संयुक्त मोर्चा बोला-काफी नुकसान मजदूरों को हो रहा है। सरकार और प्रबंधन मिलकर मजदूरों का एरियर डकार रही। आंदोलन और तेज करने की चेतावनी।
सूचनाजी न्यूज, बोकारो। सेल बोकारो स्टील प्लांट के कर्मचारी सड़क पर उतरे हुए हैं। ट्रेड यूनियन संयुक्त मोर्चा ने प्रबंधन पर आरोप लगाए। बोकारो द्वारा सेल प्रबंधन की मजदूर विरोधी नीतियों के खिलाफ हॉट स्ट्रीप मिल विभाग में कार्यरत मजदूरों के बीच जाकर संवाद किया गया।
मजदूरों को सम्बोधित करते हुए एटक के महामंत्री रामाश्रय प्रसाद सिंह ने कहा कि सेल प्रबंधन मजदूरों की जायज मांगो को भी जानबूझकर लम्बे दिनों से लम्बित कर रखा है। लगभग 9 वर्षों में सेल के मजदूरों का वेतन समझौता को प्रबंधन रोक रखा है। बहुमत यूनियन की आड़ में किया गया मेमोरंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग को चार साल बीत जाने के बाद भी आज तक वेतन समझौता सम्पन्न नहीं किया जा सका है।
मजदूर भी दिग्भ्रम की स्थिति में पहुंच गए। काफी नुकसान मजदूरों को हो रहा है, पर चुपचाप सहन कर रहे हैं। सरकार और प्रबंधन मिलकर मजदूरों का एरियर हज़म कर लेना चाहते हैं। ऐसी विकट स्थिति कभी भी सेल के मजदूरों को झेलना नहीं पड़ा था।इस दिग्भ्रम की जाल से मजदूरों को बाहर निकालने के लिए मजदूरों के बीच मोर्चा द्वारा गहन जनसंपर्क अभियान चलाया जा रहा है।
सीटू के महामंत्री आर के गोरांई ने कहा कि सेल के मजदूर हो या ठेका मजदूर प्लांट में असुरक्षित स्थिति में रहकर भी प्लांट में रीकॉर्ड उत्पादन कर रहे हैं। मुनाफा भी अर्जित कर रहे हैं। पर मजदूरों को उनके हक हकूक से बंचित रखा जा रहा है,चाहे उनका एरियर का सवाल हो, उनके ग्रेच्यूटी पर एकतरफा सीलींग लगाए जाने का सवाल हो। आज तक एमओयू को एग्रीमेंट में तब्दील नहीं किया जा सका है।
किम्स एचएमएस के संयुक्त महामंत्री आर के सिंह ने कहा कि केन्द्र सरकार लेबर कोड की अधिसूचना जारी कर मजदूरों को बंधुआ मजदूर बनाने की दिशा में एक कदम आगे बढ़ा चुकी है।
मजदूर इस बार स्वीकार नहीं करेंगे।सम्मानजनक समझौता और मजदूर विरोधी लेबर कोड रद्द किए जाने तक मजदूर संघर्ष के मैदान में होगा। ऐसा नहीं होने पर मजदूर आने वाले दिनों में निर्णायक संघर्ष में जाने को विवश होंगे।
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