- संगठन की उत्पादकता और निरंतर सुधार की कार्य-संस्कृति को और अधिक मजबूती मिलती है।
सूचनाजी न्यूज, बोकारो। बोकारो इस्पात संयंत्र के मानव संसाधन के ज्ञानार्जन एवं विकास केंद्र के मुख्य प्रेक्षागृह में “दीर्घकालीन सेवा पुरस्कार” समारोह का भव्य आयोजन किया गया। इस गरिमामयी समारोह में संयंत्र में निरंतर 25 वर्षों की उत्कृष्ट एवं निष्ठापूर्ण सेवा पूर्ण करने वाले 123 इस्पातकर्मियों को सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में अधिशासी निदेशक (मानव संसाधन) राजश्री बनर्जी के साथ अधिशासी निदेशक (सामग्री प्रबंधन) चित्त रंजन मिश्रा, अधिशासी निदेशक (परियोजनाएं) अनीश सेनगुप्ता, अधिशासी निदेशक (संकार्य) अनुप कुमार दत्त, अधिशासी निदेशक (चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएँ) डॉ. बिभूति भूषण करुणामय तथा अधिशासी निदेशक (खान) विकास मनवती सहित विभिन्न विभागों के मुख्य महाप्रबंधक एवं अन्य वरीय अधिकारी उपस्थित थे।
समारोह के आरंभ में मुख्य महाप्रबंधक (मानव संसाधन) अंजनी कुमार शरण ने मंचासीन अतिथियों का स्वागत किया और रजत जयंती पूर्ण करने वाले कर्मियों को उनकी शानदार उपलब्धि पर बधाई दी. अपने संबोधन में कार्यकारी निदेशक प्रभारी राजश्री बनर्जी ने सम्मान प्राप्त करने वाले कर्मियों को शुभकामनाएं देते हुए संगठन के प्रति उनकी अटूट निष्ठा और बहुमूल्य योगदान के लिए आभार व्यक्त किया।
उन्होंने कहा कि इस्पातकर्मियों के इस समूह का समृद्ध अनुभव और उत्साह बीएसएल को उत्कृष्टता के नए शिखर पर ले जाने में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। मंचासीन अन्य अधिशासी निदेशकों ने भी कर्मियों के समर्पण की सराहना की और उन्हें इस्पात उद्योग की मौजूदा अनुकूल परिस्थितियों का लाभ उठाते हुए संयंत्र की उत्पादकता और गुणवत्ता को नई ऊंचाइयों पर पहुँचाने का संदेश दिया।
सम्मान समारोह के दौरान कार्यकारी निदेशक प्रभारी एवं अन्य विशिष्ट अतिथियों द्वारा 12 अधिशासी एवं 111 अनधिशासी कर्मियों को दीर्घकालीन सेवा प्रमाण पत्र तथा स्मृति चिन्ह प्रदान किए गए। कार्यक्रम का सफल संचालन सहायक महाप्रबंधक (मानव संसाधन) डॉ. नन्दा प्रियदर्शिनी द्वारा किया गया, जबकि समारोह के अंत में महाप्रबंधक (मानव संसाधन – ओडी) एन. के. झा ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया।
यह गौरवपूर्ण आयोजन बोकारो इस्पात संयंत्र की अपने अनुभवी मानव संसाधन के प्रति कृतज्ञता और सम्मान को प्रदर्शित करता है। अनुभवी कर्मियों का यह दीर्घकालीन समर्पण न केवल संयंत्र की परिचालन स्थिरता और तकनीकी सुदृढ़ता सुनिश्चित करता है, बल्कि यह युवा कर्मियों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत है, जिससे संगठन की उत्पादकता और निरंतर सुधार की कार्य-संस्कृति को और अधिक मजबूती मिलती है।














