पति-पत्नी दोनों को HRA नहीं, केंद्र सरकार ने राज्यसभा में दिया जवाब

एचआरए का मामला राज्यसभा में सांसद सुमित्रा बाल्मिक के सवाल के माध्यम से उठाया गया था। सूचनाजी न्यूज, नई दिल्ली। केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए हाउस रेंट अलाउंस (HRA) को लेकर सरकार ने राज्यसभा में स्थिति स्पष्ट की है। वित्त मंत्रालय के की ओर से दिए गए जवाब के मुताबिक, यदि पति-पत्नी दोनों केंद्र

  • एचआरए का मामला राज्यसभा में सांसद सुमित्रा बाल्मिक के सवाल के माध्यम से उठाया गया था।
सूचनाजी न्यूज, नई दिल्ली। केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए हाउस रेंट अलाउंस (HRA) को लेकर सरकार ने राज्यसभा में स्थिति स्पष्ट की है। वित्त मंत्रालय के की ओर से दिए गए जवाब के मुताबिक, यदि पति-पत्नी दोनों केंद्र सरकार के कर्मचारी हैं और एक ही स्टेशन पर तैनात हैं तथा दोनों में से किसी एक को सरकारी आवास आवंटित हो जाता है, तो दूसरे पति या पत्नी को HRA का भुगतान नहीं किया जाएगा। यह मामला राज्यसभा में सांसद सुमित्रा बाल्मिक के सवाल के माध्यम से उठाया गया था। उन्होंने पूछा था कि जब पति-पत्नी दोनों सरकारी कर्मचारी हों और सरकार द्वारा आवंटित आवास में साथ रह रहे हों, तो दोनों के HRA से कटौती किए जाने के पीछे क्या तर्क है। साथ ही उन्होंने यह भी पूछा था कि क्या कर्मचारियों या कर्मचारी संगठनों की ओर से इस नीति पर पुनर्विचार की मांग की गई है और क्या सरकार इसे अधिक न्यायसंगत बनाने के लिए नियमों की समीक्षा करने का प्रस्ताव रखती है। ये खबर भी पढ़ें: SAIL CMD की फोटो लगाकर WhatsApp पर फर्जीवाड़े की कोशिश, प्रबंधन ने किया सतर्क राज्यसभा में पूछे गए सवाल का जवाब सरकार ने ये दिया वित्त मंत्रालय में राज्य मंत्री पंकज चौधरी की ओर से दिए गए जवाब में कहा गया कि HRA उन केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों को दिया जाता है, जिन्हें सरकारी आवास उपलब्ध नहीं कराया गया है। इसका उद्देश्य आवास किराये पर लेने में होने वाले खर्च की भरपाई करना है। ये खबर भी पढ़ें: Bhilai Steel Plant: इस्पात भवन घेराव आज नहीं, अब 8 अगस्त की शाम को, और बड़ा हुआ आंदोलन सरकार ने स्पष्ट किया कि यदि पति-पत्नी दोनों सरकारी कर्मचारी हैं, एक ही स्टेशन पर तैनात हैं और उनमें से किसी एक को सरकारी आवास आवंटित हो जाता है, तो परिवार को सरकारी आवास उपलब्ध माना जाता है। ऐसे में दूसरे पति या पत्नी को आवास के लिए अलग से खर्च नहीं करना पड़ता। इसलिए दूसरे कर्मचारी को HRA देना नियमों के तहत स्वीकार्य नहीं है। ये खबर भी पढ़ें: SAIL Rourkela Steel Plant: 31 अधिकारियों ने लिए वीआर, 6 का रिटायरमेंट, एग्जीक्यूटिव्स एसोसिएशन ने दी विदाई नीति में बदलाव का फिलहाल प्रस्ताव नहीं राज्यसभा में सरकार से यह भी पूछा गया कि क्या कर्मचारियों या उनके सेवा संगठनों की ओर से इस नीति पर पुनर्विचार के लिए कोई प्रतिनिधित्व मिला है। सरकार ने इसका जवाब ‘नहीं’ में दिया। क्या सरकार इस नीति की समीक्षा करने का प्रस्ताव रखती है, इस सवाल पर भी सरकार ने ‘नहीं’ कहा। इसलिए मौजूदा जवाब के आधार पर पति-पत्नी दोनों के सरकारी कर्मचारी होने और एक को सरकारी आवास मिलने की स्थिति में दूसरे को HRA देने के नियम में फिलहाल किसी बदलाव का प्रस्ताव नहीं है। ये खबर भी पढ़ें: SAIL BSL के अधिकारियों का सामना डीआइसी-ईडी से, दनादन दगे सवाल…