वर्ष 2025-26 में सोसाइटी का सकल लाभ 5 करोड़ 35 लाख, 54 हजार 635 रूपए तथा शुद्ध लाभ 1 करोड़, 91 लाख 76 हजार 137 रूपए हुआ है।
- 63 वीं वार्षिक आमसभा में सर्वसम्मति से बजट का अनुमोदन।
- पिछले साल बीएसपी कर्मियों को 10 प्रतिशत मिला था लाभांश।
- सोसाइटी की कुल अंश पूंजी 4 करोड़, 31 लाख , 58 हजार, 772 रुपए है।
- कुल अमानत 27 करोड़, 65 हजार 875 रुपए हो गई।
सूचनाजी न्यूज, भिलाई। भिलाई इस्पात संयंत्र के कार्मिकों की सबसे पुरानी एवं प्रतिष्ठित सहकारी संस्था इस्पात कर्मचारी को-ऑपरेटिव क्रेडिट सोसाइटी लिमिटेड सेक्टर-6 भिलाई नगर की 63 वीं वार्षिक आम सभा से बड़ी खबर है। रविवार को परशुराम भवन सेक्टर-2 में आयोजित की गई। इस दौरान अध्यक्ष बृजबिहारी मिश्र ने संस्था की उपलब्धियों एवं वित्तीय स्थिति के बारे में अपना वार्षिक प्रतिवेदन रखा। साथ ही लाभांश की घोषणा कर दी गई है।
उन्होंने सभा को बताया कि वर्ष 2025-26 में सोसाइटी का सकल लाभ 5 करोड़ 35 लाख, 54 हजार 635 रूपए तथा शुद्ध लाभ 1 करोड़, 91 लाख 76 हजार 137 रूपए हुआ है। बेहतर वित्तीय परिणामों केआधार पर उन्होंने बीते वित्तीय के लिए 11 प्रतिशत लाभांश वितरित करने की घोषणा की। आमसभा को संबोधित करते हुए अध्यक्ष बृजबिहारी मिश्र ने बताया कि उनके नेतृत्व में मौजूदा कार्यकारिणी ने कार्यभार संभाला तब मात्र 7 फीसदी लाभांश दिया गया था, लेकिन इन 4 वर्षों में सोसाइटी की आर्थिक स्थिति लगातार सुदृढ़ होती गई और अब लाभांश बढ़कर 11 फीसदी कर दिया गया है। अध्यक्ष की इस घोषणा का सदस्यों ने करतल ध्वनि से स्वागत किया।
आमसभा में अंकेक्षित वित्तीय पत्रक वर्ष 2025-26 का अनुमोदन,वर्ष 2025-26 का देय लाभांश का अनुमोदन, कर्मचारियों को वर्ष 2025-26 के लिए एक्सग्रेशिया राशि भुगतान का अनुमोदन, वित्तीय वर्ष 2026-27 के लेखा पत्रकों का अंकेक्षण हेतु संपरीक्षक की नियुक्ति, वर्ष 2026-27 के प्रस्तावित बजट का अनुमोदन सहित कई अन्य विषयों पर भी चर्चा हुई।
अध्यक्ष बृज बिहारी मिश्र ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में 23 लाख 79 हजार, 338 रूपए के अंशों का विक्रय हुआ और 45 लाख 77 हजार 435 रूपए की अंशपूंजी छोड़कर जाने वाले सदस्यों को लौटाई गई। ऐसे में वर्षांत तक सोसाइटी की कुल अंश पूंजी 4 करोड़, 31 लाख , 58 हजार, 772 रूपए हो गई है। वहीं कुल अमानत 27 करोड़, 65 हजार 875 रूपए हो गई।
अध्यक्ष श्री मिश्र ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में सदस्यों को कुल 14 करोड़, 94 लाख, 13 हजार 666 रुपए का ऋण वितरित किया गया और 16 करोड़, 05 लाख, 49 हजार 702 रुपए वसूली में हासिल हुए। उन्होंने कुटुम्ब सहायक योजना का ब्यौरा देते हुए बताया कि इसमें प्रत्येक सदस्य से उनके मासिक वेतन से कटौती कर राहत कोष का निर्माण किया गया है।
समिति से जुड़े इन आंकड़ों को भी जानिए
इसमें वित्तीय वर्ष 2025-26 में 12 सदस्यों के स्वर्गवास सहित कुल 393 प्रकरणों में भुगतान किया गया। इस तरह अब तक इस योजना में 15 करोड़, 86 लाख, 71 हजार 498 रुपए का भुगतान किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि मौजूदा वित्तीय वर्ष में सोसाइटी की कार्यशील पूंजी एक अरब, 13 करोड़, 56 लाख 2 हजार 256 रूपए हो चुकी है। जो भूतपूर्व और वर्तमान सदस्यों के विश्वास का परिणाम है।
उन्होंने बताया कि सोसाइटी ने मौजूदा वित्तीय वर्ष में अपने सदस्यों की अमानतों के एवज में 1 करोड़, 51 लाख, 33 हजार 883 रूपए ब्याज के तौर पर दिए हैं। श्री मिश्र ने सदस्यों को बताया कि सोसाइटी द्वारा अपने सदस्यों को 5 लाख तक नियमित ऋण में बीमा पॉलिसी की छूट दी जा रही है। वर्तमान में आकस्मिक ऋण की सीमा तीन लाख है। आमसभा में संस्था के विकास एवं सदस्यों के हितार्थ कई अन्य महत्वपूर्ण सुझाव भी सदस्यों से प्राप्त हुए। जिन्हें परीक्षण के उपरांत भविष्य में लागू करने का निर्णय लिया गया।
ये पदाधिकारी रहे मौजूद
आमसभा के दौरान मंच पर संस्था के उपाध्यक्ष अमिताभ वर्मा व संचालक मंडल के सदस्यगण विनोद कुमार वासनिक, हरिराम यादव, नीरजा शर्मा, जैनेंद्र कुमार गहिने,पवन कुमार साहू, एवं प्रतिनिधिगण, शैलेश कुमार सिंह,सुनील कुमार शर्मा तथा तरुण कुमार ध्रुव की गरिमामयी उपस्थिति रही। कार्यक्रम का संचालन प्रबंधक एम.मुरलीधर ने तथा आभार प्रदर्शन उपाध्यक्ष अमिताब वर्मा ने व्यक्त किया।
कम होती सदस्य संख्या के बीच उल्लेखनीय व्यवसाय
अध्यक्ष बृजबिहारी मिश्र ने आमसभा को बताया कि विगत 63 वर्षों में सोसाइटी ने उत्तरोत्तर प्रगति करते हुए एक अरब 13 करोड़ रूपए की पूंजी अर्जित कर प्रदेश के सहकारी आंदोलन में एक कीर्तिमान स्थापित किया है। उन्होंने बताया कि वित्त वर्ष 2025-26 में बीएसपी की सेवा से जुड़े 79 नए सदस्य बने है। इनमें 31 हजार 326 सदस्य कुटुंब सहायक योजना के अंतर्गत शामिल हैं।
वहीं अब तक 29 हजार 736 की सदस्यता विभिन्न कारणों से समाप्त हुई है। ऐसे में 31 मार्च 2026 की तिथि पर वास्तविक सदस्य संख्या 3 हजार 671 है। उन्होंने बताया कि घटती सदस्य संख्या के बावजूद सोसाइटी ने अपने व्यवसाय में उल्लेखनीय वृद्धि की है और सदस्यों का विश्वास बढ़ा है।

