कुछ चोरी के मामले में एफआइआर नहीं कराने पर एसएसपी कार्यालय एक्शन में। बीएसपी को भेजा है पत्र, सीआइएसएफ को देना है जवाब।
- कॉपर चोरी करने वाले इस बड़े गिरोह तक पुलिस पहुंचेगी या फिर मामला ठंडे बस्ते में चला जाएगा।
सूचनाजी न्यूज, भिलाई। स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (Steel Authority of India Limited-SAIL) के प्लांट से लोहा और कॉपर चोरी की वारदातें थमने का नाम नहीं ले रही हैं। सीआईएसएफ जवानों की मौजूदगी के बावजूद लगातार चोरी की घटनाएं सामने आ रही हैं। Bhilai Steel Plant में लोहा चोरी का एक बड़ा आरोपी अब भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। इस मामले की लिखित शिकायत प्रधानमंत्री कार्यालय तक पहुंच चुकी है।
भिलाई के एक छोटे ट्रांसपोर्टर के गोदाम पर छापेमारी कर पुलिस ने कई टन स्क्रैप बरामद किया था। हालांकि, प्लांट के अंदर से चोरी हो रहे कॉपर का माल आखिर कहां खप रहा है, इस पर पुलिस अब तक शांत नजर आ रही है। प्लांट के भीतर चोरों का संगठित गिरोह सक्रिय बताया जा रहा है। बीच-बीच में छोटे-मोटे चोर पकड़े जाते हैं, लेकिन बड़ा गिरोह अब भी पुलिस की पकड़ से दूर है।
बीएसपी के अंदर कभी कोक ओवन तो कभी ओएचपी क्षेत्र से कॉपर चोरी की घटनाएं हो रही हैं। कई बार अन्य विभागों से भी कॉपर केबल चोरी कर ले जाए जा रहे हैं। सबसे हैरानी की बात यह है कि प्लांट की सुरक्षा की जिम्मेदारी सीआईएसएफ के पास है, इसके बावजूद चोरी की वारदातें लगातार जारी हैं।
कुछ मामलों में तो चोरी की एफआईआर तक दर्ज नहीं कराई जाती। हाल ही में दुर्ग जिला पुलिस प्रशासन ने बीएसपी प्रबंधन से तीन चोरी की घटनाओं पर जवाब मांगा था। इन घटनाओं में एफआईआर दर्ज नहीं कराए जाने को लेकर सीआईएसएफ की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठे थे। इसके बाद बीएसपी प्रबंधन ने पुलिस का पत्र सीआईएसएफ को भेजकर जवाब तलब किया।
कुछ दिन पहले कोक ओवन के पास एक संदिग्ध कार को कुछ अधिकारियों ने देखा था। इसकी सूचना तुरंत सीआईएसएफ को दी गई। मौके पर पहुंचे जवानों ने कार का पीछा कर उसे कुछ दूरी पर पकड़ लिया। इस दौरान एक आरोपी पकड़ा गया, जबकि दो आरोपी फरार हो गए थे। स्टेशन मरौदा निवासी आरोपियों की पहचान हो चुकी है। मौके से कुछ कॉपर भी बरामद किया गया था। मामले में एफआईआर दर्ज की गई है।
बीएसपी के अलग-अलग क्षेत्रों में लगातार एक ही तरह की चोरी की घटनाएं हो रही हैं। इससे साफ है कि चोरों का नेटवर्क काफी संगठित तरीके से काम कर रहा है। आरोप है कि कुछ चोरों को पकड़ने के बाद चंद घंटों में ही छोड़ दिया जाता है।
अधिकतर आरोपी नशे की हालत में रहते हैं। केबल छीलने से लेकर चोरी का माल बाहर पहुंचाने तक हर स्तर पर जिम्मेदारियां तय बताई जा रही हैं। अब देखना यह होगा कि कॉपर चोरी करने वाले इस बड़े गिरोह तक पुलिस कब पहुंचती है, या फिर मामला ठंडे बस्ते में चला जाएगा।
बीएसपी के अधिकारियों और कर्मचारियों ने यहां तक बोलना शुरू कर दिया है कि अब इस्पात सचिव संदीप पौंड्रिक को भी इस ओर ध्यान देना चाहिए,ताकि चोरी से होने वाली नुकसान से सेल को बचाया जा सके। सेल को नुकसान से बचाने के लिए लगातार मैनपॉवर कम करने आदि पर इस्पात सचिव नजर बनाए हुए हैं। इस्पात सचिव से मांग की गई कि इस ओर भी ध्यान दें ताकि कंपनी को आर्थिक नुकसान से बचाया जा सके। चोरों की वजह से करोड़ों रुपए का नुकसान हो रहा है।

