4 लेबर कोड पर श्रम मंत्रालय की टीम का भिलाई स्टील प्लांट की यूनियन-श्रमिकों से संवाद। सीएलसी, ईएसआईसी और ईपीएफओ पर होगी चर्चा।
सूचनाजी न्यूज, भिलाई। नए श्रम कानून को लेकर ट्रेड यूनियन और श्रमिकों में कुछ भ्रम की स्थिति है। जागरुकता बढ़ाने के लिए सेल भिलाई स्टील प्लांट के कर्मचारियों और यूनियन नेताओं के साथ केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्रालय की उच्चस्तरीय टीम ने एचआरडी बिल्डिंग में संवाद कार्यक्रम कर रहे हैं। शुक्रवार दोपहर पौने 12 बजे कार्यक्रम शुरू हो गया। इंटक, सीटू, एटक, एक्टू, स्टील वर्कर्स यूनियन, लोइमू, बीएमएस, एचएमएस, बीएकेएस आदि से पदाधिकारी भी पहुंचे हैं।
केंद्रीय टीम का नेतृत्व श्रम सुधार विभाग के निदेशक डॉ. पीके जेना कर रहे हैं। कार्यक्रम में मंत्रालय के अवर सचिव, एलआरसी संजय कुमार तिवारी और श्रम कल्याण आयुक्त (मुख्यालय), पीएमयू-एलआरसी ओपी सिंह, उप मुख्य श्रम आयुक्त बीसी नायक, ईडी माइंस अरुण कुमार, सांसद विजय बघेल, संजय द्विवेदी, संजीव श्रीवास्तव, रोहित हरित आदि शामिल हैं। विभिन्न कल्याणकारी प्रावधानों पर जोर दिया गया। सीएलसी, ईएसआईसी और ईपीएफओ के अधिकारियों ने भी सवालों के जवाब दिए जाएंगे।
मुख्य श्रम आयुक्त (केंद्रीय), ईएसआईसी और ईपीएफओ के स्थानीय अधिकारी तथा छत्तीसगढ़ सरकार के कारखाना निदेशालय के अधिकारी केंद्रीय टीम के साथ मौजूद हैं। कर्मचारियों को श्रम कानूनों, सामाजिक सुरक्षा, ईएसआईसी, ईपीएफओ और कार्यस्थल से जुड़े प्रावधानों पर चर्चा होगी।
केंद्र सरकार की ओर से चार श्रम संहिताएं लागू की गई हैं। वेतन संहिता, 2019; औद्योगिक संबंध संहिता, 2020; सामाजिक सुरक्षा संहिता, 2020; तथा व्यावसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं कार्यदशा संहिता, 2020। श्रम मंत्रालय की आधिकारिक वेबसाइट पर इन संहिताओं और 2026 के केंद्रीय नियमों से संबंधित दस्तावेज उपलब्ध हैं।








