कैपिटल रिपेयर चल रहा है। कर्मचारी 8 से 10 घंटे, कई बार 12 घंटे तक काम करके घर पहुंचते हैं, अंधेरे से सामना हो रहा है।
- टाउनशिप की व्यवस्था से परेशान रेल मिल कर्मियों ने दिया सीजीएम को पत्र: सीटू
सूचनाजी न्यूज, भिलाई। सेल के सीएमडी डाक्टर अशोक कुमार पंडा सेफ्टी का पाठ भिलाई के कला मंदिर में सबको पढ़ा रहे हैं। मकसद ये है कि हादसों को रोका जा सके। लेकिन, हकीकत ये है कि कार्मिक रातभर सो नहीं पा रहे हैं। टाउनशिप की बदहाल व्यवस्था ने नाक में दम कर रखा है। आधी-अधूरी नींद के चलते कार्यस्थल पर हादसे का डर बना हुआ है। इसको देखते हुए रेल मिल के कर्मचारियों ने अपने डिपार्टमेंट के सीजीएम को पत्र लिखा। पूरा दुखड़ा सुना दिया है।
इसको पढ़ने के बाद अब तो यही लगता है कि सीएमडी साहब को भिलाई टाउनशिप के जिम्मेदारों को पाठ पढ़ाने के बजाय गाज गिराकर जाना चाहिए। वैसे, इस मांग पत्र की कॉपी सीएमडी को भी वाट्सएप पर भेजी जा रही है। हिंदुस्तान स्टील एम्प्लाइज यूनियन (सीटू) ने भिलाई इस्पात संयंत्र के टाउनशिप से सम्बंधित कर्मचारियों के सामने लगातार बनी हुई समस्याओं, विशेषकर अनियमित विद्युत आपूर्ति को लेकर नगर सेवाएं विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाते हुए रेल मिल के मुख्य महाप्रबंधक को पत्र देकर उसकी प्रतिलिपि कार्यपालक निदेशक (संकार्य) एवं कार्यपालक निदेशक (मानव संसाधन) को दिया।
यूनियन के उपाध्यक्ष केंवेद्र सुंदर ने कहा कि निर्बाध रूप से विद्युत आपूर्ति न होने के कारण संयंत्र के कर्मी घर जाने के बाद घंटो परेशान रहते हैं, जिसका विपरीत असर उत्पादन पर पड़ रहा है। सुरक्षा व्यवस्था पर भी इसका असर पढ़ना तय है।
शिकायतों का जवाब नहीं, फिर कर्मचारियों की समस्या सुनेगा कौन
सीटू ने कहा कि टाउनशिप में बिजली, पानी, सड़क, सफाई और अन्य नागरिक सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं को लेकर कर्मचारी लगातार परेशान हैं। जब जिम्मेदार विभाग के अधिकारियों से संपर्क करने पर फोन नहीं उठाया जाता और संदेशों का भी जवाब नहीं मिलता, तो कर्मचारियों की समस्याएं आखिर किसके सामने रखी जाएं? क्या शिकायतों के समाधान के लिए कर्मचारियों और यूनियन को बार-बार अधिकारियों के पीछे भागना पड़ेगा? मैनपावर की कमी का हवाला देकर समस्याओं को लंबित रखना किसी भी स्थिति में उचित नहीं है।
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आधी रात को बिजली आने से कर्मचारियों को आराम कब मिलेगा
सीटू ने कहा कि वर्तमान में रेल एवं स्ट्रक्चरल मिल में कैपिटल रिपेयर का काम चल रहा है। कर्मचारी 8 से 10 घंटे, कई बार 12 घंटे तक कठिन परिस्थितियों में काम करने के बाद जब घर पहुंचते हैं, तब भी उन्हें नियमित बिजली नहीं मिलती। कई बार आधी रात को बिजली आती है और कभी पूरी रात बिजली बंद रहती है। ऐसे में कर्मचारी पर्याप्त नींद और आराम से वंचित होकर अगले दिन फिर ड्यूटी पर पहुंचने के लिए मजबूर हैं। यह केवल सुविधा का नहीं, बल्कि कर्मचारियों के स्वास्थ्य और औद्योगिक सुरक्षा का गंभीर प्रश्न है।
