इंटक ने अनुकंपा नियुक्ति-मुआवजा पर प्रबंधन से की बात। बीएसपी कांट्रैक्टर्स एंड लेबर वेलफेयर सोसायटी ने हादसे का ठीकरा प्रबंधन पर फोड़ा।
- बीएसपी ठेकेदारों की मांग है कि प्रत्येक निविदा में नियोजन किए जाने वाले श्रमिकों की संख्या का उल्लेख किया जाना चाहिए।
सूचनाजी न्यूज, भिलाई। सेल भिलाई स्टील प्लांट के कोक ओवन में 14 सितंबर और ब्लास्ट फर्नेस 6 में 22 सितंबर को मजदूर की मौत हुई। एक सप्ताह में दो मौत से सेल प्रबंधन थर्रा गया है। सेफ्टी का पोस्टमार्टम करने के लिए डायरेक्टर पर्सनल केके सिंह, ईडी एमटीआई अतिरिक्त प्रभार एसएसओ संजय धर भिलाई पहुंच चुके हैं। बुधवार सुबह से ही मीटिंग का दौर शुरू हो जाएगा।
महासचिव संजय साहू बोले-परिवार के लिए इंटक प्रबंधन से टकराने को तैयार
बीएसपी फर्नेस 6 में पुशर कार की चपेट में आए मजदूर विनोद कुमार की पत्नी को अनुकंपा नियुक्ति का पत्र प्रबंधन द्वारा सौंपा जाएगा। इंटक महासचिव संजय साहू का कहना है कि बीएसपी प्रबंधन से इस मामले पर विस्तार से चर्चा हो चुकी है। 10 लाख रुपए दुर्घटना बीमा, ईएसआसी समेत अन्य सुविधाओं का मुहैया कराने में आने वाली दिक्कतों को दूर कर लिया गया है। ठेकेदार और परिवार के सदस्यों के बीच मुआवजा की राशि को लेकर जो फैसला होगा, उस पर अमल कराया जाएगा। पीड़ित परिवार के साथ यूनियन खड़ी है। दुख की घड़ी में हम सब एकजुट हैं। परिवार के लिए प्रबंधन से इंटक टकराने को तैयार है। बुधवार को पंचनामा के बाद पोस्टमार्टम किया जाएगा। शाम तक अंतिम संस्कार भी किया जाएगा।
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बीएसपी कांट्रैक्टर्स एंड लेबर वेलफेयर सोसायटी ने प्रबंधन पर फोड़ा ठीकरा
बीएसपी कांट्रैक्टर्स एंड लेबर वेलफेयर सोसायटी के अध्यक्ष सीजू एन्थोनी ने हादसे के लिए सीधे तौर पर सेल प्रबंधन को जिम्मेदार ठहराया है। 2 दशकों से लाभ अर्जित कर रहा है। बावजूद प्रबंधन द्वारा 20% श्रमिकों की कटौती की जा रही। श्रमिकों की लगातार कमी होने के कारण स्थानीय श्रमिकों में भी रोजगार की समस्या उत्पन्न हो रही है। कटौती के पूर्व लगभग 26000 ठेका श्रमिक संयंत्र में कार्यरत थे। वहीं 20% की कटौती से लगभग 5000-6000 श्रमिक बेरोजगार हो गए है।
एक ओर केंद्र सरकार स्किल डेवलपमेंट को बढ़ावा देने की बात करती है। वही दूसरी ओर स्किल फुल (कार्यकुशल) श्रमिकों को बेकार किया जा रहा है। हाल ही में 20% श्रमिक कटौती के अंतर्गत सेक्टर 9 चिकित्सालय के 17 दक्ष कर्मचारियों की सेवा समाप्त कर दी गई, जिनके द्वारा 2 दिनों तक धरना भी दिया गया था। सेल प्रबंधन द्वारा अविलम्ब 20%श्रमिक कटौती के निर्णय को वापस ले। अन्यथा भिलाई की औद्योगिक शांति भंग होने में देर नहीं लगेगी, क्योंकि कुल मिलाकर हजारों श्रमिकों के रोजी रोटी पर संकट मंडरा रहा है।
उत्पादन का बढ़ना और श्रमिकों का घटना ना तो व्यवहारिक है। ना ही तर्कसंगत है। कॉस्ट कंट्रोल करने के लिए कई फिजूल खर्चों में कमी करना चाहिए। ना कि श्रमिकों की संख्या मे कमी करना चाहिए। प्रबंधन को चाहिए कि प्रत्येक निविदा में नियोजन किए जाने वाले श्रमिकों की संख्या का उल्लेख किया जाना चाहिए।
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सीजू एन्थोनी ने प्रबंधन से मांग की है कि सुरक्षा की दृष्टि से संयंत्र में चल रहे ठेका कार्यों की समीक्षा कर श्रमिकों की न्यूनतम संख्या निर्धारित करें, ताकि कार्य स्थल पर अतिरिक्त कार्य का दबाव ना हो और ठेकेदार, श्रमिक एवं बीएसपी के अधिकारी इस तरह से होने वाले दुर्भाग्य जनक घटनाओं के कारण डिप्रेशन पर ना जाए। सोसायटी के पदाधिकारियों द्वारा इस दुर्घटना में अपनी जान गंवाने वाले ठेका श्रमिक स्व विनोद कुमार के प्रति संवेदना प्रकट किए तथा सोसायटी द्वारा प्रदान की जाने वाली 10 लाख की बीमा राशि का भुगतान यथा शीघ्र किया जाएगा।
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