साम्राज्यवाद विरोधी युद्ध दिवस: अमेरिका-इज़राइल के खिलाफ बीएसपी कर्मचारियों का सड़क पर दिखा गुस्सा

Anti-Imperialist War Day BSP Employees Express anger Against US-Israel (1)
  • केंद्र सरकार ने घरेलू गैस में ₹60 प्रति सिलेंडर एवं कमर्शियल गैस में ₹120 प्रति सिलेंडर दाम बढ़ा दिया है।

सूचनाजी न्यूज, भिलाई। सेल भिलाई स्टील प्लांट की संयुक्त यूनियन ने मंगलवार शाम को साम्राज्यवाद-विरोधी-युद्ध दिवस मनाया। अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर परमाणु बम बनाने का आरोप लगाते हुए उसे रोकने के नाम पर शुरू किए गए युद्ध एवं ईरान की सुप्रीम कमांडर एवं अन्य प्रमुखों की हत्या करने की कड़ी निंदा करते हुए तुरंत युद्ध रोकने की नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया।

संयुक्त यूनियन के नेताओं ने कहा कि सिविलियन इंफ्रास्ट्रक्चर, अस्पतालों, एजुकेशनल इंस्टीट्यूशन और शहरी इलाकों को कायरतापूर्ण तरीके से निशाना बनाना, जिनेवा कन्वेंशन समेत इंटरनेशनल मानवीय कानूनों का उल्लंघन है।

इस प्रदर्शन में इंटक, एटक, सीटू, ऐक्टू,स्टील वर्कर्स यूनियन, लोईमु के साथियों ने भागीदारी किया. प्रदर्शन के माध्यम से माननीय प्रधानमंत्री के नाम एक ज्ञापन, थाना प्रभारी को सौंपा गया। ज्ञापन में मांग किया गया है कि केंद्र सरकार भारत की पारंपरिक साम्राज्यवाद विरोधी नीति का पालन करते हुए देश की संप्रभुता का सम्मान करें।

ईरान पर युद्ध को तत्काल रोकने की पहल करें और विश्व शांति के लिए देश को एकजुट करें। हम भारत सरकार से यह भी मांग करते हैं कि जीसीसी देश में फंसे भारतीय नागरिकों की सुरक्षा और कल्याण को सुनिश्चित करने के लिए तुरंत विशेष कदम उठा। सरकार को यह भी सुनिश्चित करना चाहिए कि प्रवासी श्रमिक बिना किसी बाधा के अपने परिवारों को धन भेज सके और उनकी कमाई सुरक्षित रहे।

अमेरिका और इजरायल के दादागिरी के खिलाफ आवाज उठाओ

बीएसपी की यूनियन नेताओं ने कहा-दुनिया की तारीख गवाह है कि अमेरिका कभी भी किसी देश का सगा नहीं रहा। वही इसराइल ने अपने स्थापना से लेकर ही दुनिया के प्रति एक नफरत का भाव के साथ अपने आप को विध्वंसक तरीके से विकसित अमेरिका के साथ मिलकर पूरे विश्व पर दादागिरी शुरु कर दिया है।

किसी भी देश में अपने उपकरणों के माध्यम से घुसकर विध्वंस मचाने एवं जासूसी करने तथा उससे पैसा बनाने की इजरायल की नीति ने भारत को भी परेशान किया है विश्व के लिए नासूर बना रहे और पूरी दुनिया पर दादागिरी कर रहे ऐसी मानवता विरोधी देश के खिलाफ पूरी दुनिया को आवाज बुलंद करना होगा।

भारत के मार्केट को भरोसा नहीं है अपनी सरकार पर

युद्ध छोड़ने के बाद से लेकर अब तक पिछले 10 दिनों के अंदर भारत के मार्केट से 30 लाख करोड़ से ज्यादा आम जनता का पैसा डूब गया। हमारे देश की केंद्र सरकार लगातार कह रही है कि हमें चिंता करने की आवश्यकता नहीं है हमारे पास पर्याप्त गैस एवं तेल का भंडार है सब कुछ नियंत्रण में है देश में महंगाई नहीं बनने वाली है। बावजूद इसके हमारे देश के मार्केट को हमारे केंद्र सरकार के आश्वासन पर भरोसा नहीं है जिसके नतीजा स्वरूप मार्केट गिर रहा है और हमारे देश के मेहनत का शो का पैसा डूब रहा है।

ईरान के स्कूली बच्चियों की हत्या की कड़ी निंदा किया संयुक्त यूनियन ने

प्रदर्शन के दौरान संयुक्त यूनियन में एक स्वर में कहा कि इसराइल और अमेरिका के द्वारा ईरान पर हमला करके शुरू किए गए युद्ध के शुरुआत में ही ईरान के एक बच्चियों के स्कूल पर किए गए हमले की कड़ी निंदा करता है इस हमले में उसे स्कूल में पढ़ने वाले 165 बच्चियों सहित स्कूल के स्टाफ की मृत्यु हो गई। यदि हम इस हमले में हुई बच्चियों की मृत्यु को इसराइल और अमेरिका के द्वारा की गई हत्या कहा जाए तो अतिशयोक्ति नहीं होगा।

भारत का स्वाभिमान खतरे में क्यों है प्रधानमंत्री जवाब दे

संयुक्त यूनियन ने कहा कि देश नहीं झुकने देंगे, देश नहीं बिकने देगी, तब नारा देने वाले प्रधानमंत्री के मुंह पर अमेरिका के राष्ट्रपति द्वारा लगातार किए जा रही अपमान से भारत का स्वाभिमान लगातार तार तार हो रहा है। अमेरिका जब भारत से कहता है कि भारत रूस से तेल खरीदना बंद कर दें तब हमारे देश के प्रधानमंत्री वैसा ही करने लगते हैं और अब युद्ध की स्थिति में अमेरिका भारत को रूस से तेल खरीदने के लिए 30 दिन की मोहलत दे रहा है।

अमेरिका भारत को कभी टैरिफ की धमकी देता है कभी भारत को पाकिस्तान के सामने नीचा दिखाते हुए बयान देता है और इस सब पर हमारे देश के प्रधानमंत्री चुप रहकर देश के स्वाभिमान को ही खतरे में डाल रहे हैं उनका ऐसे करने के पीछे क्या मजबूरी है प्रधानमंत्री जवाब दे।

2 सनकी की हरकतों का खामियाजा का भुगतान शुरू हुआ भारत में

संयुक्त यूनियन ने कहा कि अमेरिका एवं इजरायल दोनों सनकी शासको द्वारा की जा रही हरकतों के कारण तेल उत्पादन करने वाले सभी देश खतरे में पड़ गए हैं मार्केट हर दिन चौपट हो रहा है जिसका सीधा असर भारत की जनता पर पड़ना शुरू हो गया है। युद्ध इस मोड़ पर पहुंच गया है कि तेल एवं गैस उत्पादन करने वाले उद्योगों पर ही बमबारी शुरू कर दी गई है।

भारत में आने वाले 60% कच्चे तेल पर लगभग रोक लग गई है। मार्केट लगातार नीचे जा रहा है जिसका सीधा असर हमारे देश के सामान्य एवं मध्यम वर्ग पर पड रहा है अर्थात हम उन सनकियो के हरकतों का खामियाजा भुगतने लगे है। इसी का फायदा उठाते हुए केंद्र सरकार ने घरेलू गैस में ₹60 प्रति सिलेंडर एवं कमर्शियल गैस में ₹120 प्रति सिलेंडर दाम बढ़ा दिया है।