बीएसपी में मंथली इंसेंटिव स्कीम वर्ष 2007 से लागू है, जिसमें वर्तमान में अधिकतम लगभग ₹2,100 प्रतिमाह इंसेंटिव दिया जा रहा है।
- पूर्व मान्यता प्राप्त यूनियन इंटक ने प्रबंधन को झकझोरा। जल्द करें इंसेंटिव रिवाइज।
सूचनाजी न्यूज, भिलाई। स्टील एम्प्लाइज यूनियन इंटक के प्रतिनिधिमंडल की बैठक महाप्रबंधक (औद्योगिक संबंध एवं ठेका प्रकोष्ठ) राजीव कुमार के साथ हुई। बैठक में यूनियन ने कर्मचारियों के मंथली इंसेंटिव को जल्द रिवाइज कर न्यूनतम ₹10,000 प्रतिमाह करने तथा नॉन-फाइनेंशियल मोटिवेशन स्कीम को पुनः शुरू करने की मांग को लेकर निदेशक प्रभारी के नाम ज्ञापन सौंपा।
स्टील एम्प्लाइज यूनियन इंटक के महासचिव संजय कुमार साहू ने कहा कि बीएसपी में मंथली इंसेंटिव स्कीम वर्ष 2007 से लागू है, जिसमें वर्तमान में अधिकतम लगभग ₹2,100 प्रतिमाह इंसेंटिव दिया जा रहा है। वहीं वर्ष 2007 में संयंत्र की लेबर प्रोडक्टिविटी लगभग 289 टन प्रति व्यक्ति थी, जो वर्तमान में बढ़कर 800 टन प्रति व्यक्ति से अधिक हो चुकी है। इसके बावजूद इंसेंटिव राशि में अपेक्षित वृद्धि नहीं हुई है।
उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की बढ़ी हुई उत्पादकता और संयंत्र के उत्पादन में उनके योगदान को देखते हुए मंथली इंसेंटिव स्कीम में समयानुकूल संशोधन आवश्यक है। प्रबंधन को जल्द से जल्द इंसेंटिव रिवीजन की प्रक्रिया शुरू कर न्यूनतम ₹10,000 प्रतिमाह इंसेंटिव निर्धारित करना चाहिए।
महासचिव संजय कुमार साहू ने कहा कि नॉन-फाइनेंशियल मोटिवेशन स्कीम मार्च 2026 में केवल एक माह के लिए शुरू की गई थी। कर्मचारियों के मनोबल को बढ़ाने और उनके बेहतर प्रदर्शन को प्रोत्साहित करने के लिए इस योजना को नियमित रूप से पुनः शुरू किया जाना चाहिए। इससे कर्मचारियों में उत्साह बढ़ेगा तथा उत्पादन, उत्पादकता और लाभार्जन में और वृद्धि होगी।
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बैठक में इंटक यूनियन ने सीपीएफ के अस्थायी ऋण में टॉप-अप की सुविधा पुनः शुरू करने की मांग भी रखी। साथ ही बीएसपी से सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारियों के लिए आयोजित विदाई समारोह हेतु बीएसपी के क्लबों को निःशुल्क उपलब्ध कराने की मांग की गई।
यूनियन ने कर्मचारियों के क्लबों का नियमानुसार रजिस्ट्रेशन कराकर उनके संचालन की जिम्मेदारी संबंधित समिति को सौंपने तथा संयंत्र के अंदर बेस कैंटीन को पुनः चालू करने की मांग भी प्रबंधन के समक्ष रखी।
ठेका श्रमिकों के समस्याओं पर भी चर्चा की गई। ठेका श्रमिकोंको जल्द से जल्द केंद्रीय न्यूनतम वेतन लागू किया जाए, ठेका श्रमिकों को लीव कार्ड ,पेमेंट स्लिप, ऑनलाइन छुट्टी एवं रात्रि भत्ता ,आवास भत्ता, कैंटीन भत्ता, साइकिल भत्ता जल्द लागू करने की मांग की गई एवं ठेका श्रमिकों को मिलने वाले निर्धारित वेतन पूर्ण रूप से मिले इसकी व्यवस्था की जाए।
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इंटक यूनियन ने कहा कि कर्मचारियों एवं ठेका श्रमिकों की सुविधाओं और कल्याण से जुड़े इन मुद्दों का शीघ्र समाधान किया जाना चाहिए, ताकि कर्मचारियों का मनोबल ऊंचा रहे और भिलाई इस्पात संयंत्र की उत्पादन क्षमता, उत्पादकता एवं लाभार्जन को और मजबूती मिले।
बैठक में प्रबंधन की ओर से राहुल थोटे-वरिष्ठ प्रबंधक, यूनियन की ओर से पूरन वर्मा, जी.आर. सुमन, विश्वनाथ सिंह साहू, जे.के. सूर्यवंशी, रेशम राठौर, एस.बी. सिंह, सी.पी. वर्मा, ताम्रध्वज सिन्हा, राजकुमार, दीनानाथ सिंहसार्वा एवं आर. दिनेश सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।
