पीएमओ, सेंट्रल विजिलेंस, इस्पात सचिव संदीप पौंड्रिक, सेल सीएमडी, डायरेक्टर पर्सनल से लिखित शिकायत का दौर शुरू।
- 5 मई 2026 को Suchnai.com ने “इस्पात सचिव-CMD को छुटभैय्या नेता का ठेंगा, ड्यूटी BHILAI STEEL PLANT में, अटेंडेंस सेक्टर 9 हॉस्पिटल के चेस्ट OPD में” खबर प्रसारित किया था।
सूचनाजी न्यूज, भिलाई। जीएम स्तर के अधिकारियों को नॉन परफॉर्मेंस समेत कई आरोप के आधार पर सीआर देकर सेल से बाहर किया जा रहा है। स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड एक्शन मोड में है। दूसरी ओर कंपनी को लूटने और चपत लगाने वालों की मौज है। ड्यूटी किए नहीं। अटेंडेंस लगाकर हर महीने सैलरी लेने वालों ने भी कंपनी को भारी नुकसान पहुंचाया है। ऐसे लोगों की काली करतूत पकड़ में आने के बाद कोई कार्रवाई तक नहीं की गई। संरक्षण देने वाले भी उजागर होते जा रहे हैं।
5 मई 2026 को Suchnai.com ने “इस्पात सचिव-CMD को छुटभैय्या नेता का ठेंगा, ड्यूटी BHILAI STEEL PLANT में, अटेंडेंस सेक्टर 9 हॉस्पिटल के चेस्ट OPD में” खबर प्रमुखता से प्रसारित किया था। बीएसपी के रिक्लेमेशन शॉप के कर्मचारी की ड्यूटी प्लांट के अंदर है। लेकिन, महाधूर्त सेक्टर 9 हॉस्पिटल की चेस्ट ओपीडी में अटेंडेंस लगाकर कंपनी को लूट रहा था। ड्यूटी जाता ही नहीं था। अधिकारियों के सांठगांठ का फायदा उठा रहा था। इससे पहले सेक्टर 7 प्लांट गैरेज में अटेंडेंस लगाता था, जबकि ड्यूटी प्लांट के अंदर थी।
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सूचनाजी.कॉम में खबर आने के बाद अधिकारियों ने अपनी गर्दन बचाने के लिए फर्जी अटेंडेंस पर रोक लगाई। लेकिन, फर्जीवाड़े का सहारा लेकर महीनों तक पूरी सैलरी लेने वालों पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। जब ड्यूटी किया ही नहीं, तो सैलरी कैसे दी जा सकती है। धांधली को पकड़ी गई है। पूरा रिकॉर्ड है। बावजूद, रिकवरी नहीं होना, स्थानीय प्रबंधन की मंशा पर सवाल उठा रहा है। कई अधिकारियों की मिली-भगत से कंपनी को भारी नुकसान हुआ है।
एक तरफ मैनपॉवर की कमी से ईमानदारी कार्मिक प्लांट में जूझ रहे हैं। वहीं, नेतागिरी के नाम पर धांधली करने वालों को खुली छूट दी गई। बीएसपी के ईमानदार कार्मिकों ने इस मामले की लिखित शिकायत प्रधानमंत्री कार्यालय, सेंट्रल विजिलेंस, इस्पात सचिव संदीप पौंड्रिक, सेल सीएमडी डाक्टर अशोक कुमार पंडा, डायरेक्टर पर्सनल केके सिंह से करनी शुरू कर दी है। भिलाई स्टील प्लांट राष्ट्र की संपत्ति है। इसको लूटने वालों को स्थानीय नेताओं का संरक्षण प्राप्त है। अब देखना यह है कि पीएमओ, इस्पात सचिव कार्यालय से बीएसपी प्रबंधन को क्या आदेश आता है।
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125 से ज्यादा कार्मिकों की अटेंडेंस लग रही थी बाहर
सूचनाजी.कॉम में खबर प्रसारित होने के बाद बीएसपी प्रबंधन ने कार्रवाई शुरू की थी। बहुत से ऐसे कार्मिक थे, जिनका ट्रांसफर प्लांट के भीतर हो गया था। लेकिन, अटेंडेंस की व्यवस्था बाहर भी जारी रही। इसका फायदा उठा रहे थे। ऐसे लोगों की सुविधा पर रोक लगाई गई थी। साथ ही करीब 15 लोग ऐसे भी धरे गए, जो ड्यूटी जाते नहीं थे।
सेक्टर 9 हॉस्पिटल और टाउनशिप की अन्य बायोमेट्रिक मशीनों पर हाजिरी लगा रहे थे। ये लोग ड्यूटी जाते ही नहीं थे। भोर में 5 बजे के बाद अटेंडेंस लगाकर घर लौट जाते थे। अपने विभाग में सिर्फ आउट पंचिंग के लिए कभी-कभार नज़र आते थे। सेक्टर 7 प्लांट गैरेज से सेक्टर 9 हॉस्पिटल तक अटेंडेंस के नाम पर फर्जीवाड़े की पूरी रिपोर्ट मैनेजमेंट के पास है। अब तो विजिलेंस डिपार्टमेंट पर भी सबकी नज़र है कि वह एक्शन लेगा या नहीं…?








