- पुरस्कार समिति द्वारा देशभर के चुनिंदा और विशिष्ट चेस्ट फिजिशियन का ही इसके लिए चयन किया जाता है।
सूचनाजी न्यूज, भिलाई। पटना में नेशनल कॉलेज ऑफ चेस्ट फिजिशियन (NCCP) और इंडियन चेस्ट सोसाइटी (ICS) के तत्वावधान में आयोजित राष्ट्रीय श्वसन सम्मेलन ‘नैपकॉन 2025’ (NAPCON 2025) में, भिलाई इस्पात संयंत्र (BSP) के जवाहर लाल नेहरू अस्पताल एवं अनुसंधान केंद्र के श्वसन चिकित्सा विभाग में वरिष्ठ सलाहकार डॉ. त्रिनाथ दाश को प्रतिष्ठित ‘फेलोशिप ऑफ द इंडियन चेस्ट सोसाइटी’ (FICS) से सम्मानित किया गया है।
यह गौरव की बात है कि पूरे छत्तीसगढ़ राज्य के साथ-साथ सेल (SAIL) के सभी अस्पतालों में डॉ. दाश यह प्रतिष्ठित सम्मान प्राप्त करने वाले पहले श्वसन रोग विशेषज्ञ हैं। इससे पूर्व भी डॉ. दाश को श्वसन चिकित्सा के क्षेत्र में उनके अकादमिक योगदान के लिए छत्तीसगढ़ आईएमए (IMA) द्वारा ‘सर्वश्रेष्ठ राज्य अकादमिक उत्कृष्टता पुरस्कार 2025’ सहित कई पुरस्कारों से सम्मानित किया जा चुका है।
पुरस्कार के कड़े मानदंड: फेलो के चयन की प्रक्रिया में साख का अत्यंत सूक्ष्म और कड़ा मूल्यांकन किया जाता है। पुरस्कार समिति द्वारा देशभर के चुनिंदा और विशिष्ट चेस्ट फिजिशियन का ही इसके लिए चयन किया जाता है।
यह फेलोशिप मुख्य रूप से पेशेवर उत्कृष्टता का प्रतीक और उनकी विश्वसनीयता का प्रमाण है। फेलोशिप अवार्ड (FICS) को भारत में श्वसन चिकित्सा के क्षेत्र में सर्वोच्च सम्मान माना जाता है। यह उन चिकित्सकों को प्रदान किया जाता है जिन्होंने अकादमिक, नैदानिक अभ्यास और सामुदायिक सेवाओं के क्षेत्र में असाधारण योगदान दिया हो।
चिकित्सा जगत में यह फेलोशिप (FICS) दर्शाती है कि प्राप्तकर्ता सभी श्वसन रोगों के प्रबंधन में विशेषज्ञ है। डॉ. त्रिनाथ दाश के श्वसन चिकित्सा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण और दीर्घकालिक योगदान को देखते हुए उन्हें यह फेलोशिप प्रदान की गई है, जो भिलाई के लिए गौरव का विषय है।
डॉ. दाश की इस उपलब्धि ने जेएलएन अस्पताल की प्रतिष्ठा को और बढ़ाया है। उन्होंने इसी राष्ट्रीय सम्मेलन में विमोचित एक संदर्भ पाठ्यपुस्तक (Reference Textbook) में एक पूरा अध्याय लिखकर संस्थान की अकादमिक परंपरा को भी आगे बढ़ाया है।
इंडियन चेस्ट सोसाइटी और एनसीसीपी जैसे राष्ट्रीय निकाय नैदानिक दिशानिर्देश तैयार करते हैं और रोगी के उपचार के परिणामों में सुधार के लिए उन्नत अनुसंधान को बढ़ावा देते हैं। डॉ. दाश जैसे फेलो इन मानकों को निर्धारित करने में अपने बहुमूल्य सुझाव, अनुभव और विशेषज्ञता का योगदान देते हैं।
डॉ. त्रिनाथ दाश ने अपनी इस उपलब्धि को अपने गुरुओं, परिवार, सहयोगियों, छात्रों और विशेष रूप से अपने रोगियों को समर्पित किया है, जिन्हें उन्होंने चिकित्सा की इस चुनौतीपूर्ण लेकिन प्रेरक यात्रा का वास्तविक स्तंभ बताया।
उन्होंने बीएसपी के जेएलएन अस्पताल के सभी वर्तमान और पूर्व मुख्य चिकित्सा अधिकारियों (CMO-in-Charge), बीएसपी के निदेशक प्रभारी (DIC) और संपूर्ण वरिष्ठ प्रबंधन के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया।
अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए उन्होंने कहा कि वे भविष्य में भी बेहतर उपचार परिणाम प्राप्त करने और अधिक से अधिक रोगियों तक स्वास्थ्य सेवाएँ पहुँचाने के उद्देश्य से समर्पित सेवा और अकादमिक कार्यों में संलग्न रहेंगे।















