आग के गोले में तब्दील हुआ राष्ट्रीय इस्पात निगम लिमिटेड (आरआईएनएल) का एसएमएस-1, मैनेजर संग ये है मृतकों के नाम।
- विशाखापट्टनम स्टील प्लांट में हुए इस भीषण हादसे के बाद भारी उद्योगों में सुरक्षा मानकों को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
सूचनाजी न्यूज, विशाखापट्टनम। राष्ट्रीय इस्पात निगम लिमिटेड (आरआईएनएल) के अधीन संचालित विशाखापट्टनम स्टील प्लांट में सोमवार शाम एक भयावह हादसा हो गया। स्टील मेल्ट शॉप-1 (एसएमएस-1) के कास्टर-2 में कास्टिंग के दौरान हुए भीषण विस्फोट ने पूरे संयंत्र को दहला दिया। हादसे से प्लांट के अंदर ही लाशें बिछ गई। मरने वालों में मैनेजर, नियमित कर्मचारी और ठेका मजदूरों के नाम शामिल हैं। 6 अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए हैं।
सभी घायलों का अस्पताल में इलाज जारी है। आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू, पीएम नरेंद्र मोदी ने भी एक्स पर शोक संदेश दिया। जांच कमेटी गठित कर दी गई है। सेल बोकारो स्टील प्लांट के डायरेक्टर इंचार्ज प्रिय रंजन के नेतृत्व में एक उच्च स्तरीय जांच कमेटी गठित की गई है। वहीं, इस्पात मंत्री एचडी कुमार स्वामी वाइजैग स्टील प्लांट पहुंचने वाले हैं। घायलों से मुलाकात करेंगे।
देखते ही देखते आग के विशाल गोले में बदला संयंत्र
सोमवार शाम करीब 4:15 बजे कास्टर-2 में कास्टिंग का कार्य चल रहा था। हॉट क्रूड स्टील को लेडल से टंडिश में डालने के लिए स्लाइड गेट खोलने की तैयारी की जा रही थी। इसी दौरान अचानक जोरदार विस्फोट हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार विस्फोट इतना शक्तिशाली था कि कुछ ही सेकंड में आग का विशाल गोला छत तक पहुंच गया। आग की लपटें पूरे क्षेत्र में फैल गईं और ऊपर संचालित ओवरहेड क्रेन-2 भी आग की चपेट में आ गई। धमाके की आवाज दूर-दूर तक सुनाई दी और संयंत्र में अफरा-तफरी मच गई।
कई कर्मचारियों को संभलने तक का मौका नहीं मिला
हादसा उस समय हुआ जब कई कर्मचारी और ठेका श्रमिक कार्यस्थल पर मौजूद थे। आग और अत्यधिक तापमान के कारण कई लोग गंभीर रूप से झुलस गए। राहत एवं बचाव दल ने तत्काल मोर्चा संभाला और घायलों को अस्पताल पहुंचाया, लेकिन 8 लोगों को बचाया नहीं जा सका। मृतकों में संयंत्र के नियमित कर्मचारियों और ठेका श्रमिकों दोनों के शामिल होने की जानकारी मिली है।
मृत कार्मिकों के नाम
गोंथिना
जी.वी. अप्पाराव
एम. कृष्णा
के. प्रभाकर (जनरल फोरमैन)
गोल्ड कुमार (मैनेजर, मैकेनिकल-2 इंचार्ज)
मृत ठेका श्रमिक
रमणा
त्रिनाध
एन. अप्पला राजू
जांच के आदेश, सेल की टीम करेगी स्वतंत्र जांच
आरआईएनएल प्रबंधन ने हादसे की जांच शुरू कर दी है। इसके साथ ही बाहरी जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति गठित की गई है। इस समिति का नेतृत्व Director-in-Charge Bokaro करेंगे। समिति हादसे के कारणों, सुरक्षा मानकों और संभावित लापरवाही की जांच करेगी।
प्रधानमंत्री मोदी ने जताया शोक
प्रधानमंत्री Narendra Modi ने हादसे पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना जताते हुए घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। प्रधानमंत्री ने प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (पीएमएनआरएफ) से मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपये तथा घायलों को 50-50 हजार रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की है। प्रधानमंत्री ने कहा कि स्थानीय प्रशासन प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहायता उपलब्ध करा रहा है।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
विशाखापट्टनम स्टील प्लांट में हुए इस भीषण हादसे के बाद भारी उद्योगों में सुरक्षा मानकों को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। स्टील उद्योग के इतिहास में इसे हाल के वर्षों की सबसे बड़ी औद्योगिक दुर्घटनाओं में से एक माना जा रहा है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार हादसा हॉट मेटल हैंडलिंग प्रक्रिया के दौरान हुआ, लेकिन वास्तविक कारणों का खुलासा जांच रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगा।
संयंत्र परिसर में शोक का माहौल है और मृतकों के परिवारों में मातम पसरा हुआ है। वहीं कर्मचारी संगठनों ने घटना की उच्चस्तरीय जांच और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की है।

