बहुचर्चित स्क्रैप चोरी मामले में दुर्ग पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है। अब तक 12 लोग गिरफ्तार किए जा चुके हैं।
- लोहा चोर को लेकर BSP पहुंची पुलिस, चोरी के ठिकाने दिखाए, खुलते गए कई राज।
- स्क्रैप चोरी कांड में बड़ा खुलासा! पुलिस ने आरोपी को प्लांट में घुमाया, चोरी की पूरी पटकथा दोहराई।
- भिलाई स्टील प्लांट में Crime Scene Recreate, आरोपी ने खुद बताया-कहां से और कैसे चुराया स्क्रैप।
अज़मत अली, भिलाई। सेल के भिलाई इस्पात संयंत्र (BSP) में हुए बहुचर्चित स्क्रैप चोरी कांड के मुख्य आरोपी संजय सिंह को गिरफ्तार करने के बाद दुर्ग पुलिस ने रिमांड पर लिया है। उत्तर प्रदेश से गिरफ्तार कर भिलाई लाए गए संजय सिंह से लगातार पूछताछ की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि भिलाई इस्पात संयंत्र के किन-किन हिस्सों से स्क्रैप की चोरी की गई, चोरी का माल किस तरह बाहर भेजा जाता था और इस पूरे नेटवर्क में कौन-कौन लोग शामिल थे। इन्हीं तथ्यों की पुष्टि के लिए शुक्रवार को घटनास्थलों पर बाकायदा सीन रिक्रिएट (Scene Recreate) किया गया।
बहुचर्चित स्क्रैप चोरी मामले में दुर्ग पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है। अब तक 12 लोग गिरफ्तार किए जा चुके हैं। शुक्रवार सुबह करीब 9 बजे भिलाई-3 थाना और भट्ठी थाना पुलिस की टीम मुख्य आरोपी संजय सिंह को लेकर बीएसपी पहुंची। आरोपी के हाथों में हथकड़ी लगी हुई थी। पुलिस ने उसे कुछ दूरी तक पैदल चलवाया और चोरी से जुड़े विभिन्न स्थानों पर ले जाकर घटनाक्रम को दोबारा समझा।
पुलिस सबसे पहले धर्मकांटा, स्लैग डंप यार्ड और स्टील मेल्टिंग शॉप-3 के पीछे स्क्रैप यार्ड समेत कई स्थानों पर आरोपी को लेकर पहुंची। हर स्थान पर उससे पूछताछ की गई और यह जानने का प्रयास किया गया कि स्क्रैप की चोरी कैसे की जाती थी तथा चोरी का माल किस प्रकार ट्रकों में लोड कर संयंत्र से बाहर भेजा जाता था। पुलिस ने पूरे घटनाक्रम का दस्तावेजीकरण भी किया।
सीन रिक्रिएशन के दौरान बीएसपी के अधिकारियों को दूर रखा गया। पुलिस अपनी निगरानी में ही आरोपी को विभिन्न स्थानों पर लेकर घूमती रही। इस प्रक्रिया में पुलिस टीम ने संयंत्र परिसर में काफी समय बिताया।
7 दिन की पुलिस रिमांड
गौरतलब है कि करीब 3 करोड़ 22 लाख रुपये की संपत्ति जब्ती वाले इस हाई-प्रोफाइल स्क्रैप चोरी मामले में दुर्ग पुलिस ने फरार चल रहे मुख्य आरोपी संजय सिंह को उत्तर प्रदेश से गिरफ्तार किया है। जांच के दौरान एक अन्य आरोपी पिंटू उर्फ उपेंद्र ओझा की संलिप्तता सामने आने पर उसे भी गिरफ्तार किया गया।
दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश करने के बाद 7 दिन की पुलिस रिमांड पर लिया गया है। रिमांड अवधि के दौरान पुलिस स्क्रैप चोरी के पूरे नेटवर्क, अवैध परिवहन व्यवस्था और इस मामले में शामिल अन्य लोगों के संबंध में गहन पूछताछ कर रही है।
फ्लू डस्ट की आड़ में चल रहा था स्क्रैप चोरी का खेल
पुलिस के अनुसार, 26 मई 2026 को मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर ग्राम अकलोरडीह, खदान पारा स्थित ए.के. ट्रेडर्स, हथखोज भिलाई में जांच की गई थी। जांच के दौरान कई हाईवा और ट्रकों में फ्लू डस्ट के साथ बीएसपी से चोरी किए गए लोहे के प्लेट, बीम और कटिंग सामग्री लोड मिली थी। मौके से बड़ी मात्रा में स्क्रैप का अवैध भंडारण भी बरामद किया गया था।
जांच में खुलासा हुआ कि फ्लू डस्ट के परिवहन की आड़ में बीएसपी का कीमती स्क्रैप चोरी कर संयंत्र से बाहर भेजा जा रहा था। इसी मामले में पुलिस अब पूरे नेटवर्क की परत-दर-परत जांच कर रही है।

