Skip to content
14/09/2026
  • संपर्क करें
  • हमारे बारे में
  • प्राइवेसी पालिसी
  • संपादकीय नीति
  • Author Profile
Suchnaji

Suchnaji

सबकी खबर | सबसे पहले और सटीकता से ….

Primary Menu
  • अतिरिक्त ख़बरें
  • कोल इंडिया
  • छत्तीसगढ़
  • दुर्ग-भिलाई
  • देश
  • धर्म-संस्कृति
  • रेलवे
  • लोकसभा/विधानसभा चुनाव
  • सेल-स्टील इंडस्ट्री
Light/Dark Button
Subscribe
  • Home
  • ताज़ा ख़बरें
  • 12 February Strike: जब कानून 8 घंटे के बजाय 12 घंटे की ड्यूटी लागू करेगा, तब भिलाई इस्पात संयंत्र के कार्मिक भी आएंगे लपेटे में
  • ताज़ा ख़बरें
  • सेल-स्टील इंडस्ट्री

12 February Strike: जब कानून 8 घंटे के बजाय 12 घंटे की ड्यूटी लागू करेगा, तब भिलाई इस्पात संयंत्र के कार्मिक भी आएंगे लपेटे में

Azmat ali 06/02/2026 1 minute read
12 February Strike When the Law Imposes 12-hour Duty Instead of 8 Hours Bhilai Steel Plant Workers will also be Affected (1)

1886 के पहले काम के घंटे का कोई निर्धारण नहीं था। कर्मियों से 12 से 18 घंटे तक काम लिया जाता था। एक मई 1886 में अमेरिका में आंदोलन चला।

  • सीटू नेताओं ने हड़ताल को लेकर तेज किया प्रचार अभियान। कहा-पूंजीपति मित्रों के लिए बदला जा रहा है काम के घंटे की परिभाषा।

सूचनाजी न्यूज, भिलाई। 12 फरवरी को देशव्यापी हड़ताल है। इसकी तैयारियों में भिलाई स्टील प्लांट की ट्रेड यूनियनें जुटी हैं। यूनियन नेताओं ने प्रचार अभियान को तेज कर दिया है। आम नागरिकों और कर्मचारियों के बीच मैसेज दिए जा रहे हैं।

यूनियन नेताओं ने कहा-पूरे देश की ऐसी की तैसी करके भी हर हाल में अंबानी एवं अदानी को लाभ पहुंचाने के मकसद से शासन चला रही केंद्र सरकार अपने पूंजीपति मित्रों को अकूत मुनाफा कमाने के लिए बनाए गए नीतियों के तहत काम के घंटे की परिभाषा बदली जा रही है।

इस परिभाषा में एक तरफ कहा जा रहा है कि सप्ताह में 48 घंटे से ज्यादा कार्य नहीं कराया जाएगा। वहीं, दूसरी तरफ एक दिन में 12 घंटे तक भी काम करने का प्रावधान किया जा रहा है। काम के घंटे के लिए लिखे गए कानून में सब कुछ गोलमोल किया गया है।

8 घंटे काम के पीछे क्या है वैज्ञानिक दृष्टिकोण

1886 के पहले काम के घंटे का कोई निर्धारण नहीं था। कर्मियों से 12 से 18 घंटे तक काम लिया जाता था। कार्य के दौरान दबाव के कारण मौत हो जाने की घटनाएं भी सामने आई थी। एक मई 1886 को काम के घंटे को लेकर अमेरिका में शिकागो के हे मार्केट में बहुत बड़ा आंदोलन संगठित हुआ।

इस आंदोलन के दौरान शासन के दमन के कारण कुछ लोगों की मौत भी हो गई। चार नेतृत्वकारी साथियों को मौत की सजा दी गई उसके बाद यह निर्धारित किया गया कि 8 घंटे ही काम करेंगे‌। यह आंदोलन पूरे विश्व में फैल गया और लेनिन ने इस बात को मजबूती से पेश किया कि काम के घंटे अब से 8 घंटे ही होंगे।

उसके पीछे वैज्ञानिक तर्क गया था दिन के 24 घंटा होते हैं उसमें से 8 घंटा काम, 8 घंटा आराम एवं 8 घंटा स्वयं के लिए एवं अन्य दूसरे कामों के लिए समय निकालना था। इसी तर्क पर अब तक पूरी दुनिया में यह नियम चल रहा है।

12 घंटे काम को किस तरह परिभाषित कर सकता है उपयुक्त सरकार

वर्तमान केंद्र सरकार ने 12 घंटे के कार्य दिवस को परिभाषित करते हुए कहा है कि उपयुक्त सरकार अर्थात ऐप्रोपिएट गवर्नमेंट समय-समय पर इसका निर्धारण कर सकती है। कार्य दिवस में रेस्ट अर्थात आराम देने वाले समय को अलग करके काम करने वाले समय को ही कार्य दिवस में लिए जाने की बात कही जा रही है।

अर्थात उदाहरण के लिए एक कर्मचारियों को लगातार 3 घंटा कार्य करने के बाद 2 घंटे का आराम दिया जाए। उसके बाद 3 घंटा काम कर फिर 2 घंटे आराम दिया जाए। इसके बाद फिर 2 घंटा काम कराया जाए तो उक्त कर्मचारी को 12 घंटा काम के लिए रोक लिया जाएगा। किंतु कार्य के घंटे 8 ही गिने जाऐंगे। इस तरह का छलावा कर्मियों को 12-12 घंटे तक संयंत्र में रुकने के लिए मजबूर कर देगा।

