SAIL अधिकारियों-कर्मचारियों के लिए बड़ी खबर, मेडिक्लेम स्कीम में बड़े बदलाव की मांग, SEFI ने CMD को लिखा पत्र, पढ़ें

Big News for SAIL Officers and Employees Demand for Major Changes in the Mediclaim Scheme SEFI Writes a Letter to the CMD Read
  • अब निगाहें सेल प्रबंधन पर टिकी हैं। अइन मांगों पर सहमति बनती है, तो हजारों कर्मचारियों और पेंशनर्स को बड़ी राहत मिल सकती है।

सूचनाजी न्यूज, भिलाई। सरकारी कंपनी Steel Authority of India Limited (सेल) के कर्मचारियों-अधिकारियों और रिटायर्ड कर्मियों के लिए अहम खबर सामने आई है। Steel Executives Federation of India (सेफी) ने सेल सीएमडी को पत्र लिखकर मेडिक्लेम स्कीम में कई बड़े बदलाव और सुविधाएं बढ़ाने की मांग की है।

सेफी चेयरमैन नरेंद्र कुमार बंछोर ने सेल के सीएमडी को पत्र लिखा है। कार्यवाहक सीएमडी डायरेक्टर पर्सनल केके सिंह हैं। सेफी का कहना है कि स्वास्थ्य खर्च लगातार बढ़ रहा है, इसलिए मौजूदा सुविधाएं पर्याप्त नहीं हैं। खासकर रिटायर्ड कर्मचारियों को ज्यादा परेशानी हो रही है।

क्या हैं प्रमुख मांगें

इलाज (IPD) की लिमिट बढ़ाने की मांग
अभी 4 लाख (क्लबिंग पर 8 लाख) की सीमा है, इसे बढ़ाकर 6 लाख (क्लबिंग पर 12 लाख) करने की मांग की गई है।

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OPD खर्च बढ़ाने की मांग
अभी सिर्फ 4,000 रुपये सालाना मिलते हैं, जिसे बढ़ाकर 10,000 रुपये करने की मांग की गई है। यह लिमिट कई सालों से नहीं बढ़ी है।

पति-पत्नी के OPD खर्च को जोड़ने की मांग
जैसे IPD में सुविधा है, वैसे ही OPD में भी क्लबिंग की सुविधा देने की बात कही गई है।

प्रीमियम में राहत
70 साल की उम्र से ही कम प्रीमियम लागू करने की मांग (अभी 80 साल से लागू है)।

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कंपनी की हिस्सेदारी बढ़ाने की मांग
अभी सेल 70% प्रीमियम देता है, इसे बढ़ाकर 80% करने का सुझाव।

कॉर्पोरेट बफर बढ़ाने की मांग
5 करोड़ से बढ़ाकर 10 करोड़ करने और इसमें ज्यादा खर्च कवर करने की बात।

कैंसर इलाज की सीमा बढ़ाने की मांग
इम्यूनोथेरेपी/टारगेटेड थेरेपी पर 1 लाख की सीमा हटाने या कम से कम 4 लाख करने की मांग।

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रोबोटिक सर्जरी को शामिल करने की मांग
नई तकनीक को देखते हुए इसे भी स्कीम में शामिल करने की बात।

आंखों के इलाज की सीमा बढ़ाने की मांग
मैक्युलर डिजीज के इलाज की सीमा 1 लाख से बढ़ाकर 3 लाख करने और सभी प्रकार की बीमारी कवर करने की मांग।

आयुष इलाज शामिल करने की मांग
आयुर्वेद, होम्योपैथी और यूनानी इलाज को भी स्कीम में जोड़ने की बात।

फ्री दवा योजना पूरे देश में लागू करने की मांग
अभी दिल्ली और कोलकाता में लागू योजना को देशभर में लागू करने का सुझाव।

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हर साल फुल बॉडी चेकअप की सुविधा
साल में एक बार पूरा हेल्थ चेकअप कराने की मांग।

सुपर टॉप-अप प्रीमियम कम करने की मांग
ज्यादा लोगों को जोड़ने के लिए प्रीमियम घटाने का सुझाव।

क्या कहा सेफी चेयरमैन एनके बंछोर ने?
सेफी का कहना है कि सेल प्रबंधन ने पहले कई अच्छे कदम उठाए हैं, लेकिन अभी भी सुधार की जरूरत है। खासकर रिटायर्ड कर्मचारियों के लिए बेहतर सुविधाएं जरूरी हैं। यह पत्र आने के बाद अब निगाहें सेल प्रबंधन पर टिकी हैं। अगर इन मांगों पर सहमति बनती है, तो हजारों कर्मचारियों और पेंशनर्स को बड़ी राहत मिल सकती है।

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