संवैधानिक व श्रम कानून प्रदत्त अधिकारों की विस्तृत जानकारी दी और शोषण के विरुद्ध एकजुट होने का आह्वान किया।
- बर्नपुर इस्पात कर्मचारी संघ ने विभिन्न प्लांटों में प्रचलित वेज स्ट्रक्चर, भत्तों व सुरक्षा सुविधाओं की विसंगतियों पर प्रकाश डाला।
सूचनाजी न्यूज, बर्नपुर। भारतीय मजदूर संघ बर्नपुर कार्यालय में श्रम अधिकार कन्वेंशन का आयोजन किया गया। कन्वेंशन में विभिन्न विभागों से संविदा कर्मचारियों ने बढ़-चढ़कर भागीदारी की। बर्नपुर ठेकेदार मजदूर संघ के महामंत्री संजीत प्रसाद ने संविदा कर्मचारियों को उनके संवैधानिक व श्रम कानून प्रदत्त अधिकारों की विस्तृत जानकारी दी और शोषण के विरुद्ध एकजुट होने का आह्वान किया।
पार्थ चटर्जी-उपाध्यक्ष, बर्नपुर ठेकेदार मजदूर संघ ने संविदा कर्मियों के साथ हो रहे छल, वेतन कटौती व सुविधा विहीनता के षड्यंत्र को मंच से उजागर किया। महेश बनर्जी, अध्यक्ष, बर्नपुर ठेकेदार मजदूर संघ ने नए श्रम कोड 2026 के प्रावधानों को सरल भाषा में समझाते हुए कहा कि कानून अब मजदूर के पक्ष में है, बस जागरूकता की जरूरत है।
श्रीकांत साह-सचिव, बर्नपुर इस्पात कर्मचारी संघ ने विभिन्न प्लांटों में प्रचलित वेज स्ट्रक्चर, भत्तों व सुरक्षा सुविधाओं की विसंगतियों पर प्रकाश डाला। संजीत बनर्जी, महामंत्री, बर्नपुर इस्पात कर्मचारी संघ ने स्पष्ट आश्वासन दिया कि यदि प्रबंधन संविदा कर्मियों की जायज माँगों को अनसुना करता है, तो भारतीय मजदूर संघ आंदोलन के लिए पूरी तरह तैयार है। “संवाद नहीं, तो संघर्ष तय है।”
अजय कुमार सिंह, अध्यक्ष, बर्नपुर इस्पात कर्मचारी संघ ने सभी कार्यकर्ताओं, पदाधिकारियों व उपस्थित श्रमवीरों को धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि “मजदूर की एकता ही उसकी सबसे बड़ी ताकत है।”
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कन्वेंशन में उपस्थित रहे बर्नपुर इस्पात कर्मचारी संघ के संगठन मंत्री अमित सिंह, उपाध्यक्ष दीपक कुमार सिंह, राजीव कुमार, संतोष झा, मिथिलेश सिंह, दिवाकर दास, रवि रजक, तापस बाउरी, गणेश साव, कृष्णेंदु मुखर्जी सहित अन्य यूनियनों के पदाधिकारी व कार्यसमिति के सम्मानित सदस्य।
सीआइएसएफ जवान पर कार्रवाई की मांग
बर्नपुर न्यू फ्लाइओवर गेट पर शनिवार शाम को हुए हंगामे पर भारतीय मजदूर संघ (BMS) ने CISF कर्मी द्वारा किए गए कथित दुर्व्यवहार एवं शक्ति के दुरुपयोग की घटना पर गहरा आक्रोश व्यक्त किया। दोषी कर्मी के विरुद्ध अविलंब, निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कर कठोरतम विभागीय कार्रवाई की मांग की है।
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BMS का स्पष्ट कहना है कि किसी भी कर्मचारी, श्रमिक अथवा नागरिक के साथ अमर्यादित व्यवहार किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है। यदि दोषी के विरुद्ध समयबद्ध एवं प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई तो इससे कर्मचारियों और श्रमिकों में गलत संदेश जाएगा तथा प्रशासन की निष्पक्षता पर भी प्रश्नचिह्न खड़ा होगा।
संगठन ने प्रबंधन एवं CISF प्रशासन से मांग की है कि दोषी के विरुद्ध उदाहरण प्रस्तुत करने वाली कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो और कार्यस्थल पर सम्मान, सुरक्षा एवं सौहार्द का वातावरण बना रहे।”

