- नए स्टील प्लांट से आने वाले वर्षों में भारत के स्टील सेक्टर को और मजबूत बनाएगी तथा रोजगार के नए अवसर भी पैदा करेगी।
- ऑटोमोबाइल और अन्य विभिन्न उद्योगों के लिए हाई-ग्रेड फ्लैट स्टील का उत्पादन किया जाएगा।
सूचनाजी न्यूज, नई दिल्ली। भारत के बढ़ते स्टील इकोसिस्टम को मजबूती देने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। JSW Steel और POSCO मिलकर ओडिशा में नया स्टील प्लांट बनाने जा रहे हैं।
नई दिल्ली में आयोजित India-Korea Business Summit के दौरान संयुक्त उपक्रम (Joint Venture) समझौते पर हस्ताक्षर किए। इस अवसर पर दोनों कंपनियों के वरिष्ठ अधिकारी और सरकारी प्रतिनिधि मौजूद रहे। इस साझेदारी के तहत Dhenkanal में 6 मिलियन टन प्रति वर्ष (6 MTPA) क्षमता वाला एकीकृत स्टील प्लांट स्थापित किया जाएगा। परियोजना के लिए जमीन पहले ही सुरक्षित कर ली गई है।
प्लांट के पूरा होने के बाद यहां ऑटोमोबाइल और अन्य विभिन्न उद्योगों के लिए हाई-ग्रेड फ्लैट स्टील का उत्पादन किया जाएगा। इससे देश में आधुनिक स्टील निर्माण क्षमता बढ़ेगी और औद्योगिक विकास को नई रफ्तार मिलेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि यह संयुक्त परियोजना आने वाले वर्षों में भारत के स्टील सेक्टर को और मजबूत बनाएगी तथा रोजगार के नए अवसर भी पैदा करेगी।
50:50 साझेदारी, ₹508.8 करोड़ का निवेश
इस संयुक्त उपक्रम की कंपनी Saffron Resources Pvt. Ltd. फिलहाल JSW Steel की पूर्ण स्वामित्व वाली इकाई है, जो अब 50:50 साझेदारी वाली कंपनी बन जाएगी। POSCO समूह इसमें करीब ₹508.8 करोड़ का निवेश कर 50 प्रतिशत हिस्सेदारी खरीदेगा। दोनों कंपनियों को बोर्ड में बराबर प्रतिनिधित्व मिलेगा।
ओडिशा में पहले से जमीन तैयार
परियोजना की सबसे बड़ी ताकत यह है कि कंपनी के पास पहले से 887 एकड़ जमीन उपलब्ध है। इसमें करीब 595 एकड़ फ्रीहोल्ड और 292 एकड़ लीज होल्ड भूमि शामिल है। इससे जमीन अधिग्रहण जैसी बड़ी बाधा पहले ही दूर हो चुकी है।
क्यों खास है यह डील?
JSW Steel को इस साझेदारी से POSCO की उन्नत तकनीक का लाभ मिलेगा। POSCO हाई-ग्रेड ऑटो स्टील, इलेक्ट्रिकल स्टील और प्रीमियम स्टील उत्पादों में वैश्विक पहचान रखती है। वहीं POSCO को भारत जैसे तेजी से बढ़ते बाजार में मजबूत स्थानीय साझेदार मिल गया है।
आयात घटेगा, रोजगार बढ़ेगा
भारत अभी भी बड़ी मात्रा में ऑटो-ग्रेड स्टील आयात करता है। यह प्लांट शुरू होने के बाद आयात पर निर्भरता घटेगी और विदेशी मुद्रा की बचत होगी। साथ ही ओडिशा में करीब 15 हजार प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होने की संभावना है।
SAIL और Tata Steel पर बढ़ेगा दबाव
विशेषज्ञों का मानना है कि POSCO की तकनीक और JSW की उत्पादन क्षमता का मेल भारतीय बाजार में बड़ी प्रतिस्पर्धा पैदा करेगा। इससे SAIL, Tata Steel और अन्य कंपनियों पर प्रीमियम स्टील सेगमेंट में दबाव बढ़ सकता है।
कब तक होगा काम पूरा?
यह लेनदेन 31 दिसंबर 2026 तक पूरा होने की उम्मीद है। इसके बाद निर्माण कार्य शुरू होगा और उत्पादन वित्त वर्ष 2028-29 तक शुरू होने की संभावना जताई जा रही है।
भारत के लिए क्यों अहम?
यह परियोजना सिर्फ एक स्टील प्लांट नहीं, बल्कि भारत को साधारण स्टील से हाई-वैल्यू स्टील निर्माण की ओर ले जाने वाला कदम है। इससे “विकसित भारत” के विजन को मजबूती मिलेगी और भारत वैश्विक विनिर्माण हब के रूप में और मजबूत होगा।
जानिए कोरियन कंपनी के बारे में
POSCO (पॉस्को) दक्षिण कोरिया की एक प्रमुख वैश्विक इस्पात निर्माता कंपनी है, जो उत्पादन के मामले में दुनिया की अग्रणी कंपनियों में से एक है। यह उच्च गुणवत्ता वाले ऑटोमोटिव स्टील, स्टेनलेस स्टील और विद्युत स्टील शीट का उत्पादन करती है, जो मुख्य रूप से ऑटोमोबाइल, निर्माण और ऊर्जा उद्योगों के लिए महत्वपूर्ण हैं।












