- कोर्ट ने यह भी कहा कि ट्रस्ट अपने सदस्यों के लिए याचिकाएँ दायर कर सकते हैं।
- सभी सदस्य (ऑन-रोल और रिटायर्ड दोनों) PoHW के लिए योग्य होंगे।
सूचनाजी न्यूज, भिलाई। ईपीएस 95 हायर पेंशन को लेकर बड़ी खबर है। स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड-सेल के जिन-जिन सीपीएफ ट्रस्ट को ईपीएफओ ने मानने से इन्कार कर दिया था, उस पर हाईकोर्ट से बड़ा आदेश आ गया है।
कोलकाता हाईकोर्ट ने SAIL PF ट्रस्ट CMO, दुर्गापुर स्टील प्लांट-DSP, इस्को स्टील प्लांट बर्नपुर-ISP और RMD द्वारा दायर सभी याचिकाओं को मंज़ूरी दे दी है। कोर्ट ने यह भी कहा कि ट्रस्ट अपने सदस्यों के लिए याचिकाएँ दायर कर सकते हैं।
इसके साथ ही सभी सदस्य (ऑन-रोल और रिटायर्ड दोनों) PoHW के लिए योग्य होंगे। इसी के साथ भिलाई स्टील प्लांट, कारपोरेट आफिस के ट्रस्ट की उम्मीदें बढ़ गई है। बीएसपी सीपीएफ ट्रस्ट ने बिलासपुर हाईकोर्ट में केस दायर किया है। कोलकाता से आया आदेश, बिलासपुर हाईकोर्ट में नज़ीर के रूप में काम करेगा।
स्टील एग्जीक्यिटिव फेडरेशन ऑफ इंडिया-सेफी का कहना है कि EPS 95 हायर पेंशन में कानूनी जीत हुई है। याचिकाकर्ताओं के पक्ष में रिट याचिकाओं का निपटारा हो रहा है। देशभर में एक सशक्त मिसाल स्थापित हुआ है। न्यायालयों ने बार-बार इस तरह के दावों की वैधता को स्वीकार किया है, जिससे समान प्रकृति के सभी लंबित एवं भविष्य के मुकदमों के लिए एक मजबूत आधार तैयार हो सका है।
ईपीएस 95 हायर पेंशन, सेल ट्रस्ट विवाद पर सेफी चेयरमैन एनके बंछोर बोले…
- बीएसपी आफिसर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष व सेफी चेयरमैन नरेंद्र कुमार बंछोर ने सूचनाजी.कॉम से इस प्रकरण पर कई रोचक तथ्य साझा किए हैं।
- सेल के कुछ कर्मचारी और अधिकारी व्यक्तिगत रूप से कोर्ट केस कर रहे थे। लेकिन, पहली बार सेल में हुआ कि ट्रस्ट के माध्यम से हाईकोर्ट में केस किया गया।
- कोलकाता हाईकोर्ट में 22 जनवरी को सुनवाई हुई थी। पश्चिम बंगाल में ही सेल के सीएमओ, आइएसपी, डीएसपी, आरएमडी का ट्रस्ट बंगाल में है। इसलिए चारों ट्रस्ट का केस कोलकाता हाईकोर्ट में दायर हुआ था।
- -सेल के ट्रस्ट रूल्स पर ईपीएफओ ने सवाल उठाया गया था। राउरकेला और बोकारो में हायर पेंशन चालू है। भिलाई समेत अन्य को लेकर कहा गया कि हायर पेंशन के लिए पात्र नहीं है।
- सेल ट्रस्ट का ऑडिट होता है। यह सरकार के नियम के तहत चलता है। इसको अलग कैसे कर सकते हैं। यही बात ईपीएफओ नहीं समझ रहा था।
- अकेले भिलाई स्टील प्लांट के 16 हजार आवेदन को रोक दिया गया है। 17 जुलाई 2023 में बीटीआई में ईपीएफओ के अधिकारियो ने मीटिंग करके सबकुछ सही बताया था।
- 550 आवेदकों से ईपीएफओ ने पैसे भी लिए। सीपीएफसी की ओर से आदेश आया और पूरे केस को रोक दिया गया था। फरवरी 2024 से मामला अटका है।
- भिलाई स्टील पलांट के करीब 16 हजार आवेदन है। बिलासपुर हाईकोर्ट में सुनवाई चल रही है।
विभिन्न न्यायालय का ऐतिहासिक निर्णय
शिमला उच्च न्यायालय: 22.09.2023
मद्रास उच्च न्यायालय: 28.10.2024
मदुरै पीठ (मद्रास उच्च न्यायालय): 02.09.2025
कलकत्ता उच्च न्यायालय: 14.11.2025
कलकत्ता उच्च न्यायालय: 21.11.2025
तेलंगाना उच्च न्यायालय: 15.12.2025
लखनऊ पीठ (इलाहाबाद उच्च न्यायालय): 19.12.2025
कलकत्ता उच्च न्यायालय: 06.01.2026
कलकत्ता उच्च न्यायालय: 08.01.2026
कलकत्ता उच्च न्यायालय: 29.01.2026
इन दस निर्णयों का संयुक्त प्रभाव न्यायसंगत राहत की दिशा में मार्ग को और सशक्त करता है। न्यायपालिका निरंतर याचिकाकर्ताओं के अधिकारों की रक्षा कर रही है, जिससे देशभर में समान मामलों को स्पष्ट गति और मजबूती मिल रही है।
SAIL के CMD और डायरेक्टर्स का मिला साथ
SEFI ने इस विषय को गंभीरता से उठाते हुए SAIL के CMD एवं निदेशकों के समक्ष रखा, ताकि ट्रस्ट द्वारा इस संबंध में मामला दायर किया जा सके। SEFI के पदाधिकारियों ने इस मुद्दे का निरंतर और दृढ़ता से अनुसरण किया। अंततः यह मामला पक्ष में तय हुआ। विशेष रूप से हमारे निदेशक (वित्त) अशोक पांडा ने व्यक्तिगत रूप से पीएफ ट्रस्ट द्वारा मामला उठाने में सहयोग प्रदान किया।
सेफी का प्रतिनिधिनिमंडल चेयरमैन एनके बंछोर की अध्यक्षता में श्रम मंत्री, सीपीएफसी, सेल कारपोरेट आफिस तक पहुंचा था। लक्ष्मी नारायण श्रीधरन-फर्म के जरिए सेल ने केस फाइल कराया था, जहां से सेल के पक्ष में फैसला आना शुरू हो गया है।
सेफी चेयरमैन एनके बंछोर के अलावा उपाध्यक्ष अजय पांडेय, नरेंद्र सिंह, महासचिव संजय आर्या लगातार दिल्ली में डेरा डाले थे।











