बगैर सेफ्टी खंबे पर चढ़ाया मजदूर को, गिरने से टूटी हड्डी, अब BSP अधिकारी, ठेकेदार समेत 6 पर FIR

Bhilai Steel Plant Laborers Bone Fractured FIR Filed Against BSP Official, Contractor and 6 Others
  • BSP टाउनशिप के ठेकेदार व अधिकारियों पर एफआईआर।
  • पीड़ित मजदूर ने पुलिस अधिक्षक दुर्ग के पास लिखित शिकायत भी किया है।

सूचनाजी न्यूज, भिलाई। भिलाई स्टील प्लांट (BSP) टाउनशिप में ठेका श्रमिक से कथित तौर पर लापरवाहीपूर्वक बिना सुरक्षा उपकरण के बिजली खंभे पर काम कराए जाने और दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल होने का मामला सामने आया है। इस संबंध में पुलिस ने ठेकेदार समेत BSP टाउनशिप प्रबंधन से जुड़े 6 लोगों के खिलाफ अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है।

पीड़ित श्रमिक ललित कुमार चन्द्राकर (निवासी ग्राम चंदखुरी, जिला दुर्ग) ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह पिछले करीब 12 वर्षों से BSP टाउनशिप में ठेका श्रमिक के रूप में बिजली कार्य करता आ रहा है।

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3 सितंबर 2025 को ठेकेदार शंकर दयाल सिंह उसे सेक्टर-06 स्थित जगदंबा मंदिर के पास बिजली खंभे पर काम कराने ले गया। मौके पर BSP प्रबंधन से जुड़े राजकिशोर, दिलीप राणे, टिकेंद्र ठाकुर, अशोक साहू तथा महिपाल देशमुख भी मौजूद थे।

शिकायत के अनुसार बिजली का खंभा “बेंड” था और क्रेन के सहारे रखा गया था। पीड़ित ने बिना सेफ्टी बेल्ट, हेलमेट और गमबूट के खंभे पर चढ़ने से मना किया, लेकिन आरोप है कि सभी ने “कुछ नहीं होगा” कहकर जबरन खंभे पर चढ़ा दिया। काम के दौरान क्रेन और रस्सी से खंभा खींचे जाने से पीड़ित की कमर में लगा झूला खिसक गया और वह लगभग 15 फीट ऊंचाई से नीचे गिर पड़ा।

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हादसे में ललित कुमार की रीढ़ की हड्डी, दाहिने हाथ और पैर/कुल्हे की हड्डी टूटने की बात सामने आई है। पहले उसे सेक्टर-9 अस्पताल, फिर ईएसआई अस्पताल और बाद में हाइटेक अस्पताल में भर्ती कराया गया।

पीड़ित का आरोप है कि पूरी तरह ठीक न होने के बावजूद उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी गई और ठेकेदार द्वारा उचित मुआवजा देने व काम पर वापस रखने का आश्वासन देकर टालमटोल की जाती रही। चार महीने बीतने के बाद भी कोई मुआवजा नहीं मिला, जबकि इलाज पर करीब एक लाख रुपये खर्च हो चुके हैं।

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पीड़ित ने यह भी आरोप लगाया है कि टाउनशिप के कुछ अधिकारियों द्वारा केस न करने का दबाव बनाया जा रहा है और मानसिक प्रताड़ना दी जा रही है। उसने अपने और परिवार की सुरक्षा को लेकर भी आशंका जताई है।

पुलिस के अनुसार जांच में प्रथम दृष्टया भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 289 एवं 125(बी) के तहत अपराध पाया गया है। मामले में ठेकेदार और BSP टाउनशिप प्रबंधन से जुड़े नामजद व्यक्तियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी गई है।

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बीएसपी अधिकारी राजकिशोर, ठेकेदार शंकर दयाल सिंह के अलावा दिलीप राणे, टिकेंद्र ठाकुर, अशोक साहू, महिपाल देशमुख के खिलाफ एफआइआर दर्ज की गई है। पुलिस का कहना है कि जांच के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।