वित्त वर्ष 2026-27 में अप्रैल से अगस्त के दौरान प्लांट के उत्पादन में पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि की तुलना में करीब 31 प्रतिशत की वृद्धि।
सूचनाजी न्यूज, राउरकेला। सेल के राउरकेला स्टील प्लांट (RSP) के ERW पाइप प्लांट ने पाइप निर्माण के क्षेत्र में एक नया मील का पत्थर हासिल किया है। प्लांट ने एक महीने में 20 हजार टन से अधिक पाइप का उत्पादन कर नई उपलब्धि दर्ज की है। वित्त वर्ष 2026-27 में अप्रैल से अगस्त के दौरान प्लांट के उत्पादन में पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि की तुलना में करीब 31 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है।
रकेला स्टील प्लांट सेल का ऐसा प्रमुख और एकमात्र पाइप निर्माण संयंत्र है, जो B2B और B2G दोनों सेगमेंट की जरूरतों को पूरा करता है। उत्पादन में हुई यह बढ़ोतरी पाइप कारोबार में RSP की बढ़ती क्षमता और बाजार की मांग के अनुरूप उत्पादन पर फोकस को दर्शाती है।
स्पेशल ग्रेड पाइप पर जोर
RW पाइप प्लांट ने सामान्य उत्पादन के साथ-साथ स्पेशल ग्रेड पाइप पर भी अपना फोकस बढ़ाया है। प्लांट में ऐसे पाइप तैयार किए जा रहे हैं, जो कड़े API मानकों के अनुरूप हों। इसके साथ ही अधिक Diameter/Thickness Ratio वाले पाइपों के उत्पादन पर जोर दिया जा रहा है। इससे ग्राहकों को बेहतर उपयोगिता मिलने के साथ कंपनी के राजस्व और बाजार में स्थिति मजबूत होने की उम्मीद है।
8.2 किलोमीटर लंबा API X52 पाइप ऑर्डर
प्लांट की तकनीकी क्षमता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि फिलहाल ERW सुविधा में API X52 ग्रेड के एक बड़े ऑर्डर पर काम चल रहा है। इस ऑर्डर में 14 इंच व्यास और 8 मिमी मोटाई वाले पाइप की कुल लंबाई 8.2 किलोमीटर है। यह ऑर्डर तय तकनीकी मानकों और गुणवत्ता से समझौता किए बिना कठिन स्पेसिफिकेशन के पाइप तैयार करने की RSP की क्षमता को दर्शाता है।
उत्पादन से आगे, वैल्यू एडेड प्रोडक्ट पर नजर
SAIL के उत्पाद पोर्टफोलियो में पाइप की महत्वपूर्ण भूमिका है। ऐसे में RSP का रणनीतिक फोकस उत्पादन क्षमता के बेहतर इस्तेमाल, उत्पाद की गुणवत्ता में लगातार सुधार और वैल्यू एडेड पाइप उत्पादों के विस्तार पर है।
एक महीने में 20 हजार टन से अधिक उत्पादन और चालू वित्त वर्ष के शुरुआती पांच महीनों में करीब 31 प्रतिशत की वृद्धि के आंकड़े बताते हैं कि RSP का ERW पाइप प्लांट उत्पादन के साथ-साथ विशेष ग्रेड और तकनीकी रूप से उन्नत उत्पादों की दिशा में भी आगे बढ़ रहा है। आने वाले समय में यह इकाई बुनियादी ढांचा और औद्योगिक विकास से जुड़े क्षेत्रों की जरूरतों को पूरा करने में अहम भूमिका निभा सकती है।

