SAIL कर्मचारियों को नहीं मिलेगा बकाया एरियर, सभी प्लांट-खदान में 12 फरवरी को हड़ताल

SAIL Employees will Not Get Their Pending Arrears will go on Strike on February 12
  • INTUC, AITUC, HMS, CITU, AIUTUC, TUCC,SEWA, AICCTU, LPF, UTUC ने हड़ताल का समर्थन किया है।

सूचनाजी न्यूज, भिलाई। स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड-सेल के कर्मचारियों के बकाया एरियर आदि मुद्दों को लेकर 12 फरवरी को सभी प्लांट और खदान में हड़ताल होने जा रही है। संयुक्त यूनियन की ओर से इसकी पुष्टि कर दी गई है।

सेल प्रबंधन एनजेसीएस सब-कमेटी मीटिंग में स्पष्ट रूप से बोल चुकी है कि एरियर पाने का हक कर्मचारियों का नहीं है। अगले वेतन समझौते की तैयारी कीजिए। इसलिए ट्रेड यूनियन नेता भड़के हुए हैं। पीएम मोदी और सेल प्रबंधन की नीतियों से खासा नाराजगी है।

देशभर में केंद्रीय ट्रेड यूनियनों की ओर से हड़ताल बुलाई गई है। इसमें सेल के भिलाई, बोकारो, राउरकेला, दुर्गापुर, इस्को स्टील प्लांट बर्नपुर, सेलम, विश्वेश्वरैया स्टील प्लांट, बीएसपी ग्रुप ऑफ माइंस, झारखंड ग्रुप ऑफ माइंस, राउरकेला ग्रुप ऑफ माइंस, विशाखापट्टनम स्टील प्लांट में हड़ताल होगी। INTUC, AITUC, HMS, CITU, AIUTUC, TUCC,SEWA, AICCTU, LPF, UTUC ने हड़ताल का समर्थन किया है।

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केंद्रीय ट्रेड यूनियनों (CTUs) और सेक्टोरल फेडरेशनों/एसोसिएशनों की बैठक के बाद आगे की रूपरेखा तय की गई है। एसडब्ल्यूएफआई के राष्ट्रीय महासचिव व एनजेसीएस सदस्य ललित मोहन मिश्र के मुताबिक सेल के सभी प्लांट के कर्मचारी एकजुट हो जाएं। हक लेने का वक्त है। अगर, बकाया एरियर के लिए कर्मचारी खड़े नहीं हुए तो मोदी सरकार सबकुछ खत्म कर देगी।

केंद्रीय ट्रेड यूनियनों (CTUs) और सेक्टोरल फेडरेशनों/एसोसिएशनों के संयुक्त मंच दमनकारी श्रम संहिताओं तथा केंद्र सरकार द्वारा जनता के अधिकारों और हकों पर किए जा रहे बहु-आयामी हमलों के खिलाफ 12 फरवरी 2026 को सामान्य हड़ताल का आह्वान करने का संकल्प लिया है।

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हड़ताल की तिथि को 9 जनवरी 2026 को HKS भवन, नई दिल्ली में आयोजित होने वाले राष्ट्रीय श्रमिक सम्मेलन में औपचारिक रूप से अनुमोदित किया जाएगा।

इस मुद्दे पर देशभर में हड़ताल होने जा रही

• महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा)।
• बीमा क्षेत्र में 100% प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI)।
• केंद्र सरकार ने संसद के दोनों सदनों में “विकसित भारत शिक्षा अधिष्ठान विधेयक, 2025” पेश किया है, हालांकि इसे इस सत्र में पारित नहीं किया जा सका।
• सरकार ने ड्राफ्ट बीज विधेयक और ड्राफ्ट विद्युत (संशोधन) विधेयक, 2025 जारी किए हैं।

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• पर्यावरणीय संकट, दिल्ली-एनसीआर में असहनीय प्रदूषण, सर्वोच्च न्यायालय के उस खतरनाक आदेश पर गंभीर चिंता व्यक्त की, जो अरावली पहाड़ियों के लगभग 90% हिस्से के विनाश की अनुमति देता है-जबकि ये पहाड़ियाँ थार मरुस्थल के विस्तार से उत्तरी भारत की रक्षक रही हैं।

श्रम संहिताओं को अधिसूचित कर दिया गया है, और सरकार अपने समस्त संस्थागत तंत्र, मीडिया और सार्वजनिक क्षेत्र के प्रबंधन का उपयोग कर इन संहिताओं के पक्ष में सकारात्मक सहमति बनाने की कोशिश कर रही है।

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केंद्रीय ट्रेड यूनियनों की बैठक ने 12 फरवरी 2026 को “एक दिवसीय हड़ताल” आयोजित कर मोदी सरकार को कड़ा संदेश देने का निर्णय लिया है।