राउरकेला इस्पात कारखाना कर्मचारी संघ की याचिका पर ओडिशा हाईकोर्ट ने जारी किया नोटिस। एरियर से इन्कार और एग्रीमेंट न करने पर विवाद।
- हिमांशु शेखर बल ने कहा-एग्रीमेंट कर्मचारियों का अधिकार है। प्रबंधन इन्कार नहीं कर सकता।
सूचनाजी न्यूज, राउरकेला। सेल के राउरकेला इस्पात संयंत्र (RSP) में कर्मचारियों से जुड़े MOA/10वें NJCS समझौते के मुद्दे पर राउरकेला इस्पात कारखाना कर्मचारी संघ द्वारा दायर रिट याचिका पर ओडिशा हाईकोर्ट ने सुनवाई की है। कोर्ट ने मामले में संबंधित पक्षों को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए हैं। मामले की अगली सुनवाई 13 अक्टूबर 2026 को होगी।
ओडिशा हाईकोर्ट में 16 सितंबर को न्यायमूर्ति डॉ. संजीब के. पाणिग्रही और न्यायमूर्ति मुराहरी रमण की खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। याचिकाकर्ता राउरकेला इस्पात कारखाना कर्मचारी संघ ने रिट याचिका के माध्यम से न्यायालय से विपक्षी पक्षों को प्रक्रिया पूरी करने तथा 01 जनवरी 2017 से 31 दिसंबर 2026 की अवधि के लिए 10वें NJCS Agreement पर हस्ताक्षर करने को लेकर दिशा-निर्देश देने की मांग की है।
कोर्ट ने अतिरिक्त दस्तावेज रिकॉर्ड पर लेने की अनुमति दी
सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ताओं की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता नरेंद्र किशोर मिश्रा ने कोर्ट को बताया कि रिट याचिका दाखिल करते समय कुछ प्रासंगिक दस्तावेज संलग्न नहीं हो पाए थे। उन्होंने सुनवाई के दिन मेमो के माध्यम से उन दस्तावेजों को कोर्ट में दाखिल किया और उन्हें स्वीकार करने का अनुरोध किया। इस पर हाईकोर्ट ने रजिस्ट्री को मेमो के माध्यम से दाखिल दस्तावेजों को स्वीकार कर रिकॉर्ड पर रखने का निर्देश दिया। कोर्ट ने अंत में मामले को 13 अक्टूबर 2026 को सूचीबद्ध करने का निर्देश दिया है।
जानिए हिमांशु शेखर बल क्या बोले…
बीएमएस के अखिल भारतीय इस्पात सह उद्योग प्रभारी हिमांशु शेखर बल का कहना है कि 9 साल और 9 माह हो चुका है। आज तक सेल प्रबंधन ने वेतन समझौते का एग्रीमेंट नहीं किया है। 9 दिसंबर 2025 में एनजेसीएस सब कमेटी ने एरियर देने और समझौते से इन्कार कर दिया था। अगले वेज रिवीजन की तैयारी की बात कही गई थी। 3 माह समय बचा है। एग्रीमेंट हमारा अधिकार है। प्रबंधन इन्कार नहीं कर सकता है। कोर्ट ने इस्पात मंत्रालय, सेल प्रबंधन और आरएसएपी प्रबंधन को नोटिस जारी किया है। 13 अक्टूबर तक जवाब दाखिल करने का निर्देश है। इसी दिन सुनवाई भी होगी।


