RSP में रिटायरमेंट व VRS लेने वाले कर्मचारियों-अधिकारियों के लिए विशेष कार्यशाला, वित्त, मेडिक्लेम और NPS की दी जानकारी।
- 22 स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (VR) लेने वाले अधिकारियों सहित 52 कार्मिकों ने लिया हिस्सा।
सूचनाजी न्यूज, राउरकेला। स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (सेल) के राउरकेला स्टील प्लांट (RSP) से इस माह रिटायरमेंट और विदाई लेने वालों की संख्या सामने आ गई। स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (Voluntary Retirement-VR) लेने वाले अधिकारियों और सेवानिवृत्ति के करीब पहुंच चुके कर्मचारियों को नई जिंदगी के लिए तैयार करने के उद्देश्य से ‘रोशनी’ (ROSHNI) प्री-रिटायरमेंट एम्पावरमेंट वर्कशॉप का आयोजन किया गया।
सीपीटीआई (CPTI) में आयोजित इस कार्यशाला में अगस्त 2026 में सेवानिवृत्त होने वाले 30 कर्मचारी और जुलाई 2026 में जिनकी स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (VR) स्वीकार हो चुकी है, ऐसे 22 अधिकारियों ने भाग लिया। कार्यशाला के उद्घाटन सत्र में सीजीएम (I&A) के.के. सेनगुप्ता मुख्य अतिथि रहे, जबकि जीएम इंचार्ज (ऑक्सीजन प्लांट) एस.एस. सैनी विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
रिटायरमेंट और VR लेने वालों को मिला टिप्स
कार्यशाला में अधिकारियों और सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारियों को रिटायरमेंट के बाद स्वस्थ, सुरक्षित और आर्थिक रूप से सुदृढ़ जीवन जीने के लिए विभिन्न विषयों पर विशेषज्ञों ने मार्गदर्शन दिया।
स्वास्थ्य, साइबर सुरक्षा और वित्तीय योजना पर विशेष सत्र
अतिरिक्त मुख्य चिकित्सा अधिकारी (मेडिकल) डॉ. शिवालकर ने रिटायरमेंट के बाद बेहतर स्वास्थ्य बनाए रखने और जीवनशैली से जुड़े महत्वपूर्ण सुझाव दिए। डिप्टी जीएम (C&IT) वी.पी. आर्य ने डिजिटल युग में साइबर सुरक्षा, ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचाव और सुरक्षित इंटरनेट उपयोग पर जानकारी दी।
वित्त एवं लेखा विभाग के डी.के. दाश ने अंतिम भुगतान (फाइनल सेटलमेंट) की प्रक्रिया और वित्तीय प्रबंधन की जानकारी दी, जबकि एजीएम (फाइनेंस) पप्पू कुमार ने भविष्य की वित्तीय सुरक्षा और निवेश योजना पर विस्तार से चर्चा की।
मेडिक्लेम, NPS और क्वार्टर रिटेंशन की भी जानकारी
कार्यशाला में कर्मचारियों को SAIL Mediclaim Scheme, राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (NPS), रिटायरमेंट के बाद क्वार्टर खाली करने और क्वार्टर रिटेंशन से जुड़ी नीतियों की भी विस्तार से जानकारी दी गई। इसके अलावा सकारात्मक सोच के साथ रिटायरमेंट के बाद का जीवन कैसे जिया जाए, इस विषय पर भी विशेष सत्र आयोजित किया गया।
रिटायरमेंट को सकारात्मक बनाने की पहल
एचआर विभाग के अनुसार, ‘रोशनी’ कार्यशाला का उद्देश्य कर्मचारियों और वीआर लेने वाले अधिकारियों को रिटायरमेंट के बाद के जीवन के लिए मानसिक, सामाजिक, स्वास्थ्य और आर्थिक रूप से तैयार करना है, ताकि वे आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच के साथ अपने जीवन के नए चरण की शुरुआत कर सकें।

