- एसीवीएस एवं गैस यूटिलिटीज टीम ने इस समस्या के इन-हाउस समाधान का दायित्व संभाला था।
सूचनाजी न्यूज, बोकारो। सेल बोकारो इस्पात संयंत्र के कोक ओवन एवं कोल केमिकल्स विभाग के सीएसपी-1 में नवीनीकृत एयर कंप्रेसर का उद्घाटन अधिशासी निदेशक (संकार्य) अनुप कुमार दत्त द्वारा किया गया।
इस अवसर पर मुख्य महाप्रबंधक (यूटिलिटीज) एसआर सिंह, मुख्य महाप्रबंधक (मैकेनिकल) प्रकाश कुमार, मुख्य महाप्रबंधक (सिंटर प्लांट) पी. चौधरी, मुख्य महाप्रबंधक (सीओ एंड सीसी) बी. प्रसाद, महाप्रबंधक (आरएमपी) एमके सिंह सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
उल्लेखनीय है कि बोकारो इस्पात संयंत्र में ईएसपी फ्ल्यू डस्ट का निर्वासन, आरएमपी विभाग के निर्बाध संचालन तथा सिंटर प्लांट में सिंटर निर्माण प्रक्रिया के लिए अत्यंत आवश्यक है। यह प्रक्रिया सीओ एंड सीसी के सीएसपी-1 में स्थापित एयर कंप्रेसर के माध्यम से संचालित होती है।
उपकरण की अधिक आयु एवं अन्य तकनीकी कारणों के चलते यह एयर कंप्रेसर दिनांक 09 जनवरी 2026 को खराब होकर गैर-कार्यात्मक हो गया, जिसके परिणामस्वरूप निर्वासन प्रक्रिया बाधित हुई और आरएमपी एवं सिंटर प्लांट के संचालन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने लगा।
इस चुनौतीपूर्ण स्थिति से निपटने हेतु मुख्य महाप्रबंधक (यूटिलिटीज) एस.आर. सिंह के मार्गदर्शन में एक विशेष टीम का गठन किया गया। सहायक महाप्रबंधक (एसीवीएस) पंकज कुमार एवं उप प्रबंधक (गैस यूटिलिटीज) आर.एन. देव के नेतृत्व में एसीवीएस एवं गैस यूटिलिटीज टीम ने इस समस्या के इन-हाउस समाधान का दायित्व संभाला।
टीम द्वारा हॉट स्ट्रिप मिल में उपलब्ध एक निष्क्रिय एयर कंप्रेसर की पहचान की गई तथा आंतरिक संसाधनों के माध्यम से उसे पुनः कार्यशील बनाते हुए सीओ एंड सीसी के सीएसपी-1 स्थित कंप्रेसर हाउस में सफलतापूर्वक स्थानांतरित एवं स्थापित किया गया।
इस कार्य के निष्पादन में सेंट्रल मेंटेनेंस, सिंटर प्लांट, हॉट स्ट्रिप मिल, सीओ एंड सीसी, सीईडी एवं आरएमपी विभागों का उल्लेखनीय सहयोग प्राप्त हुआ। साथ ही विभिन्न विभागों एवं एजेंसियों के बीच प्रभावी समन्वय के परिणामस्वरूप यह महत्वपूर्ण कार्य रिकॉर्ड समय में पूर्ण किया जा सका। इस उपलब्धि में सेंट्रल मेंटेनेंस (मैकेनिकल) विभाग के एस.पी. वर्मा एवं श्री पी.के. महतो की भूमिका भी अत्यंत महत्वपूर्ण रही।
यह उपलब्धि न केवल बीएसएल के आरएमपी विभाग में ईएसपी प्रणाली के सामान्य एवं सुचारु संचालन को सुनिश्चित करेगी, बल्कि केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के मानकों के अनुरूप स्टैक उत्सर्जन स्तर बनाए रखने तथा सिंटर प्लांट के लिए आवश्यक फ्लक्स की सतत आपूर्ति सुनिश्चित करने में भी महत्वपूर्ण सिद्ध होगी।











