बीएसपी आवास: राउरकेला में लाइसेंस, भिलाई में क्यों नहीं? विधायक देवेंद्र यादव का BSP DIC को पत्र, बढ़ी आस
BSP Quarter: विधायक देवेंद्र यादव ने RSP की लाइसेंसिंग स्कीम का दिया हवाला। भिलाई में आवास विवाद के बीच विधायक देवेंद्र यादव ने BSP डायरेक्टर इंचार्ज को पत्र लिखकर RSP की क्वार्टर लाइसेंसिंग स्कीम-2026 की तर्ज पर आवास आवंटित करने की मांग की।
सूचनाजी न्यूज, भिलाई। सेल (SAIL) भिलाई स्टील प्लांट (BSP) के आवासों से लीज, लाइसेंस और रिटेंशनधारियों का मामला अभी शांत नहीं हुआ है। आवास खाली कराने की कार्रवाई और पूर्व कर्मचारियों के परिवारों की परेशानी के बीच अब राउरकेला स्टील प्लांट की आवास योजना के पत्र से भिलाई में आस बढ़ गई है। विधायक देवेंद्र यादव ने इस मुद्दे पर हस्तक्षेप किया है। उन्होंने सेल की ही दूसरी इकाई राउरकेला स्टील प्लांट (RSP) की क्वार्टर लाइसेंसिंग स्कीम-2026 का हवाला देते हुए बीएसपी के डायरेक्टर इंचार्ज को पत्र लिखा है।
30 अक्टूबर 2026 को लिखे पत्र में विधायक ने मांग की है कि राउरकेला स्टील प्लांट की तर्ज पर भिलाई में भी आवासों को क्वार्टर लाइसेंसिंग स्कीम के तहत आवंटित करने की कार्रवाई की जाए। उन्होंने प्रबंधन से ऐसे आवासों के आवंटन पर विचार करने का आग्रह किया है, जिन्हें पूर्व कर्मचारियों के परिजन वर्तमान में खाली नहीं कर रहे हैं और जिनके परिवार भिलाई में निवासरत हैं।
राउरकेला की स्कीम को बनाया आधार
विधायक देवेंद्र यादव ने अपने पत्र में बताया है कि राउरकेला स्टील प्लांट के टाउन सर्विसेज डिपार्टमेंट ने 9 अक्टूबर 2026 को क्वार्टर लाइसेंसिंग स्कीम-2026 के तहत आवास आवंटन की प्रक्रिया शुरू की है। इसके अंतर्गत निर्धारित पात्रता पूरी करने वाले वर्तमान कर्मचारियों, पूर्व कर्मचारियों और मृत कर्मचारियों के पात्र आश्रित जीवनसाथियों को लाइसेंस आधार पर आवास उपलब्ध कराने का प्रावधान किया गया है।
विधायक ने इसी व्यवस्था का हवाला देते हुए बीएसपी प्रबंधन से अनुरोध किया है कि भिलाई में भी खाली आवासों को इस योजना की तर्ज पर लाइसेंस आधार पर आवंटित करने की पहल की जाए। उनका कहना है कि इससे आवासों का उपयोग सुनिश्चित करने के साथ ही उन परिवारों को भी राहत मिल सकती है, जो लंबे समय से भिलाई में रह रहे हैं। वर्तमान में विधायक देवेंद्र यादव दिल्ली में हैं। लौटते ही बीएसपी के डायरेक्टर इंचार्ज और ईडी एचआर से मिलकर इस विषय पर अमल कराने की बात रखेंगे।
55 महीने का लाइसेंस, आगे 11 महीने बढ़ाने का प्रावधान
राउरकेला स्टील प्लांट की क्वार्टर लाइसेंसिंग स्कीम-2026 में आवासों का आवंटन सामान्य स्थायी आवंटन के बजाय लाइसेंस के आधार पर किया जाना है। शुरुआती लाइसेंस अवधि 55 महीने निर्धारित की गई है। निर्धारित शर्तों के पालन और प्रबंधन के विवेक के आधार पर इसे एक बार में 11 महीने के लिए आगे बढ़ाया जा सकता है।
इस योजना में वर्तमान कर्मचारियों के अलावा पूर्व कर्मचारियों की कुछ निर्धारित श्रेणियों को भी आवेदन का अवसर दिया गया है। इनमें सेवानिवृत्त, वीआरएस लेने वाले और 57 वर्ष की आयु के बाद इस्तीफा देकर सेवा से अलग हुए कर्मचारी शामिल हैं।
मृत पूर्व कर्मचारियों के पात्र जीवनसाथी के लिए भी प्रावधान रखा गया है। मृत्यु, स्थायी पूर्ण दिव्यांगता, मेडिकल अनफिट और मेडिकल इनवैलिडेशन जैसी परिस्थितियों में सेवा से अलग हुए कर्मचारियों के परिवार भी निर्धारित शर्तों के तहत आवेदन कर सकते हैं। हालांकि, इसके लिए अनुकंपा नियुक्ति से संबंधित शर्तें लागू हैं।
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22 हजार आवास, करीब 9 हजार कार्मिक: RSP के सामने भी चुनौती
राउरकेला स्टील प्लांट में करीब 22 हजार आवास हैं, जबकि वर्तमान कार्मिकों की संख्या लगभग 9 हजार बताई जा रही है। ऐसे में उपलब्ध आवासीय संपत्तियों का बेहतर इस्तेमाल और उनसे राजस्व अर्जित करने की संभावना प्रबंधन के लिए महत्वपूर्ण है।
क्वार्टर लाइसेंसिंग स्कीम के जरिए प्रबंधन खाली आवासों का इस्तेमाल सुनिश्चित करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। हालांकि, सर्कुलर में इस योजना से होने वाली संभावित कमाई का कोई अनुमान नहीं दिया गया है। इस योजना के लिए ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए गए हैं और आवेदन की अंतिम तारीख 8 नवंबर 2026 निर्धारित है।
अब बीएसपी प्रबंधन के फैसले पर नजर
भिलाई में आवासों को लेकर पिछले कुछ समय से विवाद और असंतोष का माहौल बना हुआ है। लीज, लाइसेंस और रिटेंशन के तहत आवासों में रह रहे लोगों को मकान खाली करने के नोटिस और कार्रवाई का सामना करना पड़ रहा है। खासकर सेवानिवृत्त और मृत कर्मचारियों के परिवारों की ओर से आवास में रहने की व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं।
ऐसे समय में विधायक देवेंद्र यादव ने राउरकेला स्टील प्लांट की नीति को भिलाई में भी अपनाने का सुझाव दिया है। अब देखना होगा कि बीएसपी प्रबंधन इस मांग पर क्या रुख अपनाता है और क्या भिलाई में भी खाली आवासों के उपयोग के लिए क्वार्टर लाइसेंसिंग जैसी कोई व्यवस्था लागू करने पर विचार किया जाता है। फिलहाल विधायक का पत्र बीएसपी प्रबंधन के सामने एक वैकल्पिक व्यवस्था पर विचार करने का मुद्दा लेकर पहुंचा है।