कर्मचारियों की मूलभूत सुविधाओं की बात आती है तो टेंडर और प्रक्रिया का हवाला देकर कार्यों को वर्षों तक लंबित रखते हैं।
- कई कर्मचारियों की पानी की टंकियां पिछले तीन वर्षों से मरम्मत की प्रतीक्षा कर रही हैं।
सूचनाजी न्यूज, बोकारो। बोकारो इस्पात नगर के विभिन्न सेक्टरों में पानी की टंकियों के समय पर अनुरक्षण और मरम्मत नहीं होने के कारण बड़ी संख्या में इस्पात कर्मी एवं उनके परिवार दूषित पानी पीने को मजबूर हैं। इस समस्या को लेकर कर्मचारियों में गहरा असंतोष व्याप्त है। कर्मचारी संगठनों का आरोप है कि नगर सेवा विभाग और सिविल अनुरक्षण विभाग की उदासीनता के कारण वर्षों से लंबित टैंक मरम्मत कार्य पूरा नहीं हो पा रहा है, जिससे लोगों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।
कर्मचारियों के अनुसार, पानी की टंकियों की मरम्मत का कार्य सामान्यतः ब्लॉक अनुरक्षण के साथ किया जाता है। इसके अलावा समय-समय पर अलग से टेंडर जारी कर टंकियों का अनुरक्षण भी कराया जाता है। यह जिम्मेदारी नगर सेवा के अंतर्गत आने वाले सिविल अनुरक्षण विभाग की है। आरोप है कि विभाग बड़े अधिकारियों के आवासों में उत्पन्न छोटी-बड़ी समस्याओं का समाधान करने में कभी देरी नहीं करता, वहीं वीआईपी दौरों के दौरान प्रस्तावित मार्गों को कुछ ही घंटों में नया स्वरूप देने में भी सक्रिय रहता है।
कर्मचारियों का कहना है कि हैप्पी स्ट्रीट, फुट स्ट्रीट जैसे आयोजनों के लिए विभाग तत्परता दिखाता है, लेकिन जब गैर-अधिशासी कर्मचारियों की मूलभूत सुविधाओं की बात आती है तो टेंडर और प्रक्रिया का हवाला देकर कार्यों को वर्षों तक लंबित रखा जाता है। कई कर्मचारियों की पानी की टंकियां पिछले तीन वर्षों से मरम्मत की प्रतीक्षा कर रही हैं। समय पर मरम्मत नहीं होने के कारण कई टंकियां दोबारा व्यापक ब्लॉक मेंटेनेंस की स्थिति में पहुंच गई हैं।
पीड़ित कर्मचारियों का आरोप है कि समस्या के समाधान के लिए विभाग के चक्कर लगाते-लगाते उनकी चप्पलें घिस गईं, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इस दौरान कई अधिकारियों का स्थानांतरण भी हुआ, मगर विभागीय कार्यशैली में कोई बदलाव नहीं आया। परिणामस्वरूप आज भी कर्मचारी और उनके परिवार गंदे पानी का उपयोग करने को विवश हैं।
स्थिति इतनी गंभीर हो गई है कि कई परिवार बाजार से पेयजल खरीदकर उपयोग कर रहे हैं। वहीं जिन लोगों ने अपने घरों में वाटर प्यूरीफायर लगवाए हैं, वे भी अत्यधिक गंदे पानी की आपूर्ति के कारण बार-बार खराब हो रहे हैं। कर्मचारियों का कहना है कि जब वे मरम्मत कार्य की प्रगति के बारे में पूछते हैं तो अधिकारियों की ओर से केवल इतना जवाब मिलता है कि “प्रक्रिया चल रही है, समय लगेगा”, लेकिन यह नहीं बताया जाता कि समस्या का समाधान कब तक होगा।
इस मुद्दे पर बोकारो अनाधिशासी कर्मचारी संघ (BAKS) के महासचिव हरिओम ने कहा कि मूलभूत सुविधाओं के प्रति इस प्रकार की लापरवाही नगर सेवा विभाग के अधिकारियों की कार्यशैली और संवेदनशीलता पर सवाल खड़े करती है। उनका कहना है कि सिविल अनुरक्षण विभाग का उद्देश्य नागरिक जीवन को सुविधाजनक बनाना होना चाहिए, लेकिन वर्तमान स्थिति में कर्मचारी और उनके परिवार अनावश्यक परेशानियों का सामना कर रहे हैं।
हरिओम ने मांग की कि सिविल अनुरक्षण विभाग अन्य कार्यों को प्राथमिकता देने के बजाय अविलंब पानी की टंकियों की मरम्मत कराए तथा कर्मचारियों की मूलभूत समस्याओं के समाधान के प्रति संवेदनशील रवैया अपनाए। उन्होंने कहा कि एक महारत्न कंपनी और “ग्रेट प्लेस टू वर्क” प्रमाणित संस्थान से इस प्रकार की स्थिति की अपेक्षा नहीं की जा सकती। कर्मचारियों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराना प्रबंधन की प्राथमिक जिम्मेदारी है और इसमें किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार्य नहीं होनी चाहिए।

