भिलाई टाउनशिप में पाइपलाइन महज कोई लोहे या प्लास्टिक की लाइन नहीं, बल्कि सैकड़ों परिवारों की रोजमर्रा की जरूरत से जुड़ी व्यवस्था है।
- JCB से खुदाई के दौरान लाइन टूटने से न केवल पानी की सप्लाई प्रभावित हुई, बल्कि PHE विभाग को अब इसकी मरम्मत में समय और संसाधन लगाने पड़ेंगे।
सूचनाजी न्यूज, भिलाई। भिलाई के सेक्टर-7 में कब्जे की कोशिश का खामियाजा अब आम रहवासियों को भुगतना पड़ेगा। सेंट्रल एवेन्यू से लगे दशहरा मैदान में अज्ञात लोगों द्वारा JCB मशीन से खुदाई का काम कराया जा रहा था। इसी दौरान भिलाई स्टील प्लांट के PHE विभाग की पेयजल आपूर्ति की पाइपलाइन JCB की चपेट में आ गई और क्षतिग्रस्त हो गई।
जानकारी के मुताबिक, खुदाई के दौरान 3 इंच और 9 इंच व्यास की पेयजल पाइपलाइन को नुकसान पहुंचा है। पाइपलाइन टूटने से सेक्टर-7 के एक बड़े हिस्से में पेयजल आपूर्ति प्रभावित होगी। PHE विभाग के अनुसार, पाइपलाइन क्षतिग्रस्त होने के कारण रविवार सुबह सेक्टर-7 में सड़क क्रमांक 29 से 33 तक पेयजल आपूर्ति नहीं हो सकेगी। क्षतिग्रस्त पाइपलाइन की मरम्मत पूरी होने के बाद ही इस इलाके में पानी की सप्लाई सामान्य हो पाएगी।
कब्जे की खुदाई, भुगतेगी जनता
सबसे बड़ा सवाल यही है कि सार्वजनिक उपयोग की जमीन पर JCB से खुदाई आखिर किसकी अनुमति से की जा रही थी? अगर बिना अनुमति खुदाई हो रही थी तो इसकी जवाबदेही किसकी है? और यदि अनुमति थी तो भूमिगत पेयजल पाइपलाइन की जानकारी और सुरक्षा के इंतजाम क्यों नहीं किए गए?
कब्जे या निजी इस्तेमाल के लिए सार्वजनिक जमीन को नुकसान पहुंचाने की ऐसी हरकत का सीधा असर आम लोगों पर पड़ता है। यहां भी कथित कब्जे के लिए की जा रही खुदाई ने घरों तक पहुंचने वाली पानी की लाइन ही तोड़ दी। अब इसका खामियाजा उन परिवारों को भुगतना पड़ेगा, जिनका इस खुदाई से कोई लेना-देना नहीं है।
पानी की पाइपलाइन तोड़ना मामूली बात नहीं
पेयजल पाइपलाइन महज कोई लोहे या प्लास्टिक की लाइन नहीं, बल्कि सैकड़ों परिवारों की रोजमर्रा की जरूरत से जुड़ी व्यवस्था है। JCB से खुदाई के दौरान लाइन टूटने से न केवल पानी की सप्लाई प्रभावित हुई, बल्कि PHE विभाग को अब इसकी मरम्मत में समय और संसाधन लगाने पड़ेंगे। फिलहाल विभाग ने प्रभावित क्षेत्र के रहवासियों से सहयोग की अपील की है।
पाइपलाइन का संधारण कार्य पूरा होने के बाद ही पेयजल आपूर्ति बहाल हो सकेगी। सवाल यह है कि सार्वजनिक जमीन पर कब्जे की कोशिशों पर कार्रवाई कब होगी और ऐसी खुदाई से सरकारी संपत्ति व आम जनता की सुविधाओं को नुकसान पहुंचाने वालों से नुकसान की भरपाई कौन कराएगा?

