ओवरसाइज ब्लूम फर्नेस में चला गया, तो तकनीकी समस्या या बड़ा हादसा होने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।
- कई वर्षों से नहीं बदला गया टूटा ग्लास, ऑपरेटरों का दावा-हाई रिस्क एरिया में अनसेफ माहौल में करना पड़ रहा काम।
- BSP के रेल एंड स्ट्रक्चरल मिल में सुरक्षा पर सवाल: फर्नेस पुलपिट में हीट-प्रूफ ग्लास की जगह प्लास्टिक, कर्मचारियों ने जताई चिंता।
सूचनाजी न्यूज, भिलाई। सेल में हर दिन कहीं न कहीं कर्मचारियों की मौत हो रही है। हादसों का ग्राफ तेजी से बढ़ा है। बावजूद, बीएसपी सुधरने का नाम नहीं ले रहा। ताज़ा मामला भिलाई स्टील प्लांट (BSP) के रेल एंड स्ट्रक्चरल मिल (RSM) के फर्नेस एरिया का है। यहां सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल उठाए जा रहे हैं।
कर्मचारियों का आरोप है कि फर्नेस एरिया के पुलपिट-4 में वर्षों पहले टूटे हीट-प्रूफ ग्लास की जगह आज भी प्लास्टिक शीट लगाकर काम चलाया जा रहा है। इससे ऑपरेटरों को काम करने में कठिनाई होने के साथ-साथ सुरक्षा संबंधी जोखिम भी बना हुआ है। सामने साफ नजर नहीं आता है। इससे किसी दिन हादसा होना तय है।
कर्मचारियों का कहना है कि फर्नेस एरिया की अत्यधिक गर्मी को देखते हुए पहले यहां हीट-प्रूफ ग्लास लगाए गए थे। लेकिन ग्लास टूटने के बाद उन्हें बदलने के बजाय प्लास्टिक शीट लगाकर व्यवस्था को अस्थायी रूप से चलाया जा रहा है। उनका दावा है कि पिछले करीब दस वर्षों में कई बार कैपिटल रिपेयर हुए, लेकिन पुलपिट की स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ।
दो फर्नेस का कंट्रोल होता है पुलपिट-4 से
पुलपिट वह स्थान होता है जहां से फर्नेस और अन्य उपकरणों का संचालन एवं नियंत्रण किया जाता है। रेल एंड स्ट्रक्चरल मिल के पुलपिट-4 से दो फर्नेस संचालित किए जाते हैं। इसी पुलपिट से पुशर के माध्यम से ब्लूम को फर्नेस के भीतर भेजा जाता है। दोनों फर्नेस पुलपिट से लगभग 20 से 25 फीट की दूरी पर स्थित हैं।
कर्मचारियों का कहना है कि ऑपरेटरों के लिए बाहर का दृश्य स्पष्ट दिखाई देना बेहद आवश्यक होता है। लेकिन टूटी हुई कांच की जगह प्लास्टिक लगाए जाने के कारण दृश्यता प्रभावित हो रही है, जिससे संचालन के दौरान जोखिम बढ़ सकता है।
सुरक्षा से जुड़ी गंभीर चिंता
बीएसपी कर्मचारियों का कहना है कि फर्नेस की अत्यधिक गर्मी के कारण ऐसी स्थिति में सुरक्षा मानकों का विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए। उनका आरोप है कि कई बार शिकायत किए जाने के बावजूद अब तक नए ग्लास नहीं लगाए गए हैं।
उनका यह भी कहना है कि यदि ऑपरेटर को ब्लूम की स्थिति स्पष्ट नहीं दिखी और ओवरसाइज ब्लूम फर्नेस में चला गया, तो तकनीकी समस्या या बड़ा हादसा होने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।
सुरक्षा अभियान पर भी उठे सवाल
कर्मचारियों ने सवाल उठाया कि हर शिफ्ट की शुरुआत में सेफ्टी टॉक आयोजित की जाती है और दुर्घटनाओं की रोकथाम पर जोर दिया जाता है, लेकिन हाई रिस्क एरिया में लंबे समय से बनी इस स्थिति का समाधान नहीं किया जा रहा है। उनका कहना है कि कर्मचारियों के उपयोग वाले स्थानों, जैसे रेस्ट रूम और शौचालयों में भी साफ-सफाई और रखरखाव की स्थिति संतोषजनक नहीं है।
प्रबंधन से तत्काल कार्रवाई की मांग
कर्मचारियों ने प्रबंधन से पुलपिट-4 में सुरक्षा मानकों के अनुरूप हीट-प्रूफ ग्लास तत्काल लगाने, कार्यस्थल की मरम्मत कराने तथा फर्नेस एरिया में सुरक्षा व्यवस्था की व्यापक समीक्षा करने की मांग की है।

