BSP इलेक्ट्रिकल चार्जमैन संग 5 कर्मियों पर एफआईआर से उठे सवाल, कर्मी बोले-झूठे तथ्यों पर लिखी FIR

Questions Raised Over the FIR Filed against BSP Electrical Chargeman and 5 other Employees the Chargeman said the FIR was Based on False Facts 2
  • भिलाई टाउनशिप के चार्जमैन आरके प्रसाद समेत अन्य कार्मिक निजी मुचलके पर छुटे।
  • कर्मचारियों ने कहा-झूठे तथ्यों से सराबोर है 3 सितंबर की घटना पर किया गया एफआईआर।

सूचनाजी न्यूज, भिलाई। सेल भिलाई स्टील प्लांट के इलेक्ट्रिकल विभाग के कुछ कर्मचारियों पर एफआइआर का मामला तूल पकड़ रहा है। कर्मचारियों ने एफआइआर पर ही सवाल उठा दिया है। इसे झूठे तथ्यों से सराबोर बता दिया है।

विभागीय कर्मचारियों का कहना है कि 3 सितम्बर 2025 को सेक्टर 6 बमलेश्वरी मंदिर में बिजली सप्लाई बाधित होने की शिकायत मिलने पर वहां कि बिजली सप्लाई बंद करके ठीक करने गए थे। उस टीम के साथ गए एक ठेका कर्मी कार्य के दौरान दुर्घटना ग्रस्त हो गया, जिसने ठीक होकर ड्यूटी ज्वाइन करने के लगभग 4-5 दिन बाद थाने में इलेक्ट्रिकल चार्जमैन सहित पांच कर्मियों पर एफआईआर कर दिया।

थाने से व्यक्तिगत मुचलके पर छूट कर आने के बाद चार्जमैन ने कहा कि झूठे एवं मनगढ़ंत तथ्यों को गढ़कर एफआईआर दर्ज करवाया गया है, वो इन सभी बेबुनियाद तथ्यों का सिरे खंडन करते हैं। जल्द ही इन झूठे तथ्यों का बेनकाब होना तय है। बता दें कि 1 चार्जमैन और 3 अन्य कर्मचारी निजी मुचलके पर छुटे हैं। जबकि एक कर्मचारी का निधन हो चुका है।

कर्मचारी के मुताबिक यह था घटनाक्रम

इलेक्ट्रिकल चार्जमैन ने कहा कि 3 सितंबर 2025 को बम्लेश्वरी मंदिर में बिजली सप्लाई न आने का कंप्लेंट मिला था। पोल से आने वाले कनेक्शन को चेक कर ठीक करने के लिए अपनी टीम को लेकर पहुंचा।

वहां लगभग 20 फीट का एक इलेक्ट्रिक पोल था जिस पर 12 फीट की सीढ़ी को लगाया गया। सीढ़ी पर एक ठेका कर्मी सेफ्टी बेल्ट पहने हुए चढ़ रहा था, इलेक्ट्रिक सप्लाई को डिस्चार्ज करने वाला उपकरण को ऊपर भेजने की तैयारी चल रही थी कि अचानक वह ठेका कर्मी नीचे गिर पड़ा उसे तुरंत उपचार हेतु अस्पताल ले जाया गया एवं इसकी सूचना उच्च अधिकारियों को देने के साथ-साथ उनका प्रारंभिक इलाज बीएसपी अस्पताल में करवाया गया।

बीएसपी अस्पताल के सलाह पर बाद में ईएसआई अस्पताल में दिखाकर हाईटेक अस्पताल में भर्ती किया गया। उक्त ठेका कर्मी पूर्ण इलाज के पश्चात डिस्चार्ज होकर वापस ड्यूटी भी ज्वाइन कर लिए किंतु उसके बाद किसी के बहकावे में आकर अनर्गल आरोप लगाते हुए थाने में कंप्लेंट कर दिया।

इस पूरे प्रकरण पर बयान लेने के लिए हमें थाने बुलाया गया। हमने अपनी बात को स्पष्ट रूप से जांच अधिकारी के सामने रख दिया। उसके पश्चात पता चला कि बयान को लेकर एफआईआर दर्ज किया गया है, जिस पर थाने में ही हमें व्यक्तिगत मुचलके पर छोड़ दिया गया है।

सिरे से गलत है जबरदस्ती पोल पर चढ़ने की बात

इलेक्ट्रिकल चार्जमैन आरके प्रसाद ने बताया कि पोल पर जबरदस्ती चढ़ाने की बात सिरे से गलत है। उक्त ठेका कर्मी लगभग 12 साल से टाउनशिप के इलेक्ट्रिक विभाग में कार्य कर रहा था। वह हाई टेंशन लाइन एवं लो टेंशन लाइन दोनों जगह काम कर चुका है एवं उसे बहुत अच्छे से मालूम है कि हाइट में काम करते समय सेफ्टी बेल्ट लगाकर ऊपर चढ़ा जाता है।

हाइट पर काम करते समय उचित स्थान पर सेफ्टी बेल्ट को फसाया जाता है। उस दिन भी वह कर्मी सेफ्टी बेल्ट पहने हुए था। लाइन न्यूट्रल होने के पश्चात ऊपर सेफ्टी बेल्ट को फंसा कर काम करना था लेकिन उसके पहले ही आधे हाइट से ही गिर गया।

अब तो काम करवाने में भी लग रहा है डर

कर्मचारी ने कहा-मेंटेनेंस के कार्यों में सबसे मुश्किल कार्य होता है इलेक्ट्रिक मेंटेनेंस वर्क। जिसमें एक समय में एक से ज्यादा साइट पर कार्य चलता रहता है। चार्जमैन को एक से ज्यादा साइट पर कार्य को देखना होता है।

ऐसे में यदि सब कुछ नियम के अनुसार करवाने के बावजूद कोई घटना घट जाने पर थाने में इस तरह से कंप्लेंट किया जाए, तो अब तो कार्य करवाने में भी डर लगने लगा है। इस बारे में चार्जमेनों की टीम ने प्रबंधन से भी सब कुछ बता चुके हैं अब देखना होगा कि प्रबंधन क्या कदम उठाता है। वहीं, चर्चा ये भी है कि बीएमएस के एक छुटभैय्या नेता ने अपनी दाल गलाने के लिए खेल खेला है। प्रबंधन को इसकी जानकारी भी दी गई है।