- चेम्बर अपने सभी सदस्यों से अनुरोध करती है कि किसी भी प्रकार का नोटिस या सूचना प्राप्त होने पर तुरंत चेम्बर कार्यालय को सूचित करें।
सूचनाजी न्यूज, भिलाई। भिलाई स्टील सिटी चेम्बर ऑफ कामर्स एवं टीम CAIT भिलाई के अथक प्रयासों के फलस्वरूप, भिलाई इस्पात संयंत्र प्रशासित क्षेत्र के लीज नवीनीकरण प्रकरण में दुकानदारों को भेजे जा रहे बेदखली नोटिसों का मामला अब सीधे केंद्रीय इस्पात मंत्रालय के स्तर पर पहुंच गया है।
नेशनल ट्रेडर्स वेलफेयर बोर्ड (NTWB), वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय, भारत सरकार के चेयरमैन सुनील जे. सिंघी ने 25 मार्च 2026 को इस्पात मंत्रालय के सचिव संदीप पौंड्रिक, IAS को पत्र लिखकर इस मामले में तत्काल कार्यवाही करने का अनुरोध किया है।
अमर परवानी की महत्वपूर्ण भूमिका
इस पूरे प्रकरण में NTWB के बोर्ड सदस्य एवं CAIT के वरिष्ठ नेता अमर परवानी की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही है। श्री परवानी ने न केवल NTWB चेयरमैन सुनील जे. सिंघी की छत्तीसगढ़ यात्रा के दौरान उनसे सीधे भेंट कर यह मामला उनके संज्ञान में लाया, बल्कि NTWB की साप्ताहिक वीडियो कॉन्फ्रेंस में भी इस विषय को प्रमुखता से उठाया। उनके सतत प्रयासों एवं पैरवी के कारण ही यह मामला NTWB के माध्यम से औपचारिक रूप से इस्पात मंत्रालय तक पहुंचाया जा सका। श्री परवानी ने 24 मार्च 2026 को NTWB चेयरमैन को पत्र लिखकर लगभग 1,000 छोटे दुकानदारों की पीड़ा से अवगत कराते हुए तत्काल अंतरिम राहत प्रदान करने का आग्रह किया।
मामले के मुख्य तथ्य
भिलाई टाउनशिप के लगभग 1,000 छोटे दुकानदार इस प्रकरण से सीधे प्रभावित हैं और उनके परिवारों सहित लगभग 10,000 व्यक्तियों की आजीविका दांव पर है। ये दुकानदार वर्षों से उन्हीं परिसरों में व्यवसाय एवं निवास कर रहे हैं और यह उनकी आजीविका का एकमात्र आधार है। 2008 की बोर्ड नीति की समीक्षा संबंधी कई अभ्यावेदन सक्षम प्राधिकारियों के समक्ष विचाराधीन हैं और मामला अभी अंतिम रूप से निर्णीत नहीं हुआ है। इसके बावजूद भिलाई इस्पात संयंत्र प्रशासन द्वारा बेदखली नोटिस जारी किए जा रहे हैं।
ज्ञानचंद जैन के अथक प्रयास
कैट छत्तीसगढ़ के वरिष्ठ उपाध्यक्ष एवं भिलाई स्टील सिटी चेम्बर के अध्यक्ष ज्ञानचंद जैन इस आंदोलन की रीढ़ रहे हैं। उन्होंने जमीनी स्तर पर दुकानदारों को संगठित कर उनकी समस्याओं को सुव्यवस्थित रूप से प्रशासन एवं सरकार के समक्ष प्रस्तुत किया। श्री जैन ने चेम्बर की ओर से NTWB को लिखे गए पत्र में स्पष्ट किया कि ये दुकानदार केवल व्यवसायी नहीं, बल्कि अपने परिवारों के साथ इन्हीं परिसरों में वर्षों से निवासरत हैं। उनकी यह पहल ही CAIT एवं NTWB तक मामला पहुंचाने का आधार बनी।
कैट भिलाई के अध्यक्ष सुरेश रत्नानी ने कहा “जब तक लंबित अभ्यावेदनों पर समुचित विचार कर कोई निर्णय नहीं ले लिया जाता, तब तक यथास्थिति बनाए रखी जाए। ऐसा करने से प्रभावित व्यक्तियों में विश्वास बना रहेगा तथा न्याय एवं समानता के सिद्धांतों का संरक्षण होगा।” चेम्बर अपने सभी सदस्यों से अनुरोध करती है कि किसी भी प्रकार का नोटिस या सूचना प्राप्त होने पर तुरंत चेम्बर कार्यालय को सूचित करें।















