क्रेडिट कार्ड हैक होने की जानकारी मिलते ही सबसे पहले कार्ड ब्लॉक कराइए। कस्टमर केयर पर बात करके ब्लॉक कराइए।
- बीएसपी प्लेट मिल के एजीएम अजय कुमार चौरसिया के साथ धोखाधड़ी हुई है।
सूचनाजी न्यूज, भिलाई। साइबर अपराधियों के हौसले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। अब उनकी चपेट में स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (SAIL) के भिलाई स्टील प्लांट (BSP) के एक वरिष्ठ अधिकारी भी आ गए हैं। प्लेट मिल में पदस्थ एक एजीएम (सहायक महाप्रबंधक) के क्रेडिट कार्ड से साइबर ठगों ने 91,500 रुपये की धोखाधड़ी कर ली। मामले की शिकायत दर्ज कराई गई है, जिसके आधार पर जांच शुरू कर दी गई है।
एजीएम अजय कुमार चौरसिया के खाते से क्रेडिट कार्ड के माध्यम से 91,500 रुपये की अनधिकृत निकासी की गई। उनके क्रेडिट का नंबर अपडेट कर दिया गया, जिसकी जानकारी तक नहीं हो सकी। एक दिन बैंक से फोन आया और बताया कि आपने अपना नंबर अपडेट किया है क्या? इतना सुनते ही अजय कुमार चौरसिया के होश उड़ गए। बताया गया कि 15 मई को नंबर अपडेट किया गया है। साथ ही अलग-अलग तारीख में 91 हजार 500 रुपए की खरीदारी की गई है।
उन्हें मोबाइल पर ट्रांजेक्शन की जानकारी मिली, तब इस ठगी का खुलासा हुआ। इसके बाद उन्होंने संबंधित बैंक और साइबर अपराध से जुड़े अधिकारियों को शिकायत दी। बताया जा रहा है कि एचडीएफसी क्रेडिट कार्ड से ठगी हुई, उसका नियमित उपयोग नहीं किया जा रहा था। प्रारंभिक आशंका है कि कार्ड की जानकारी किसी तरह साइबर अपराधियों के हाथ लग गई और उन्होंने ऑनलाइन ट्रांजेक्शन के जरिए रकम निकाल ली।
वरिष्ठ अधिकारी भी नहीं बचे साइबर जाल से
यह मामला इसलिए भी गंभीर माना जा रहा है क्योंकि साइबर अपराधियों ने एक बड़े सार्वजनिक उपक्रम के वरिष्ठ अधिकारी को निशाना बनाया है। इससे साफ है कि ठग अब किसी भी वर्ग को निशाना बनाने से नहीं चूक रहे हैं। आम लोगों के साथ-साथ अधिकारी और पेशेवर भी साइबर ठगी के शिकार हो रहे हैं।
क्रेडिट कार्ड इस्तेमाल नहीं करते तो तुरंत करें यह काम
साइबर विशेषज्ञों का कहना है कि यदि कोई व्यक्ति अपने क्रेडिट कार्ड का नियमित उपयोग नहीं करता है, तो उसे कार्ड को ब्लॉक या अस्थायी रूप से निष्क्रिय कर देना चाहिए। कई बैंक मोबाइल एप और कस्टमर केयर के माध्यम से यह सुविधा देते हैं।
इन बातों का रखें विशेष ध्यान
लंबे समय से उपयोग नहीं हो रहे क्रेडिट कार्ड को ब्लॉक कराएं।
बैंक खाते और कार्ड की ट्रांजेक्शन अलर्ट सेवा हमेशा चालू रखें।
किसी भी अनजान लिंक पर कार्ड संबंधी जानकारी साझा न करें।
ओटीपी, सीवीवी और कार्ड नंबर किसी को न बताएं।
समय-समय पर बैंक स्टेटमेंट और कार्ड ट्रांजेक्शन की जांच करते रहें।
संदिग्ध ट्रांजेक्शन दिखते ही तुरंत बैंक और साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत करें।
बढ़ रहे हैं साइबर अपराध
भिलाई और दुर्ग जिले में पिछले कुछ महीनों के दौरान ऑनलाइन फ्रॉड, फर्जी कॉल, निवेश के नाम पर ठगी और बैंकिंग धोखाधड़ी के कई मामले सामने आ चुके हैं। साइबर पुलिस लगातार लोगों को सतर्क रहने की सलाह दे रही है, लेकिन इसके बावजूद अपराधी नए-नए तरीके अपनाकर लोगों को निशाना बना रहे हैं।
बीएसपी के एजीएम के साथ हुई यह घटना एक बार फिर चेतावनी दे रही है कि डिजिटल लेन-देन के दौर में थोड़ी सी लापरवाही भी बड़ी आर्थिक क्षति का कारण बन सकती है। इसलिए हर कार्डधारक को अपने बैंकिंग और क्रेडिट कार्ड खातों पर लगातार नजर रखनी चाहिए।
जानिए अजय कुमार चौरसिया ने और क्या बताया
अजय कुमार चौरसिया के नाम पर HDFC बैंक का Indian Oil Credit Card था, जिसका काफी समय से उपयोग नहीं कर रहा थे। उनकी जानकारी एवं सहमति के बिना बैंक द्वारा एक नया RuPay Credit Card जारी किया गया। यह कार्ड उन्हें कभी भी भौतिक रूप से प्राप्त नहीं हुआ और न ही इसके जारी होने की कोई जानकारी दी गई।
बाद में उन्हें कस्टमर केयर से फोन आने पर पता चला कि उक्त क्रेडिट कार्ड में उनका मोबाइल नंबर बदल दिया गया है तथा उसी कार्ड के माध्यम से फ्रॉड किया गया है।
इस धोखाधड़ी की शिकायत National Cyber Crime Reporting Portal पर दर्ज कराना चाहते हैं, लेकिन शिकायत दर्ज करने के लिए संबंधित क्रेडिट कार्ड का पूरा नंबर आवश्यक है। चूँकि उक्त कार्ड कभी मेरे पास आया ही नहीं, इसलिए उसका पूरा नंबर पास में उपलब्ध नहीं है।
लगभग एक सप्ताह पूर्व बैंक से उस क्रेडिट कार्ड का पूरा नंबर अथवा आवश्यक विवरण उपलब्ध कराने का अनुरोध किया था, परंतु आज तक उन्हें कोई जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई है। बैंक द्वारा जानकारी न दिए जाने के कारण साइबर क्राइम में शिकायत दर्ज नहीं करा पा रहे, जिससे जांच और कार्रवाई में अनावश्यक विलंब हो रहा है।

