जर्जर आवासों में रहने वाले कर्मचारियों को Out of Turn आधार पर सुरक्षित और पात्रता के अनुरूप D-टाइप आवास दिए जाएं।
- डैमेज आवासों में रह रहे कर्मचारियों को Out of Turn सुरक्षित आवास देने की मांग।
सूचनाजी न्यूज, बोकारो। सेक्टर 12 के जर्जर एवं क्षतिग्रस्त आवासों में वर्षों से निवासरत बोकारो इस्पात संयंत्र के कर्मचारियों एवं उनके परिवारों की सुरक्षा को लेकर BAKS यूनियन ने गंभीर चिंता जताई है। हाल ही में सेक्टर-12E में आवासीय ब्लॉक गिरने की घटना के बाद यूनियन ने प्रबंधन से तत्काल एवं ठोस कदम उठाने की मांग की है।
BAKS यूनियन ने कहा कि सौभाग्य से घटना में किसी प्रकार की जान-माल की क्षति नहीं हुई, लेकिन यह घटना स्पष्ट चेतावनी है कि जर्जर आवासों में रह रहे कर्मचारियों की सुरक्षा को अब प्राथमिकता के आधार पर लिया जाना चाहिए।
प्रबंधन से BAKS की प्रमुख मांगें
1. डैमेज एवं अत्यधिक जर्जर आवासों में रह रहे कर्मचारियों को Out of Turn आधार पर आवास आवंटित किया जाए।
2. ऐसे कर्मचारियों को सामान्य आवास आवंटन प्रक्रिया से अलग रखते हुए विशेष प्राथमिकता दी जाए।
3. कर्मचारियों को केवल खाली पड़े आवास नहीं, बल्कि सुरक्षित एवं उपयुक्त आवास उपलब्ध कराया जाए।
4. पूर्व में आवंटन के लिए जारी किए गए D-टाइप आवासों की पुनः समीक्षा की जाए तथा लंबे समय से अनुपयुक्त या खराब स्थिति वाले आवासों को विकल्प से हटाया जाए।
5. कर्मचारियों द्वारा किसी आवास को लेने से इनकार करने के वास्तविक कारणों की समीक्षा की जाए। केवल आवास खाली होने के आधार पर उसे उपयुक्त मानकर आवंटित नहीं किया जाए।
6. प्रभावित कर्मचारियों की पात्रता के अनुरूप सुरक्षित D-टाइप आवासों में प्लांट के नजदीक के आवासों को प्राथमिकता दी जाए।
7. पिछले 20–25 वर्षों से सेक्टर-12 में निवासरत कर्मचारियों की परिस्थितियों को विशेष रूप से ध्यान में रखा जाए। उनके बच्चों की शिक्षा, परिवार एवं दैनिक जीवन की व्यवस्थाओं को देखते हुए उन्हें अनावश्यक रूप से दूरस्थ क्षेत्रों में स्थानांतरित न किया जाए।
8. वर्तमान आवास के फ्लोर को यथासंभव बरकरार रखा जाए। ग्राउंड फ्लोर के कर्मचारी को ग्राउंड फ्लोर, प्रथम तल के कर्मचारी को प्रथम तल तथा द्वितीय तल के कर्मचारी को द्वितीय तल पर उपयुक्त आवास देने का प्रयास किया जाए।
9. आवास आवंटन के लिए पारदर्शी एवं न्यायसंगत मानदंड निर्धारित किए जाएं। इसमें आवास की संरचनात्मक स्थिति, सुरक्षा, कर्मचारी की पात्रता, वर्तमान निवास, प्लांट से दूरी एवं पारिवारिक परिस्थितियों को शामिल किया जाए।
10. सेक्टर-12 के सभी डैमेज एवं जर्जर आवासों का तत्काल सुरक्षा ऑडिट कराया जाए। जिन आवासों को रहने के लिए असुरक्षित पाया जाए, उनमें निवासरत कर्मचारियों के पुनर्वास की समयबद्ध व्यवस्था की जाए।
11. प्रभावित कर्मचारियों को आवास विकल्प देने से पहले उपलब्ध आवासों की वास्तविक स्थिति एवं रहने योग्य होने की पुष्टि की जाए।
12. आवास आवंटन की पूरी प्रक्रिया में कर्मचारियों एवं यूनियन के साथ संवाद एवं पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए।
अध्यक्ष BAKS दिलीप कुमार ने कहा
सेक्टर-12E में आवासीय ब्लॉक गिरने की घटना ने यह साबित कर दिया है कि जर्जर आवासों का मुद्दा अब केवल आवास आवंटन का विषय नहीं, बल्कि कर्मचारियों और उनके परिवारों की सुरक्षा का विषय है। हम प्रबंधन से स्पष्ट रूप से मांग करते हैं कि डैमेज एवं अत्यधिक जर्जर आवासों में रहने वाले कर्मचारियों को Out of Turn आधार पर सुरक्षित और पात्रता के अनुरूप D-टाइप आवास दिए जाएं। खाली पड़े अनुपयुक्त आवास देकर केवल आवंटन की प्रक्रिया पूरी करना समाधान नहीं है। प्रबंधन को यह देखना होगा कि कर्मचारी किसी आवास को क्यों नहीं लेना चाहते और उनकी वास्तविक आवश्यकता क्या है।”