पूरी दुनिया में चल रहा है 6 घंटे के कार्य दिवस का संघर्ष

वर्ल्ड फेडरेशन ऑफ ट्रेड यूनियन बढ़ती बेरोजगारी के समाधान करने तथा कर्मियों से उचित राहत के साथ काम लेने के दृष्टिकोण से छः घंटे कार्य दिवस के साथ चार शिफ्ट चलाने एवं 5 दिन का सप्ताह मानकर दो दिन का अवकाश देने की बात कहते हुए पूरे विश्व में संघर्ष कर रहा है।

वही हमारे देश की केंद्र सरकार ठीक इसके विपरीत 12 घंटे के कार्य दिवस की वकालत करते हुए श्रमिकों का श्रम लूटने के नए-नए तरीके इजात कर रहा है।

क्या संयंत्र में लागू हो सकती है इस तरह की व्यवस्था

कर्मचारियों के बीच लेबर कोड के लागू होने से आने वाले परिणाम को लेकर हो रहे चर्चा में पूछे गए सवालों का उत्तर देते हुए सीटू नेताओं ने कहा कि जब देश का कानून आठ घंटे के बजाय 12 घंटे के कार्य दिवस को लागू करेगा, तब भिलाई इस्पात संयंत्र में कार्य करने वाले ठेका श्रमिकों के साथ-साथ स्थाई कर्मी पर यह नियम लागू किया जाएगा। और हवाला दिया जाएगा कि यह देश का कानून है जो सब पर एक समान लागू होगा। इसीलिए भिलाई इस्पात संयंत्र के कर्मी इससे अछूता नहीं रहेंगे।

About the Author

Azmat ali

Administrator

View All Posts

Post navigation

Previous: Railway News: छपरा, जौनपुर, वाराणसी, प्रयागराज छिवकी,शहडोल, रायपुर, दुर्ग, राजनादंगांव होते गोंदिया तक चलेगी 2 होली स्पेशल ट्रेन
Next: रिकॉर्ड प्रोडक्शन पर कर्मचारियों को लड्डू नहीं, गिफ्ट चाहिए, BAKS की BSL मैनेजमेंट से खास मांग

Related Stories

ISP Burnpur Union Election Bike Rally in Newtown read CITUs Manifesto Focus on Designations Medical Facilities, Schools, Housing, and Bonus
  • ताज़ा ख़बरें
  • सेल-स्टील इंडस्ट्री

ISP Burnpur Union Election: न्यूटाउन में बाइक रैली, पढ़ें CITU का घोषणा पत्र, पदनाम, मेडिकल, स्कूल, आवास, बोनस पर फोकस

Azmat ali 14/09/2026
Fruits, vegetables, and fish to be sold at the main gate and Ispat Bhavan Safety and Township Department negligent
  • ताज़ा ख़बरें
  • सेल-स्टील इंडस्ट्री

जब मेन गेट और इस्पात भवन पर बिकेंगे फल, सब्जी और मछली, सड़कों पर मवेशी, लापरवाह सेफ्टी-टाउनशिप डिपार्टमेंट

Azmat ali 13/09/2026
Bhilai Township Pipe broken by encroacher in Sector 7 water supply to resume from Monday.
  • ताज़ा ख़बरें
  • दुर्ग-भिलाई

Bhilai Township: सेक्टर 7 में कब्जेदार ने तोड़ा था पाइप, संडे शाम तक चला काम, सोमवार से पानी सप्लाई

Azmat ali 13/09/2026

You May Have Missed

ISP Burnpur Union Election Bike Rally in Newtown read CITUs Manifesto Focus on Designations Medical Facilities, Schools, Housing, and Bonus
  • ताज़ा ख़बरें
  • सेल-स्टील इंडस्ट्री

ISP Burnpur Union Election: न्यूटाउन में बाइक रैली, पढ़ें CITU का घोषणा पत्र, पदनाम, मेडिकल, स्कूल, आवास, बोनस पर फोकस

Azmat ali 14/09/2026
Fruits, vegetables, and fish to be sold at the main gate and Ispat Bhavan Safety and Township Department negligent
  • ताज़ा ख़बरें
  • सेल-स्टील इंडस्ट्री

जब मेन गेट और इस्पात भवन पर बिकेंगे फल, सब्जी और मछली, सड़कों पर मवेशी, लापरवाह सेफ्टी-टाउनशिप डिपार्टमेंट

Azmat ali 13/09/2026
Bhilai Township Pipe broken by encroacher in Sector 7 water supply to resume from Monday.
  • ताज़ा ख़बरें
  • दुर्ग-भिलाई

Bhilai Township: सेक्टर 7 में कब्जेदार ने तोड़ा था पाइप, संडे शाम तक चला काम, सोमवार से पानी सप्लाई

Azmat ali 13/09/2026
Lakshmipati Raju in the Race for Bhilai Mayor Questions Raised over Ccaste Certificate
  • ताज़ा ख़बरें
  • दुर्ग-भिलाई

Bhilai Mayor: किंतल कलिंगा जाति के आरक्षण पर सवाल, लक्ष्मीपति राजू की दावेदारी के लिए खतरे की घंटी? पढ़ें पार्षद क्या बोले…

Azmat ali 13/09/2026
  • संपर्क करें
  • हमारे बारे में
  • प्राइवेसी पालिसी
  • संपादकीय नीति
  • Author Profile
  • संपर्क करें
  • हमारे बारे में
  • प्राइवेसी पालिसी
  • संपादकीय नीति
  • Author Profile
Copyright © 2026 All rights reserved. | ReviewNews by AF themes.