BIG BREAKING NEWS: इस्पात सचिव संदीप पौंड्रिक ने खुद मोर्चा संभाल रखा है। बोकारो स्टील प्लांट के लिए खास तैयारी की गई है।
- अधिकारी, कर्मचारी और ठेका मजदूरों को अलग-अलग तरीके से कंपनी की सेवा से बाहर किया जाएगा।
अज़मत अली, बोकारो। प्राइवेट कंपनियों के बराबर सेल की इस्पात उत्पादन लागत लाने की कोशिश की जा रही है। इस्पात सचिव संदीप पौंड्रिक ने खुद मोर्चा संभाल रखा है। बोकारो स्टील प्लांट के लिए खास तैयारी की गई है।
40 प्रतिशत मैनपॉवर कम करने का लक्ष्य तय कर दिया गया है।
अधिकारी, कर्मचारी और ठेका मजदूरों को अलग-अलग तरीके से कंपनी की सेवा से बाहर किया जाएगा। यह अभियान कब तक पूरा होगा, इसकी कोई गाइडलाइन तय नहीं है। सेल बीएसएल मैनेजमेंट को जो ओदश मिला है, उस पर अमल किया जाएगा। कोई अधिकारी चाह कर भी कुछ कर नहीं पा रहा है।
इधर, नेशनल ज्वाइंट कमेटी फॉर स्टील इंडस्ट्री-एनजेसीएस नेताओं ने इस्पात संचिव संदीप पौंड्रिक से मिलने का मन बना लिया है। केंद्रीय नेताओं ने इस्पात सचिव से मुलाकात का समय मांगने की कवायद शुरू कर दी है। मैनपॉवर कम करने के आदेश को तत्काल प्रभाव से रोकने की मांग की जाएगी। इस मांग पर कितना असर होगा, यह देखने वाली बात होगी। फिलहाल, बोकारो स्टील प्लांट के अधिकारी और कर्मचारी भारी तनाव के दौर से गुज़र रहे हैं।
एटक बोला-बड़े आंदोलन की तरफ बीएसएल
एनजेसीएस सदस्य व एटक के महासचिव रामाश्रय प्रसाद ने सूचनाजी.कॉम से बातचीत में कहा-सेल बीएसएल में जो हालात बनाए गए हैं, वह भयानक रूप ले सकता है। अगर, छंटनी की प्रक्रिया शुरू की गई तो मजदूर सड़क पर उतरेंगे और उत्पादन प्रक्रिया पूरी तरह से ठप कर दी जाएगी। पहले 20 प्रतिशत ठेका मजदूरों को हटाने की बात थी। अब यह आंकड़ा बढ़ता जा रहा है।
स्टील सेक्रेटरी से मिलकर उनसे निवेदन किया जाएगा कि रोजगार से मजदूरों को वंचित न किया जाए। अगर, मांग पर सुनवाई नहीं होती है तो बहुत बड़े आंदोलन की तरफ माहौल बन जाएगा। बोकारो में एटक अगुवाई करने की घोषणा कर चुकी है। मजदूर भी आंदोलित हैं। अगर किसी तरह की छंटनी हुई तो मजदूर आंदोलन करेंगे।
बीएसएल प्रबंधन यूनियन नेताओं से कर चुकी बात
17 अप्रैल को बोकारो निवास में बीएसएल के डायरेक्टर इंचार्ज प्रिय रंजन, ईडी एचआर राजश्री बनर्जी ने एनजेसीएस नेताओं संग खास मीटिंग करके कंपनी की सोच से अवगत करा दिया था। बैठक में बोकारो स्टील वर्कर्स यूनियन (INTUC), बोकारो इस्पात कामगार यूनियन (AITUC), इस्पात मजदूर मोर्चा (CITU), क्रांतिकारी इस्पात मजदूर संघ (HMS), बोकारो स्टील राष्ट्रीय मजदूर संघ (BMS), क्रांतिकारी इस्पात मजदूर संघ (SS) तथा जय झारखंड मजदूर समाज (JJMS) के पदाधिकारी मौजूद रहे।
डायरेक्टर इंचार्ज यूनियन नेताओं से कर चुके ये अपील
17 तारीख को हुई मीटिंग में निदेशक प्रभारी प्रिय रंजन ने विशेष रूप से इस बात पर बल दिया कि संयंत्र की प्रगति में श्रमिकों की सक्रिय सहभागिता अहम है। उन्होंने रेखांकित किया कि निरंतर आपसी संवाद और समन्वय के माध्यम से ही बोकारो इस्पात संयंत्र में एक सुरक्षित, समृद्ध एवं उच्च उत्पादक कार्य-संस्कृति को और अधिक सुदृढ़ बनाया जा सकता है।

