खम्हरिया, उमरपोटी, उतई, पाटन के पहंडोर, बटंग, कुरूदडीह, भिलाई 3 के सिरसाकला, सोमनी, गनियारी, देवबलोदा, उरला में बैन।
- ईस्ट एंड वेस्ट डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर परियोजना के लिए कलेक्टर ने जारी किया संशोधित आदेश। जानिए किस-किस गांव पर रोक लगी।
- दुर्ग तहसील के बिरेझर, चंगोरी, कोनारी, चंदखुरी, हनोदा, खम्हरिया, उमरपोटी, उतई और डुमरडीह ग्राम शामिल किए गए हैं।
- पाटन तहसील के परेवाडीह, पहंडोर, औंधी, मगरघटा, बेन्द्री, नारधी, महकाकला, महकाखुर्द, कुरूदडीह और बटंग ग्राम भी प्रतिबंत।
- भिलाई-3 तहसील के सिरसाकला, परसदा (पाहंदा), सोमनी, गनियारी, देवबलोदा और उरला ग्राम भी सूची में शामिल।
सूचनाजी न्यूज, दुर्ग। केंद्र सरकार की ईस्ट-वेस्ट डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (East-West Dedicated Freight Rail Corridor Project) को लेकर को लेकर बड़ी खबर है। दुर्ग जिले के 25 गांवों में निजी भूमि के खाता विभाजन, अंतरण, व्यपवर्तन तथा खरीदी-बिक्री पर अस्थायी रोक लगा दी गई है। प्रभावित ग्रामीणों के हितों की रक्षा और परियोजना के क्रियान्वयन में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से यह निर्णय लिया गया है।
कलेक्टर अभिजीत सिंह ने 3 जून 2026 को इस संबंध में आदेश जारी किया था। 18 गावों में जमीन की खरीद-बिक्री पर रोक लगाई गई थी, अब ये संख्या 25 पर पहुंच गई है। उक्त आदेश में संशोधन करते हुए प्रभावित ग्रामों की सूची में बदलाव किया गया है। संशोधित आदेश के अनुसार परियोजना क्षेत्र में आने वाली निजी भूमि के संबंध में खाता विभाजन, अंतरण, व्यपवर्तन और खरीदी-बिक्री जैसी गतिविधियां आगामी आदेश तक प्रतिबंधित रहेंगी।
संशोधित आदेश के तहत दुर्ग तहसील के बिरेझर, चंगोरी, कोनारी, चंदखुरी, हनोदा, खम्हरिया, उमरपोटी, उतई और डुमरडीह ग्राम शामिल किए गए हैं। वहीं पाटन तहसील के परेवाडीह, पहंडोर, औंधी, मगरघटा, बेन्द्री, नारधी, महकाकला, महकाखुर्द, कुरूदडीह और बटंग ग्राम भी प्रतिबंधित क्षेत्र में शामिल हैं।
इसके अलावा भिलाई-3 तहसील के सिरसाकला, परसदा (पाहंदा), सोमनी, गनियारी, देवबलोदा और उरला ग्रामों को भी सूची में शामिल किया गया है। इस प्रकार कुल 25 गांवों में भूमि संबंधी लेन-देन पर रोक प्रभावी रहेगी।
कलेक्टर ने स्पष्ट किया है कि संशोधित आदेश में केवल ग्रामों की सूची में परिवर्तन किया गया है। पूर्व आदेश की अन्य सभी शर्तें यथावत लागू रहेंगी। प्रशासन का मानना है कि इससे भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहेगी तथा प्रभावित किसानों और ग्रामीणों के हितों की बेहतर सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकेगी।
उल्लेखनीय है कि ईस्ट एंड वेस्ट डेडीकेटेड फ्रेट कॉरिडोर परियोजना देश के माल परिवहन नेटवर्क को मजबूत करने वाली महत्वपूर्ण रेल परियोजनाओं में शामिल है। इसके निर्माण से मालगाड़ियों के संचालन में गति आएगी और औद्योगिक क्षेत्रों को बेहतर रेल संपर्क मिल सकेगा।

