BHILAI STEEL PLANT: सांसद ताराचंद साहू को 5 लाख की रिश्वत देते पकड़ाया था लोहा चोर ठेकेदार पवन लाखोटिया, CISF डिप्टी कमांडेंट भी थे आरोपित

BHILAI STEEL PLANT Contractor Pawan Lakhotia was Caught Giving a Bribe of Rs 5 Lakh to MP Tarachand Sahu CISF Deputy Commandant Was Also Accused
  • पूर्व सांसद ताराचंद साहू के बेटे दीपक ताराचंद साहू ने पवन लाखोटिया की गिरफ्तारी की पूरी कहानी बयां की।

सूचनाजी न्यूज, भिलाई। स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड-सेल के भिलाई स्टील प्लांट में फेरो स्क्रैप निगम लिमिटेड-एफएसएनएल (Ferro Scrap Nigam Limited-FSNL) का काम मार्च से बंद हो जाएगा। इसके स्थान पर लाखोटिया ग्रुप काम शुरू करेगा। 293 करोड़ के काम को 225 करोड़ में श्री लाखोटिया ग्रुप यानी Shree International Vyapar Private Limited (SIVPL) ने लिया है।

भिलाई स्टील प्लांट में अचानक से पवन लाखोटिया सुर्खियों में आ गए हैं। भ्रष्टाचार की यादें ताजा हो गई। स्लैग की आड़ में लोहा चोरी कराने वाले उद्योगपति ठेकेदार पवन लाखोटिया को तत्कालीन सांसद ताराचंद साहू ने रंगे हाथ पकड़वाया था।

पूरे घटनाक्रम को पूर्व सांसद के बेटे दीपक ताराचंद साहू ने सूचनाजी.कॉम से साझा किया। किस तरह आरोपित पवन लाखोटिया को एंटी करप्शन की टीम ने पकड़ा और सीआइएसएफ की क्या भूमि थी, इस पर खुलकर बातचीत की।

दीपक तारा चंद साहू की जुबानी पवन लाखोटिया के भ्रष्टाचार की कहानी

-भिलाई स्टील प्लांट में ठेकेदार पवन लाखोटिया का काम स्लैग आदि को लेकर चल रहा था।

-बीएसपी के अधिकारियों और सीआइएसएफ की मिलीभगत से स्लैग की आड़ में लोहा बाहर जाने लगा।

-इस भ्रष्टाचार की शिकायत कर्मचारियों ने पूर्व सांसद ताराचंद साहू से की थी।

-पूर्व सांसद ताराचंद साहू ने स्थानीय प्रबंधन के अलावा सेल कारपोरेट आफिस से शिकायत की।

-बड़े पैमाने पर हो रही चोरी पर लगाम लगाने के बजाय छूट मिलती गई।

-पवन लाखोटिया भिलाई के बंगला नंबर 21 में खुद पहुंचा और पूर्व सांसद से समझौता करने की बात करने लगा।

-पवन लाखोटिया ने खुलकर कहा था कि सेल और बीएसपी के अधिकारियों को कोई प्रॉब्लम नहीं है तो आप क्यों परेशान हो रहे हैं।

-इस मीटिंग के बाद दोबारा मिलने की बात पवन लाखोटिया ने कही। लेकिन, इस बार पूर्व सांसद ने पूरा घटनाक्रम एंटी करप्शन ब्यूरो को बताया।

-भ्रष्टाचारी उद्योगपति पवन लाखोटिया को दबोचने के लिए भिलाई स्टील प्लांट द्वारा सांसद को आवंटित बंगला नंबर 21 पर घेराबंदी की गई।

-एंटी करप्शन ब्यूरो के 8 लोगों की टीम घर के अंदर मौजूद रही। भ्रष्टाचार के मामले पर सेटिंग करने की नीयत से पवन लाखोटिया सांसद के घर पहुंचा।

-काफी देर तक बातचीत के बाद पवन ने 5 लाख रुपए कैश निकालकर उन्हें भेंट करते हुए कहा-ये मेरी तरफ से हर माह इतनी राशि दी जाएगी। या सालाना एमाउंट आप बता दीजिए या आप जितना बोलेंगे-उतनी राशि मैं दे दूंगा।

-यह दृश्य बगल के कमरे में मौजूद एंटी करप्शन ब्यूरो के सदस्य शीशे के पीछे से रिकॉर्ड कर रहे थे, उसी समय रंगे हाथ पवन लाखोटिया को गिरफ्तार किया गया था। आरोपी के रूप में तत्कालीन डिप्टी कमांडेंट भी थे।

-आरोपी पवन लाखोटिया को 2 साल के कैद की सजा हुई थी। आरोपी सीआईएसएफ के डिप्टी कमांडेंट अभय कुमार गुप्ता को न्यायालय ने दोषमुक्त कर दिया था। यह फैसला विशेष न्यायाधीश सत्येन्द्र कुमार साहू के न्यायालय ने सुनाया था।