- अब अस्पताल को खुद कॉर्निया ट्रांसप्लांट की मंजूरी मिल गई है।
सूचनाजी न्यूज, राउरकेला। सेल Rourkela Steel Plant के कर्मचारी, अधिकारी और उनके परिवारों के लिए बड़ी राहत भरी खबर है। राउरकेला Ispat General Hospital ने अपनी चिकित्सा सेवाओं में नया अध्याय जोड़ते हुए अब कॉर्निया ट्रांसप्लांट (नेत्र प्रत्यारोपण) शुरू कर दिया है।
इस सुविधा के शुरू होने से अब आंखों के इलाज के लिए दूर शहरों पर निर्भरता कम होगी। मरीजों को राउरकेला में ही बेहतर इलाज मिल सकेगा। इससे कर्मचारियों, अधिकारियों और उनके परिवारों को सीधा फायदा मिलेगा।
अस्पताल में पहले ‘इस्पात दृष्टिदान’ आई बैंक के माध्यम से कॉर्निया दान लिया जाता था और प्रत्यारोपण के लिए भुवनेश्वर भेजा जाता था। अब अस्पताल को खुद कॉर्निया ट्रांसप्लांट की मंजूरी मिल गई है।
हाल ही में दो स्थानीय मरीजों का सफल ऑपरेशन किया गया। दोनों मरीजों की आंखों की रोशनी में सुधार देखा गया है। यह सर्जरी नेत्र विशेषज्ञ Dr. Anima Tiga के नेतृत्व में की गई। उनके साथ Dr. Heena Hembram और सिस्टर Namita की टीम भी मौजूद रही। अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि आने वाले समय में आंखों के इलाज की सुविधाओं को और बढ़ाया जाएगा। इससे राउरकेला और आसपास के लोगों को भी बड़ा लाभ मिलेगा।
दो स्थानीय निवासियों का कॉर्निया प्रत्यारोपण किया गया। इन दोनों ने मोतियाबिंद की सर्जरी के बाद होने वाली एक आम जटिलता ‘स्यूडोफेकिक बुलस केराटोपैथी’ (Pseudophakic Bullous Keratopathy) के कारण दुखद रूप से अपनी आँखों की रोशनी खो दी थी। पहली सर्जरी 7 अप्रैल 2026 को और दूसरी 16 अप्रैल 2026 को हुई। दोनों ही सर्जरी के परिणाम बहुत अच्छे रहे और मरीज़ों की आँखों की रोशनी में सुधार के संकेत अभी से दिखने लगे हैं।
ये सर्जरी अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप की गईं। क्षतिग्रस्त कॉर्निया के ऊतकों को स्वस्थ डोनर ग्राफ्ट (दान किए गए ऊतकों) से बदलने के लिए उन्नत तकनीकों का उपयोग किया गया, जिससे सर्जरी में सटीकता सुनिश्चित हुई और ठीक होने में लगने वाला समय भी कम से कम रहा।
इस सफलता के साथ, आईजीएच अब अपनी नेत्र देखभाल सुविधाओं का विस्तार करने के लिए पूरी तरह तैयार है। यह विस्तार ‘अंधेपन और दृष्टिहीनता नियंत्रण के लिए राष्ट्रीय कार्यक्रम’ (National Programme for Control of Blindness and Visual Impairment) जैसी राष्ट्रीय पहलों के अनुरूप होगा।