क्रेन ऑपरेटरों की एकाग्रता प्रभावित हुई तो जिम्मेदारी किसकी होगी
सीटू नेताओं द्वारा विशेष रूप से क्रेन ऑपरेटरों और अन्य संवेदनशील कार्यों में लगे कर्मचारियों की सुरक्षा पर सवाल उठाया। क्रेन ऑपरेटरों को भारी उपकरणों और क्रेनों का संचालन करते हुए बाहरी एजेंसियों के कर्मचारियों के साथ समन्वय करना पड़ता है। ऐसे कार्यों में पर्याप्त नींद, सतर्कता और एकाग्रता बेहद जरूरी है। यदि कर्मचारी रातभर बिजली की समस्या के कारण ठीक से सो नहीं पाता और अगले दिन संवेदनशील कार्य करता है, तो किसी भी समय गंभीर औद्योगिक दुर्घटना की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। यदि पर्याप्त आराम नहीं मिलने से कार्यस्थल पर दुर्घटना होती है तो इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा?
सेफ्टी ट्रेनिंग एक तरफ और जमीनी हकीकत दूसरी तरफ क्यों
सीटू ने प्रबंधन से सवाल किया कि कर्मचारियों को सेफ्टी ट्रेनिंग में पर्याप्त आराम, सतर्कता, एकाग्रता और सुरक्षित कार्यप्रणाली के महत्व की लगातार जानकारी दी जाती है। लेकिन यदि कर्मचारी को घर पहुंचने के बाद ही पर्याप्त नींद और आराम नहीं मिलेगा, तो इन सुरक्षा सिद्धांतों को व्यवहार में कैसे लागू किया जाएगा? प्रबंधन को यह बताना चाहिए कि सेफ्टी केवल कार्यस्थल की चारदीवारी तक सीमित है या कर्मचारी के पर्याप्त आराम को भी सुरक्षा व्यवस्था का हिस्सा माना जाएगा?
टाउनशिप से समाधान नहीं मिला तो अब वर्क्स मैनेजमेंट के सामने उठाएंगे मुद्दा : सीटू
सीटू ने कहा कि टाउनशिप प्रबंधन के समक्ष बार-बार समस्याएं उठाने और समाधान के लिए प्रयास करने के बावजूद जब सुनवाई नहीं हो रही है, तो यूनियन ने तय किया है कि अब कर्मचारियों की समस्याओं को वर्क्स मैनेजमेंट के सामने उठाया जाएगा। सीटू ने कहा कि हम सीधे उत्पादन प्रक्रिया से जुड़े कर्मचारियों के साथ टाउनशिप तथा अस्पताल के कर्मचारियों के साथ भी खड़े हैं और जहां कर्मचारी उत्पादन में अपनी मेहनत और जिम्मेदारी निभा रहे हैं, वहीं से उनकी समस्याओं को प्रबंधन के समक्ष मजबूती से उठाना शुरू करेंगे।
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सीटू ने की ये मांग
सीटू ने मांग की कि संयंत्र के विभिन्न विभागों में कार्यरत कर्मचारियों के आवासीय क्षेत्रों में नियमित और निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की जाए, नगर सेवाएं विभाग के अधिकारियों को कर्मचारियों और यूनियन की शिकायतों पर समयबद्ध कार्रवाई तथा संवाद सुनिश्चित करने के निर्देश दिए जाए, कर्मचारियों से सुरक्षित उत्पादन की अपेक्षा करने वाले प्रबंधन को उनके सुरक्षित और पर्याप्त आराम की व्यवस्था सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी भी निभाई जाए।
