रिटेंशन आवासों के मनमाने किराया वृद्धि (24 रुपए प्रतिवर्ग फीट) एवं लाइसेंस आवासों को खाली करने के आदेश पर 11 बिंदुओं पर बात रखी गई।
सूचनाजी न्यूज, भिलाई। सेल भिलाई टाउनशिप के रहवासियों ने बीएसपी प्रबंधन के खिलाफ आक्रोशित जाहिर किया। शनिवार शाम को मुर्गा चौक पर विरोध प्रदर्शन के बाद इस्पात भवन घेराव के लिए भीड़ आगे बढ़ी। पहली बैरिकेडिंग को तोड़कर युवा आक्रोशित अंदाज को दिखाते हुए दूसरी बैरिकेडिंग के प्वाइंट पर पहुंच गए। यहां पुलिस ने घेराबंदी कर रखी थी। काफी देर तक धक्का-मुक्की होती रही। युवा नारे लगाते रहे। कई युवाओं को उठाकर पुलिस की तरफ भी फेंका गया। पुलिस भी युवाओं को हाथों-हाथ लिए दूसरे पाले में फेंकती रही। काफी मशक्कत का दौर नजर आया।
इसी बीच कुदरत ने भिलाई स्टील प्लांट पर कृपा कर दी। शाम करीब सवा 6 बजे तेज बारिश शुरू हो गई। देखते ही देखते युवाओं बारिश का मजा लेने लगे। भीड़ आक्रोश का संदेश देकर अपने-अपने घरों की ओर लौट गई। प्रदर्शनकारियों की आरे से भिलाई इस्पात संयंत्र के प्रभारी निदेशक के नाम संबोधित मांग पत्र प्रबंधन को सौंपा जाएगा। रिटेंशन आवासों के मनमाने किराया वृद्धि (24 रुपये प्रतिवर्ग फीट) एवं लाइसेंस आवासों के नवीनीकरण को रोकने व आवासों को खाली कराने के आदेश को वापस लेने की खास मांग की गई। इसकी कॉपी दुर्ग के कलेक्टर को भी भेजी जाएगी। फिलहाल, पुलिस, सीआइएसएफ और बीएसपी प्रबंधन ने राहत की सांस ली है। विरोध प्रदर्शन कार्यक्रम के संयाेजक छत्तीसगढ़ यूथ कांग्रेस के महासचिव जुल्फिकार अहमद सिद्दीकी थे। विधायक देवेंद्र यादव ने समर्थन दिया था।
आप भी पढ़िए मांग पत्र में क्या लिखा है, जो प्रबंधन के पास जाएगा
1. सेल आवास लीज योजना के आधार पर भिलाई इस्पात संयंत्र के आवासों को वर्ष 2001-03 के मध्य तीस वर्षीय पट्टे पर संयंत्र कर्मचारियों को दी गई थी। जिसमें 4352 आवास लीज योजना में आवंटित की गई।
2. इसी योजना को विस्तारित कर लाइसेंस पद्धति के तहत अवैध कब्जाधारियों सहित गैर कर्मचारियों को भी आवास आवंटित की गई। जिसकी संख्या 5000 से भी अधिक है।
3. 9 फरवरी 2008 को सेल के स्वर्ण जयंती समारोह के अवसर पर तत्कालीन इस्पात मंत्री स्व. रामविलास पासवान ने हाउस लीज योजना के तत्काल लागू करने की घोषणा भिलाई में की थी।
4. इस घोषणा पश्चात 25 जुलाई 2008 को सेल बोर्ड की 340वीं बैठक में लीज आवासों के अतिरिक्त निर्माण के विनियमितीकरण पश्चात लीज योजना लागू करना तय किया गया था। भिलाई में इसे तत्काल 599 वर्गफुट तक के आवासों को तुरंत ही चालू करने का निर्देश भी दिया गया।
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5. सन 2008 में ही सेवा निवृत्त हो रहे कई कर्मचारियों के ग्रेच्युटी की राशि से दो लाख रुपये अग्रिम रूप से प्रबंधन ने हाउस लीज रिकवरी के रूप में रख ली थी।
6. इन्हीं में से अधिकांश पूर्व कर्मचारियों को कुछ शर्तों के साथ 2 साल संयंत्र आवासों में रहने की अनुमति दी गई तथा हाउस लीज रिकवरी की राशि को सुरक्षा निधि के रूप में परिभाषित किया गया। इन पूर्व कर्मचारियों को मौखिक रूप से यह प्रबंधन ने आश्वस्त किया कि भविष्य में लीज योजना के लागू होने पर रिटेंशन स्कीम में रह रहे पूर्व कर्मचारियों को समाहित कर लिया जाएगा।
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7. 20 मार्च 2015 को तत्कालीन इस्पात राज्य मंत्री व वर्तमान मुख्यमंत्री छ.ग. शासन विष्णु देव साय के नेतृत्व में सेल के शीर्ष अधिकारियों की बैठक उद्योग भवन दिल्ली में हुई थी, जिसमें इस बात पर सहमति बनी भी कि इस योजना को पुनः नियमितीकरण पश्चात लागू किया जाएगा।
सन 2019 में कुछ कर्मचारियों को जो रिटेंशन स्कीम में रह रहे थे, लाइसेंस योजना के तहत पांच लाख सुरक्षा निधि राशि लेकर वैधता प्रदान की गई।
9. आज भी हजारों पूर्व कर्मचारी तथा वर्तमान कर्मचारी सहित उनका परिवार इस लीज/लाइसेंस योजना को क्रियान्वयन का इंतजार कर रहे हैं।
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10. राज्य शासन तथा भिलाई नगर निगम के अधिकारियों ने नियमितीकरण पर लगातार पत्र व्यवहार प्रबंधन से किया। परन्तु सेल प्रबंधन ने इस पर हमेशा टाल मटोल का रवैया रखा। बल्कि इस संस्था से जुड़े सदस्यों को पीपी एक्ट से प्रताड़ित करना प्रारंभ कर दिया, जो आज भी जारी है।
11. इसी प्रताड़ना के तहत लाइसेंस योजना में आवंटित आवासधारियों को यहां नोटिस दी जा रही है, वे अपना समस्त बकाया देय कर तथा आवास को जमा कर प्रबंधन को सूचना दें। ये अत्यंत अमानवीय है, हमें किसी भी स्थिति में यह स्वीकार्य नहीं है। हम बीएसपी आवासों को किसी भी स्थिति में खाली नहीं करेंगे। इस पूरे परिपेक्ष में कोई कानून व्यवस्था स्थिति निर्मित होती है तो प्रबंधन ही इसके लिए जिम्मेदार रहेगा। अतः हम आपसे अनुरोध करते है कि इस विषय में तुरंत हस्तक्षेप कर हमारी उक्त मांग सहित पूरे शहर के विधिवत व्यवस्थापन की पहल करें।

