूनी और वित्तीय जटिलताएं उत्पन्न होंगी। नियम 17.0 के तहत कोष की कोई राशि कंपनी (SAIL) को किसी भी परिस्थिति में देय नहीं है और कंपनी का उस पर कोई अधिकार नहीं है।

NPS पर जताई आपत्ति
न्यासियों का कहना है कि SESBF पिछले तीन दशकों से प्रभावी ढंग से संचालित हो रहा है और इसकी घोषित ब्याज दर हर वर्ष केंद्रीय भविष्य निधि बोर्ड द्वारा अपनाई गई दर से अधिक रही है। इसके विपरीत, NPS बाजार आधारित योजना है, जिसमें कोई गारंटीकृत रिटर्न नहीं होता और इक्विटी एवं ऋण बाजार के उतार-चढ़ाव के अनुसार रिटर्न बदलता रहता है।

पत्र में कहा गया है कि कर्मचारियों को SESBF से NPS में जाने का विकल्प देना, ट्रस्ट के मूल उद्देश्य और सामाजिक सुरक्षा की भावना को कमजोर करेगा। यह योजना NJCS और केंद्रीय ट्रेड यूनियनों के प्रयासों से कर्मचारियों की एकीकृत सामाजिक सुरक्षा व्यवस्था के रूप में बनाई गई थी।

ब्याज दर पर भी असहमति
24 जुलाई 2024 को भेजे गए एक अन्य पत्र में प्रबंध न्यासी पी. पन्नीर सेल्वम ने 15 जुलाई 2024 को आयोजित 84वीं बैठक में वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए 8 प्रतिशत ब्याज दर (ROI) अपनाने पर असहमति जताई थी और इसे बैठक कार्यवृत्त में दर्ज करने का अनुरोध किया था।

साथ ही, कर्मचारियों को स्वैच्छिक आधार पर SESBF के मासिक अंशदान को NPS में स्थानांतरित करने का विकल्प देने के प्रस्ताव को भी नियमों का उल्लंघन बताते हुए आगे न बढ़ाने की मांग की गई थी।

कानूनी कार्रवाई की आशंका
न्यासियों ने अपने पत्र में कहा है कि यदि 2 फरवरी 2026 की बैठक में “SESBF से NPS में परिवर्तन” के एजेंडा पर आगे बढ़ा गया, तो ट्रस्ट नियमों के उल्लंघन के लिए न्यासी उत्तरदायी ठहराए जा सकते हैं। इससे अनावश्यक मुकदमेबाजी की स्थिति भी उत्पन्न हो सकती है।