इस्पात मंत्रालय की परामर्शदात्री समिति की बैठक तथा सेल के कोलकाता स्थित सीएमओ कार्यालय में भी समीक्षा बैठक करेंगे।
सूचनाजी न्यूज, दुर्गापुर। केंद्रीय भारी उद्योग एवं इस्पात मंत्री एच.डी. कुमारस्वामी 12 से 14 जुलाई तक पश्चिम बंगाल के दौरे पर रहेंगे। जारी आधिकारिक दौरा कार्यक्रम के अनुसार इस दौरान वह सेल के बर्नपुर स्टील प्लांट (आईएसपी) और दुर्गापुर स्टील प्लांट (डीएसपी) का दौरा कर उत्पादन, परियोजनाओं और संचालन व्यवस्था की समीक्षा करेंगे। इसके अलावा इस्पात मंत्रालय की परामर्शदात्री समिति की बैठक तथा सेल के कोलकाता स्थित सीएमओ कार्यालय में भी समीक्षा बैठक करेंगे।
12 जुलाई को बर्नपुर स्टील प्लांट का दौरा
दौरा कार्यक्रम के अनुसार इस्पात मंत्री रविवार 12 जुलाई की सुबह बेंगलुरु से विशेष विमान द्वारा दुर्गापुर पहुंचेंगे। यहां से सड़क मार्ग से सीधे बर्नपुर स्टील प्लांट जाएंगे। दोपहर 11:45 बजे से 1:30 बजे तक प्लांट का निरीक्षण करेंगे। इसके बाद दोपहर 1:30 बजे से 2:00 बजे तक बर्नपुर स्टील प्लांट की समीक्षा बैठक होगी। शाम को वह दुर्गापुर में रात्रि विश्राम करेंगे।
13 जुलाई को दुर्गापुर स्टील प्लांट का निरीक्षण
सोमवार 13 जुलाई को सुबह 10 बजे इस्पात मंत्री दुर्गापुर स्टील प्लांट पहुंचेंगे। सुबह 10 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक प्लांट का दौरा करेंगे। इसके बाद दोपहर 2 बजे से 3 बजे तक इस्पात मंत्रालय की परामर्शदात्री समिति (Consultative Committee of Steel Ministry) की बैठक में शामिल होंगे। बैठक के बाद शाम को कोलकाता के लिए रवाना होंगे।
14 जुलाई को कोलकाता में अहम बैठकें
14 जुलाई को इस्पात मंत्री सबसे पहले कालीघाट काली मंदिर और दक्षिणेश्वर काली मंदिर में दर्शन करेंगे। इसके बाद पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री के साथ निर्धारित बैठक में भाग लेंगे।
दोपहर 1 बजे से 2 बजे तक सेल के सीएमओ कार्यालय में समीक्षा बैठक होगी, जिसमें सेल की विभिन्न परियोजनाओं, उत्पादन और अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा होने की संभावना है। इसके बाद ब्रिज एंड रूफ कंपनी (इंडिया) लिमिटेड तथा बीबीजे (BBJ) की भी समीक्षा बैठकें प्रस्तावित हैं।
समीक्षा बैठकों पर रहेगी नजर
इस दौरे को सेल के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। बर्नपुर और दुर्गापुर स्टील प्लांट के संचालन, उत्पादन, आधुनिकीकरण परियोजनाओं और भविष्य की योजनाओं पर इस्पात मंत्री की समीक्षा बैठकों में अहम निर्णय लिए जाने की संभावना है। कर्मचारी संगठनों और अधिकारियों की नजर भी इन बैठकों पर टिकी हुई है, क्योंकि प्लांटों से जुड़े विभिन्न लंबित मुद्दों पर चर्चा होने की उम्मीद जताई जा रही है।

