मोदी जी…सरकारी अधिकारियों का थर्ड पार्टी आवंटन कराएं निरस्त, Bhilai Steel Plant संग SAIL के उच्च ग्रेड आवास कब्जे में

Modi ji Cancel Third Party Allotments to Government Officials Encroachments in High-Grade Housing Units of Bhilai Steel Plant and SAIL 1
  • सेल के मकान राष्ट्रीय सम्पत्ति और टैक्स दाताओं के धन से बने हैं, सरकारी अधिकारियों-नेताओं को निकालिए बाहर।
  • सेल की एकरूप एचआरए पॉलिसी न होने से कार्मिकों में एचआरए विसंगतियों को लेकर असंतोष व्याप्त है।
  • सेफी ने सेल के भिलाई इस्पात संयंत्र एवं अन्य संयंत्रों में उच्च ग्रेड के मकानों का थर्ड पार्टी आवंटन निरस्त कराने की मांग प्रधानमंत्री से फिर की।

सूचनाजी न्यूज, भिलाई। इस्पात क्षेत्र की सार्वजनिक उपक्रमों में पिछले 6 दशकों में देश के भिन्न स्थानों में इस्पात संयंत्रों के माध्यम से न सिर्फ रोजगार का सृजन किया है, बल्कि स्वास्थ्य, शिक्षा, आधारभूत इंफ्रास्ट्रक्चर तथा सीएसआर गतिविधियों के माध्यम से अपने आसपास के क्षेत्र का समग्र विकास किया है।

सेल की सिरमौर इकाई भिलाई इस्पात संयंत्र स्थापना के बाद से ही अपनी टाउनशिप के लिए अलग पहचान रखती है। छत्तीसगढ़ की आर्थिक एवं शैक्षणिक उन्नति में भी भिलाई इस्पात संयंत्र का अहम योगदान रहा है।

1 नवम्बर 2000 को छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण के बाद रायपुर राजधानी बनने से भिलाई टाउनशिप के मकानों के आबंटन हेतु राज्य शासन के अधिकारियों एवं कर्मचारियों की होड़ सी लगी हुई है। बीएसपी के बहुत से बड़े मकानों में मुख्यतः छत्तीसगढ़ शासन के उच्च अधिकारी काबिज हैं।

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छत्तीसगढ़ शासन के कई अधिकारी सेवानिवृत्त होने के बाद भी मकानों में काबिज

ऐसे छत्तीसगढ़ सरकार के अधिकारी शामिल हैं, जो वर्तमान में दुर्ग जिले में पदस्थ नहीं है, उनका अन्यंत्र स्थानांतरण हो चुका है। दुखद स्थिति यह है कि छत्तीसगढ़ शासन के कई अधिकारी अब सेवानिवृत्त हो चुके हैं उसके बाद भी वे बीएसपी के बड़े मकानों पर अपना कब्जा जमाए बैठे हैं।

इन अधिकारियों के रसूख के आगे सेल व बीएसपी प्रबंधन बेबस हो चुका है। इस प्रकार के कब्जे के चलते सेल अधिकारियों को अपने ग्रेड के अनुरूप बेहतर आवास प्राप्त नहीं हो पा रहे हैं। अतः इन कब्जों को शीघ्रातिशीघ्र खाली करवाने हेतु उच्च स्तरीय पहल की आवश्यकता है। जिससे बीएसपी अधिकारियों को बेहतर आवास प्राप्त हो सके।

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भिलाई, बोकारो, दुर्गापुर में एक जैसी समस्या

सेल की एकरूप एचआरए पॉलिसी न होने के कारण कार्मिकों में एचआरए विसंगतियों को लेकर असंतोष व्याप्त है। भिलाई, बोकारो, दुर्गापुर आदि इस्पात संयंत्रों में कंपनी के कई बड़े मकानों को थर्ड पार्टी को आबंटित किया गया है। इन समस्याओं के चलते कार्मिकों को पात्र मकान उपलब्ध नहीं हो पा रहे हैं एवं कई कार्मिक टाउनशिप से बाहर रहने पर मजबूर हैं।

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इस्पात मंत्री एचडी कुमारस्वामी से भी मांग कर चुके

ओए-बीएसपी की टीम ने 17 सितम्बर 2024 को इस्पात मंत्री एचडी कुमारस्वामी से उनके भिलाई प्रवास के समय इस विषय पर लम्बी चर्चा की थी। इस चर्चा में सेल चेयरमेन व डायरेक्टर इंचार्ज, बीएसपी भी उपस्थित थे।

सेफी टीम ने इस्पात सचिव को भी पत्र लिखा

फरवरी 2025 में सेफी टीम ने इस्पात सचिव से भी इस मुद्दे का समाधान करने का आग्रह किया था। इसी इसी कड़ी में सेफी ने माननीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी से 07.05.2025 एवं 06.08.2025 को पत्र के माध्यम से अनुरोध किया था।

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सेक्टर-05, 09, 10 एवं 32 बंगला में थर्ड पार्टी का कब्जा

सेफी अध्यक्ष नरेन्द्र कुमार बंछोर ने बताया कि बीएसपी टाउनशिप के सेक्टर-05, 09, 10 एवं 32 बंगला में अत्याधिक संख्या में बड़े मकानों में शासकीय अधिकारियों एवं पूर्व जनप्रतिनिधियों का कब्जा है तथा बीएसपी के अधिकारीगण छोटे मकानों में रहने के लिए बाध्य हैं।

स्थानांतरित अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों का आवंटन रद्द करें

सेफी ने मांग रखी है कि बीएसपी के अधिकारियों को उनकी वरियता के अनुरूप मकान प्रदान किया जाये। जिसके लिए लंबे समय से थर्ड पार्टी अलाटमेंट के द्वारा दिए बड़े मकानों के आवंटन का पुनरावलोकन किया जाना चाहिए और सभी सेवानिवृत्त एवं स्थानांतरित अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों का आवंटन रद्द किया जाना चाहिए।

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यह मकान राष्ट्रीय सम्पत्ति है और टैक्स दाताओं के धन से बनी

भिलाई टाउनशिप में काबिज अनेक राजनेताओं और अधिकारियों ने मकानों का विस्तार कुछ इस प्रकार से किया है कि वे जीवन पर्यंत उस पर काबिज रहेंगे और बाद में उनका परिवार। यह मकान राष्ट्रीय सम्पत्ति है और ये टैक्स दाताओं के धन से बनी सम्पत्ति है। प्रभावशाली व्यक्तियों के द्वारा राष्ट्रीय सम्पत्ति और संसाधनों के मनमाने दुरूपयोग को रोकना राज्य शासन और केन्द्र शासन की जिम्मेदारी है। इस संदर्भ में प्रधानमंत्री कार्यालय से पत्राचार मकानों की सूची के साथ किया गया है।

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एनिक बंछोर ने कहा कि सेफी व ओए-बीएसपी भिलाई को पुनः स्वच्छ, सुरक्षित और सुंदर बनाने हेतु अपने प्रयासों को तेज करेगा तथा भिलाई नगर को अराजक तत्वों से बचाने हेतु हर संभव प्रयास करेगा।