SAIL BSL: जय झारखंड मजदूर समाज ने बीएसएल के शॉप्स एंड फाउंड्री विभाग के मजदूरों के बीच चलाया जनजागरण अभियान।
- सेस और रॉयल्टी से संबंधित करीब 14 हजार करोड़ रुपये के राजस्व पर रोक लगने की स्थिति बन सकती है।
सूचनाजी न्यूज, बोकारो। खान-खनिज संशोधन विधेयक 2026 को लेकर झारखंड में विरोध का सिलसिला जारी है। इसी कड़ी में जय झारखंड मजदूर समाज की ओर से शॉप्स एंड फाउंड्री विभाग में कार्यरत मजदूरों के बीच जनजागरण अभियान चलाया गया। मजदूरों को संबोधित करते हुए झारखंड मुक्ति मोर्चा के केंद्रीय सदस्य सह जय झारखंड मजदूर समाज के महामंत्री बीके चौधरी ने केंद्र सरकार पर झारखंड के हितों की अनदेखी करने का आरोप लगाया।
बीके चौधरी ने कहा कि झारखंड अलग राज्य के गठन के लिए वर्षों तक लोकतांत्रिक और आंदोलनात्मक संघर्ष चला। इस आंदोलन में हजारों झारखंडवासियों ने अपनी जान गंवाई, जिसके बाद वर्ष 2000 में झारखंड राज्य का गठन हुआ। उन्होंने कहा कि खनिज संपदा से समृद्ध झारखंड लंबे समय तक भुखमरी, बेरोजगारी, अशिक्षा और विकास की समस्याओं से जूझता रहा।
उन्होंने आरोप लगाया कि हेमंत सोरेन के नेतृत्व वाली राज्य सरकार ने झारखंड के विकास को गति देने का प्रयास किया, लेकिन केंद्र की मोदी सरकार को यह रास नहीं आया। चौधरी के मुताबिक, बिना राज्य सरकार से विचार-विमर्श और संसद में पर्याप्त चर्चा के बीच खान-खनिज संशोधन विधेयक 2026 को पारित कराया गया।
खनिज राजस्व को लेकर केंद्र पर निशाना
बीके चौधरी ने दावा किया कि संशोधन के कारण खनिजों से मिलने वाले सेस और रॉयल्टी से संबंधित करीब 14 हजार करोड़ रुपये के राजस्व पर रोक लगने की स्थिति बन सकती है। उन्होंने कहा कि इससे राज्य सरकार की मंईयां सम्मान योजना सहित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं पर भी असर पड़ने की आशंका है।
उन्होंने कहा कि झारखंड की जनता इस फैसले को स्वीकार नहीं करेगी। उनके मुताबिक, जिस संघर्ष के जरिए झारखंड राज्य हासिल किया गया, उसी तरह आंदोलन के माध्यम से खान-खनिज संशोधन विधेयक को वापस कराने के लिए भी संघर्ष किया जाएगा।
7 सितंबर को चास में धरना-प्रदर्शन
चौधरी ने मजदूरों और झारखंडवासियों से 7 सितंबर को चास प्रखंड कार्यालय में प्रस्तावित धरना-प्रदर्शन में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने की अपील की। उन्होंने कहा कि आंदोलन के जरिए केंद्र सरकार पर विधेयक वापस लेने का दबाव बनाया जाएगा।
कार्यक्रम में संयुक्त महामंत्री एनके सिंह, आरआर सोरेन, बादल कोयरी, रौशन कुमार, मानिक चंद्र साह, एसआरपी टूडू, बिनोद कुमार, धीरेन्द्र मांझी, एडब्ल्यू अंसारी, अमोद कुमार, कार्तिक सिंह, नासिर अहमद खान, पिंटू कुमार, भरत मांझी और आकाश कुमार शर्मा सहित बड़ी संख्या में मजदूर उपस्थित रहे।
