संभावित खतरे की पहचान कर उसे समय रहते खत्म करना जरूरी। लगातार तस्वीरें दिखाने के बाद भी सेफ्टी डिपार्टमेंट जाग नहीं रहा है।
- URM के पास मवेशियों का झुंड, अंधेरे-बारिश में रोड सेफ्टी पर सवाल।
सूचनाजी न्यूज, भिलाई। स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड-सेल के भिलाई स्टील प्लांट में बेहाल रोड सेफ्टी को लेकर लगातार तस्वीरें सामने आ रही हैं। प्लांट के भीतर मवेशियों की मौजूदगी कर्मचारियों के लिए गंभीर खतरा बनती जा रही है। इसके बावजूद हादसों को रोकने के लिए प्रभावी कार्रवाई होती नजर नहीं आ रही है।
पिछले दिनों सांड के हमले में एक कर्मी गंभीर रूप से घायल हो गया था। घायल कर्मी के हाथ में फ्रैक्चर होने के बाद सेक्टर-9 हॉस्पिटल में प्लास्टर लगाया गया। इस घटना के बाद प्लांट परिसर में आवारा मवेशियों की मौजूदगी को लेकर सवाल उठे थे।
अब ताजा तस्वीर यूनिवर्सल रेल मिल (URM) क्षेत्र से सामने आई है। दुनिया की सबसे लंबी रेल पटरी बनाने वाले यूआरएम के आसपास सड़क पर मवेशियों का झुंड दिखाई दे रहा है। इसी मार्ग से बीएसपी के कर्मचारी और अन्य कार्मिक लगातार आवाजाही करते हैं। सेफ्टी डिपार्टमेंट की ढिलाई की वजह से भिलाई स्टील प्लांट खटाल का रूप ले चुका है। जहां-तहां मवेशी नज़र आ रहे हैं।
रात में बढ़ जाता है खतरा
बारिश के मौसम में सड़क पर फिसलन के साथ दृश्यता भी प्रभावित होती है। ऐसे में सड़क पर अचानक सामने आने वाला मवेशी किसी बड़े हादसे का कारण बन सकता है। खासकर काली भैंस रात के अंधेरे में वाहन चालकों को आसानी से दिखाई नहीं देती।
यूआरएम जैसे महत्वपूर्ण उत्पादन क्षेत्र के आसपास मवेशियों का झुंड दिखाई देना रोड सेफ्टी व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है। रात के समय अंधेरा, बारिश और सड़क पर बैठे या घूमते मवेशी मिलकर हादसे का जोखिम और बढ़ा देते हैं।
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हादसे के बाद भी सबक नहीं
बीएसपी में रोड सेफ्टी को लेकर पहले भी कई घटनाएं सामने आती रही हैं। सांड के हमले में कर्मी के घायल होने की घटना के बाद उम्मीद थी कि प्लांट के भीतर मवेशियों की आवाजाही रोकने के लिए अभियान चलाया जाएगा। लेकिन ताजा तस्वीरें बताती हैं कि समस्या अभी भी बनी हुई है।
सवाल यह है कि क्या किसी बड़े हादसे का इंतजार किया जा रहा है? सेफ्टी डिपार्टमेंट की जिम्मेदारी केवल हादसे के बाद समीक्षा तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि संभावित खतरे की पहचान कर उसे समय रहते खत्म करना भी जरूरी है। लगातार तस्वीर दिखाने के बाद भी विभाग जाग नहीं रहा है।
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कर्मचारियों की सुरक्षा को देखते हुए प्लांट के भीतर आवारा मवेशियों को हटाने, संवेदनशील मार्गों पर निगरानी बढ़ाने और रात के समय पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था सुनिश्चित करने की जरूरत है। रोड सेफ्टी के नियमों का पालन तभी प्रभावी माना जाएगा, जब कर्मचारियों को संभावित खतरों से सुरक्षित वातावरण भी उपलब्ध कराया जाए।
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